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कैलारस चीनी मिल फिर से खुलेगी: सीएम मोहन यादव का ऐलान, मुरैना के किसानों को मिलेगा फायदा

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कैलारस चीनी मिल फिर से खुलेगी: सीएम मोहन यादव का ऐलान, मुरैना के किसानों को मिलेगा फायदा

सारांश

मुरैना की बंद कैलारस चीनी मिल फिर से खुलेगी — यह सीएम मोहन यादव का बलराम कृषि महोत्सव में बड़ा ऐलान है। साथ में शून्य ब्याज ऋण, 30 लाख सोलर पंप और 'किसान कल्याण वर्ष 2026' की घोषणाओं ने मुरैना के किसानों को एक साथ कई राहतें दीं।

मुख्य बातें

सीएम मोहन यादव ने 4 सितंबर 2026 को कैलारस चीनी मिल ( मुरैना ) को पुनः शुरू करने की घोषणा की।
घोषणा सीहोर से वर्चुअल माध्यम से आयोजित 'बलराम कृषि महोत्सव' में की गई।
किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण; ऋण चुकाने की अवधि 6 महीने से बढ़ाकर 1 वर्ष ।
30 लाख किसानों को सोलर पंप देने की योजना; कृषि कार्यों के लिए दिन में 10 घंटे बिजली का लक्ष्य।
मुरैना शहर सहित हर नगर पंचायत में 'गीता भवन' स्थापित किए जाएंगे।
मध्य प्रदेश को बागवानी में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार मिला; 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' घोषित किया गया है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को घोषणा की कि मुरैना जिले की बंद पड़ी कैलारस चीनी मिल को पुनः संचालित किया जाएगा। यह ऐलान उन्होंने सीहोर से वर्चुअल माध्यम से आयोजित 'बलराम कृषि महोत्सव' को संबोधित करते हुए किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस कदम से क्षेत्र के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

मुख्य घोषणाएँ

कैलारस चीनी मिल के पुनर्संचालन के अलावा, मुख्यमंत्री यादव ने कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी कीं। उन्होंने कहा कि मुरैना में डेयरी सहकारी समितियों के ज़रिए दूध संग्रह बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि किसानों को आमदनी का एक अतिरिक्त स्रोत मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मुरैना शहर सहित जिले की प्रत्येक नगर पंचायत में 'गीता भवन' स्थापित किए जाएंगे, जो नागरिकों को शैक्षणिक सुविधाएँ प्रदान करेंगे।

किसानों के लिए बिजली और सोलर पंप योजना

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कृषि कार्यों के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार 30 लाख किसानों को सोलर पंप मुहैया कराने की योजना पर काम कर रही है, जिससे सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी और बिजली का खर्च घटेगा। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश को बागवानी के क्षेत्र में हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

किसान कल्याण वर्ष 2026 और शून्य ब्याज ऋण

यादव ने बताया कि राज्य में वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। इस क्रम में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, खरीफ और रबी फसलों के ऋण चुकाने की अवधि छह महीने से बढ़ाकर एक वर्ष कर दी गई है — जो किसानों पर वित्तीय दबाव कम करने की दिशा में एक अहम बदलाव है।

मुरैना की कृषि संभावनाएँ और आधुनिक खेती पर ज़ोर

मुरैना जिला गेहूँ, धान, तिलहन और दालों के उत्पादन में अग्रणी है। मुख्यमंत्री ने किसानों से खेती के आधुनिक तरीके अपनाने और डेयरी फार्मिंग तथा गाय पालन जैसी सहायक गतिविधियों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने, गुणवत्ता में सुधार, लागत में कमी और किसानों के लिए बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। यह ऐसे समय में आया है जब कृषि आय को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है और राज्य सरकारें किसान-केंद्रित नीतियों के ज़रिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने की कोशिश कर रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल ज़रूरी है कि मिल बंद क्यों हुई थी और उन कारणों का समाधान अब कैसे होगा। मध्य प्रदेश में चीनी मिलों के बंद होने के पीछे अक्सर गन्ना मूल्य विवाद, तकनीकी जर्जरता और प्रबंधन की खामियाँ रही हैं। शून्य ब्याज ऋण और सोलर पंप जैसी योजनाएँ कागज़ पर आकर्षक हैं, लेकिन इनका क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक पहुँच ही असली कसौटी होगी। 'किसान कल्याण वर्ष' की घोषणाओं की लंबी फेहरिस्त तब सार्थक होगी जब इनके लिए बजटीय प्रावधान और समयबद्ध जवाबदेही सुनिश्चित हो।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैलारस चीनी मिल क्या है और यह क्यों बंद थी?
कैलारस चीनी मिल मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित एक सरकारी चीनी उत्पादन इकाई है। मिल के बंद होने के सटीक कारणों का स्रोत में उल्लेख नहीं है, लेकिन सीएम यादव ने इसे पुनः शुरू करने की आधिकारिक घोषणा 4 सितंबर 2026 को की।
कैलारस चीनी मिल के पुनर्संचालन से किसानों को क्या फायदा होगा?
मुख्यमंत्री के अनुसार, मिल के दोबारा चालू होने से मुरैना क्षेत्र के किसानों को उनकी उपज — विशेषकर गन्ने — का बेहतर और उचित मूल्य मिलेगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी और स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
बलराम कृषि महोत्सव में और क्या घोषणाएँ हुईं?
सीएम यादव ने 30 लाख किसानों को सोलर पंप देने, कृषि कार्यों के लिए दिन में 10 घंटे बिजली, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, ऋण चुकाने की अवधि 6 महीने से बढ़ाकर 1 वर्ष करने और हर नगर पंचायत में 'गीता भवन' बनाने की घोषणाएँ कीं।
मध्य प्रदेश में 'किसान कल्याण वर्ष 2026' क्या है?
मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' घोषित किया है। इसके तहत किसानों के लिए शून्य ब्याज ऋण, सोलर पंप, आधुनिक खेती को प्रोत्साहन और डेयरी सहकारिता जैसी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।
मुरैना जिला कृषि के लिहाज़ से कितना महत्वपूर्ण है?
मुरैना मध्य प्रदेश का एक प्रमुख कृषि जिला है, जो गेहूँ, धान, तिलहन और दालों के उत्पादन में अग्रणी स्थान रखता है। सरकार इस क्षेत्र में डेयरी सहकारिता और आधुनिक खेती के ज़रिए किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है।
राष्ट्र प्रेस
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