8 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या हम संविधान की लड़ाई लड़ रहे हैं? पप्पू यादव का बयान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या हम संविधान की लड़ाई लड़ रहे हैं? पप्पू यादव का बयान

सारांश

पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बिहार बंद के दौरान अपने विचार साझा किए। उन्होंने इसे संविधान और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई बताया। इस लेख में जानें उनकी प्रतिक्रिया और बिहार के लोगों की एकता के बारे में।

मुख्य बातें

संविधान की रक्षा की आवश्यकता पर जोर अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए संघर्ष बिहार की एकता और सामाजिक न्याय का महत्व

पटना, 9 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में महागठबंधन के समर्थन से आयोजित बिहार बंद के दौरान पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार के साथ गाड़ी पर चढ़ने से रोके जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

पप्पू यादव ने इसे संविधान, अल्पसंख्यकों के अधिकारों और 140 करोड़ भारतीयों की लड़ाई करार दिया। उन्होंने कहा, "हमें वाहन पर चढ़ने नहीं दिया गया, अंदर सभी लोग कांग्रेस से थे। यह मेरी जिंदगी की लड़ाई है, मेरे समाज की लड़ाई है। यह संविधान की रक्षा और अल्पसंख्यकों के दर्जे की लड़ाई है। इसमें सम्मान और अपमान की क्या बात है। कहीं कोई अपमान की बात नहीं है, हम लोगों का संबंध सीधे मतदाताओं से है।"

उन्होंने कहा, "मुझे फर्क नहीं पड़ता कि कौन मेरे लिए क्या चाहता है। फर्क सिर्फ इतना है कि मैंने बंद का वादा किया था और अब पूरा बिहार एकजुट है। लोग कांग्रेस का झंडा थामे मार्च निकाल रहे हैं। बाद में महागठबंधन ने भी इसका समर्थन किया। कौन क्या चाहता है, और कौन नहीं, यह उनकी अपनी समस्या है। मैं हमेशा अच्छा चाहता हूं।"

उन्होंने कहा कि जीवन में तमाम मौकों पर अलग-अलग तरह की परिस्थितियां आती हैं, लेकिन उसे सम्मान और अपमान से जोड़ लेना गलत है। हम और हमारी पार्टी गरीबों की लड़ाई के लिए हमेशा आगे रही है और हम उनकी लड़ाई लड़ते रहेंगे। मुझे सिर्फ बिहार के लोगों के हक और संविधान की रक्षा की चिंता है। यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई है। संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा। यह बिहार की लड़ाई है और हमारी एकता ही हमारी ताकत है।

उल्लेखनीय है कि बुधवार को बिहार बंद के दौरान कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कीं और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। पूर्णिया, पटना, दरभंगा और अन्य जिलों में भारी भीड़ देखी गई। पुलिस ने कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण रहा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज के सभी वर्गों के लिए है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव ने बिहार बंद के दौरान क्या कहा?
पप्पू यादव ने इसे संविधान और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई बताया।
बिहार बंद का उद्देश्य क्या था?
बिहार बंद का उद्देश्य केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना था।
क्या यह आंदोलन शांतिपूर्ण था?
हाँ, यह आंदोलन शांतिपूर्ण रहा, हालांकि कई जगहों पर सड़कें जाम की गईं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले