परिमल नाथवाणी ने ली चौथी बार राज्यसभा सदस्यता की शपथ, पीएम मोदी से की शिष्टाचार भेंट
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसद परिमल नाथवाणी ने 25 जून 2026 को राज्यसभा के सदस्य के रूप में अपने चौथे कार्यकाल की शपथ ली। शपथ ग्रहण के तत्काल बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की और झारखंड के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
शपथ ग्रहण समारोह और पहली प्रतिक्रिया
उच्च सदन में शपथ लेने के बाद नाथवाणी ने इस अवसर को सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने झारखंड की जनता, NDA नेतृत्व और अपने समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त किया। नाथवाणी ने कहा कि यह जनादेश उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी लेकर आया है।
उल्लेखनीय है कि यह उनका तीसरी बार झारखंड से राज्यसभा में प्रतिनिधित्व का अवसर है। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।
एक्स पर साझा किया विकास का संकल्प
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा एक संदेश में नाथवाणी ने कहा कि यह जनादेश राज्य में ग्रामीण आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य सेवाओं, कौशल विकास और रोजगार सृजन से जुड़े प्रयासों को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने झारखंड के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पहले से अधिक दृढ़ बताया।
पीएम मोदी से मुलाकात और चर्चा के विषय
शपथ ग्रहण के बाद नाथवाणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने राज्यसभा चुनाव में मिले समर्थन के लिए प्रधानमंत्री और NDA नेतृत्व का आभार जताया। मुलाकात में झारखंड के विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।
नाथवाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्र निर्माण के विजन और मार्गदर्शन से उन्हें निरंतर प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि इसी प्रेरणा के साथ वह झारखंड में विकास परियोजनाओं को गति देने और राज्य की जनता की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से उठाने का कार्य करेंगे।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनाव में परिमल नाथवाणी झारखंड से पुनर्निर्वाचित हुए हैं। यह उनका चौथा राज्यसभा कार्यकाल है। इससे पहले भी वह उच्च सदन में झारखंड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और विभिन्न विकासात्मक तथा सामाजिक पहलों से जुड़े रहे हैं। नाथवाणी का यह राजनीतिक सफर उन्हें झारखंड के सबसे अनुभवी राज्यसभा सदस्यों में शामिल करता है।
आगे देखना होगा कि नाथवाणी इस नए कार्यकाल में झारखंड की ग्रामीण और आदिवासी आबादी से जुड़े मुद्दों को संसद में किस प्रभाव से उठाते हैं।