16 जुलाई 2026
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परिसीमन बिल पर कांग्रेस का हमला: अतुल लोंढे बोले — उत्तर-दक्षिण विभाजन का खतरा

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परिसीमन बिल पर कांग्रेस का हमला: अतुल लोंढे बोले — उत्तर-दक्षिण विभाजन का खतरा

सारांश

कांग्रेस नेता अतुल लोंढे ने परिसीमन विधेयक को 'अन्यायकारी' बताते हुए कहा कि यह उत्तर और दक्षिण के बीच विभाजन की रेखा खींचेगा। NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले के '50% समान बढ़ोतरी' वाले सुझाव को खारिज करते हुए उन्होंने BJP पर NEET, महंगाई और मंदिर चोरी के मुद्दों पर भी हमला बोला।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता अतुल लोंढे ने 16 जुलाई को मुंबई में परिसीमन विधेयक को 'अन्यायकारी' करार दिया।
उनके अनुसार मौजूदा प्रस्ताव दक्षिणी राज्यों का संसदीय प्रतिनिधित्व घटाएगा और उत्तर-दक्षिण विभाजन बढ़ाएगा।
NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले ने कहा था कि सभी राज्यों में 50 प्रतिशत समान बढ़ोतरी हो तो उन्हें आपत्ति नहीं।
लोंढे ने NEET पेपर लीक के बाद 21 छात्रों की आत्महत्या का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद पर बने रहने पर सवाल उठाया।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वर्तमान स्वरूप में परिसीमन विधेयक का विरोध जारी रहेगा।

कांग्रेस नेता अतुल लोंढे ने 16 जुलाई को मुंबई में प्रस्तावित परिसीमन विधेयक को 'अन्यायकारी' करार देते हुए कहा कि यह देश में उत्तर और दक्षिण के बीच गहरी खाई पैदा करेगा। उनकी यह प्रतिक्रिया राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले के उस बयान के संदर्भ में आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि सभी राज्यों में लोकसभा सीटों में 50 प्रतिशत की समान बढ़ोतरी हो तो उन्हें विधेयक पर कोई आपत्ति नहीं होगी।

कांग्रेस का विरोध और मुख्य तर्क

लोंढे ने कहा, 'जहाँ तक मैंने उनके बयान को सुना और समझा है, उनका मानना है कि अगर सभी राज्यों में एक समान 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है तो वे बिल का विरोध नहीं करेंगे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की स्थिति इससे भिन्न है — पार्टी वर्तमान स्वरूप में इस विधेयक का विरोध करती थी, करती है और आगे भी करती रहेगी।

कांग्रेस नेता के अनुसार मौजूदा परिसीमन प्रस्ताव दक्षिणी राज्यों के संसदीय प्रतिनिधित्व को कमज़ोर करेगा, क्योंकि जनसंख्या नियंत्रण में अग्रणी रहे दक्षिणी राज्यों को सीटों के पुनर्वितरण में नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को सत्ता के अलावा कुछ नहीं दिखता।

कुणाल कामरा विवाद पर प्रतिक्रिया

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान कॉमेडियन कुणाल कामरा के विवादित बयान पर भी लोंढे ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के समय आस्था कहाँ थी। उन्होंने यह भी कहा कि जब कई मामलों में आरोपी एसआईटी प्रमुख को अन्य आरोपियों को बचाने के लिए भेजा जाता है, तब लोगों की भावनाएँ आहत नहीं होतीं।

NEET पेपर लीक और राहुल गांधी पर BJP के आरोप

BJP ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी विदेश में अवकाश पर हैं और विपक्ष कमज़ोर हो रहा है। इस पर लोंढे ने पलटवार करते हुए कहा कि BJP को राहुल गांधी पर टिप्पणी करने से पहले यह बताना चाहिए कि NEET पेपर लीक के बाद 21 छात्रों ने आत्महत्या कर ली।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने हुए हैं। लोंढे ने महंगाई और पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण से वाहनों को होने वाले नुकसान का मुद्दा भी उठाया और सरकार से ठोस उपायों की माँग की।

आगे क्या होगा

परिसीमन विधेयक को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ता दिख रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिणी राज्य पहले से ही केंद्र-राज्य संबंधों और राजकोषीय हस्तांतरण को लेकर अपनी चिंताएँ जता रहे हैं। कांग्रेस के कड़े रुख से संसद के आगामी सत्र में इस मुद्दे पर तीखी बहस की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह संघीय ढाँचे की आत्मा का सवाल है। दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में जो अनुशासन दिखाया, उसकी 'सज़ा' उन्हें घटते संसदीय प्रतिनिधित्व के रूप में मिले — यह विरोधाभास किसी भी लोकतंत्र के लिए असहज करने वाला है। कांग्रेस का विरोध राजनीतिक तो है, पर तर्क में दम है; मुख्यधारा की कवरेज इस संवैधानिक विडंबना को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है। NEET और महंगाई जैसे मुद्दों को इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोड़ना कांग्रेस की रणनीति को दर्शाता है — परिसीमन को एकाकी मुद्दे के बजाय 'शासन विफलता' के व्यापक आख्यान से जोड़ना।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परिसीमन विधेयक से दक्षिणी राज्यों को क्या नुकसान होगा?
कांग्रेस के अनुसार मौजूदा परिसीमन प्रस्ताव जनसंख्या के आधार पर सीटें तय करेगा, जिससे जनसंख्या नियंत्रण में सफल दक्षिणी राज्यों का लोकसभा में प्रतिनिधित्व घट जाएगा। यही वजह है कि पार्टी इसे उत्तर-दक्षिण विभाजन का कारण बता रही है।
सुप्रिया सुले ने परिसीमन पर क्या कहा था?
NCP (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा था कि यदि परिसीमन के दौरान सभी राज्यों में लोकसभा सीटों में समान रूप से 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है, तो उन्हें विधेयक पर कोई आपत्ति नहीं होगी। कांग्रेस ने इस शर्त को अपर्याप्त बताते हुए विधेयक के पूर्ण विरोध की बात दोहराई।
कांग्रेस ने NEET पेपर लीक का मुद्दा क्यों उठाया?
BJP के इस आरोप के जवाब में कि राहुल गांधी विदेश में हैं और विपक्ष कमज़ोर है, कांग्रेस नेता अतुल लोंढे ने NEET पेपर लीक के बाद 21 छात्रों की आत्महत्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि इतनी बड़ी त्रासदी के बाद भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पद पर क्यों बने हैं।
परिसीमन विधेयक पर कांग्रेस का आधिकारिक रुख क्या है?
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान स्वरूप में परिसीमन विधेयक का विरोध जारी रहेगा। पार्टी का मानना है कि यह विधेयक अन्यायकारी है और देश में क्षेत्रीय विभाजन को गहरा करेगा।
कुणाल कामरा विवाद पर कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता अतुल लोंढे ने कॉमेडियन कुणाल कामरा के विवादित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाया और कहा कि तब आस्था की चिंता क्यों नहीं जताई गई। उन्होंने एसआईटी प्रमुख पर दर्ज मामलों का भी हवाला दिया।
राष्ट्र प्रेस
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