6 अक्टूबर 2026
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कैलारस शक्कर कारखाना पुनरुद्धार: मध्य प्रदेश सरकार ने जारी किया ईओआई, 30 साल की लीज पर मिलेगा प्लांट

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कैलारस शक्कर कारखाना पुनरुद्धार: मध्य प्रदेश सरकार ने जारी किया ईओआई, 30 साल की लीज पर मिलेगा प्लांट

सारांश

मध्य प्रदेश सरकार ने वर्षों से बंद पड़े कैलारस शक्कर कारखाने के पुनरुद्धार के लिए ईओआई जारी किया है — 30 साल की लीज, 12.86 हेक्टेयर जमीन और 1,250 टीसीडी क्षमता के साथ। 15 सितंबर अंतिम तिथि है। यह उन गन्ना किसानों के लिए राहत है जो वर्षों से आंदोलन कर रहे थे।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश सरकार ने 21 अगस्त 2026 को कैलारस शुगर मिल के पुनरुद्धार के लिए ईओआई जारी किया।
मिल को 30 वर्ष की लीज पर दिया जाएगा, जिसे संतोषजनक प्रदर्शन पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।
मिल की वर्तमान क्षमता 1,250 टीसीडी ; परिसंपत्तियों में 12.86 हेक्टेयर भूमि , प्लांट-मशीनरी और गोदाम शामिल।
साइट विजिट 31 अगस्त–1 सितंबर ; प्री-ईओआई बैठक 3 सितंबर, भोपाल ; ईओआई की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 ।
प्रस्ताव 16 सितंबर 2026 को खोले जाएँगे।
कारखाना बंद होने से मुरैना के गन्ना किसानों को दूरदराज़ के जिलों में गन्ना बेचने की मजबूरी थी, जिससे लागत बढ़ रही थी।

मध्य प्रदेश सरकार ने मुरैना जिले के लंबे समय से बंद पड़े कैलारस शक्कर कारखाने को पुनर्जीवित करने की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए 21 अगस्त 2026 को एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जारी किया है। एमएसएमई एवं उद्योग विभाग ने कारखाने के अधिग्रहण, पुनरुद्धार, आधुनिकीकरण और संचालन के लिए इच्छुक कंपनियों और संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। यह घोषणा क्षेत्र के गन्ना किसानों और स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखी जा रही है, जो वर्षों से इस मिल को दोबारा खोलने की माँग कर रहे थे।

ईओआई की प्रमुख शर्तें

कैलारस शुगर मिल को उसकी वर्तमान क्षमता 1,250 टीसीडी (टन गन्ना प्रतिदिन) के आधार पर लीज पर संचालित करने के लिए प्रस्ताव माँगे गए हैं। प्रस्तावित परिसंपत्तियों में कारखाने की इमारत, प्लांट-मशीनरी, गोदाम, कार्यशालाएँ और करीब 12.86 हेक्टेयर भूमि शामिल हैं। सरकार ने यह मिल 30 वर्ष की लीज पर देने का प्रस्ताव रखा है, जिसे संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।

मुख्य तिथियाँ और प्रक्रिया

इच्छुक कंपनियों के लिए 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को साइट विजिट की सुविधा रखी गई है, ताकि वे मौके पर जाकर कारखाने की स्थिति, मशीनों और भूमि का मूल्यांकन कर सकें। इसके बाद 3 सितंबर 2026 को भोपाल में प्री-ईओआई बैठक आयोजित होगी, जिसमें कंपनियों की जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान किया जाएगा। ईओआई जमा करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2026, शाम 5 बजे तक निर्धारित है और प्राप्त प्रस्तावों को 16 सितंबर 2026 को खोला जाएगा।

किसानों और क्षेत्र पर असर

कैलारस शक्कर कारखाना लंबे समय से बंद होने के कारण मुरैना क्षेत्र के गन्ना किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को अपना गन्ना बेचने के लिए दूर-दराज के जिलों तक जाना पड़ता है, जिससे परिवहन लागत बढ़ती है और मुनाफे में कमी आती है। इसके अतिरिक्त, कारखाने के बंद होने से स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर भी समाप्त हो गए हैं।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

कैलारस शक्कर कारखाने को पुनः शुरू करने की माँग को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से आंदोलन चल रहा है। स्थानीय किसान संगठनों और राजनीतिक दलों ने लगातार सरकार पर दबाव बनाया है। हाल ही में इस माँग को लेकर आमरण अनशन भी किया गया था, जो क्षेत्र की बेचैनी को दर्शाता है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश सरकार कृषि-आधारित उद्योगों को पुनर्जीवित करने पर जोर दे रही है।

आगे की राह

ईओआई प्रक्रिया के सफल समापन के बाद चयनित कंपनी को 30 वर्ष की लीज पर कारखाना सौंपा जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिल पूरी क्षमता पर चालू होती है, तो यह न केवल क्षेत्र के किसानों को राहत देगी, बल्कि स्थानीय रोज़गार के अवसर भी बहाल होंगे। अब सभी की निगाहें 16 सितंबर 2026 को प्रस्तावों के खुलासे पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या कोई निवेशक वास्तव में एक पुरानी, बंद पड़ी मिल को 1,250 टीसीडी क्षमता पर व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य बना सकता है। मध्य प्रदेश में इससे पहले भी बंद सरकारी इकाइयों के लिए लीज प्रक्रियाएँ शुरू हुई हैं, जो निवेशकों की अनुपस्थिति में आगे नहीं बढ़ पाईं। गन्ना किसानों की राहत तब तक अधूरी रहेगी जब तक लीज समझौते में उत्पादन और किसान भुगतान की बाध्यकारी शर्तें न हों — महज़ संचालन का वादा पर्याप्त नहीं है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैलारस शक्कर कारखाने के लिए जारी ईओआई क्या है?
मध्य प्रदेश के एमएसएमई एवं उद्योग विभाग ने 21 अगस्त 2026 को कैलारस शुगर मिल के अधिग्रहण, पुनरुद्धार, आधुनिकीकरण और संचालन के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जारी किया है। इच्छुक कंपनियाँ और संस्थाएँ 15 सितंबर 2026 तक अपने प्रस्ताव जमा कर सकती हैं।
कैलारस शुगर मिल कितने समय के लिए लीज पर दी जाएगी?
सरकार ने मिल को 30 वर्ष की लीज पर देने का प्रस्ताव रखा है। संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर इस लीज को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
ईओआई प्रक्रिया की महत्वपूर्ण तिथियाँ क्या हैं?
साइट विजिट 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को होगी। प्री-ईओआई बैठक 3 सितंबर को भोपाल में आयोजित होगी। ईओआई जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026, शाम 5 बजे है और प्रस्ताव 16 सितंबर 2026 को खोले जाएँगे।
कैलारस शक्कर कारखाना बंद होने से किसानों को क्या नुकसान हुआ?
कारखाना बंद होने से मुरैना क्षेत्र के गन्ना किसानों को अपना गन्ना बेचने के लिए दूरदराज़ के जिलों में जाना पड़ता है, जिससे परिवहन लागत बढ़ती है और मुनाफा घटता है। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर भी समाप्त हो गए हैं।
ईओआई में कौन-सी परिसंपत्तियाँ शामिल हैं?
प्रस्तावित परिसंपत्तियों में कारखाने की इमारत, प्लांट-मशीनरी, गोदाम, कार्यशालाएँ और करीब 12.86 हेक्टेयर भूमि शामिल हैं। मिल की वर्तमान क्षमता 1,250 टीसीडी (टन गन्ना प्रतिदिन) है।
राष्ट्र प्रेस
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