परिसीमन विधेयक: जयराम रमेश बोले — सरकार दो-तिहाई बहुमत से अभी भी बहुत दूर, लोकसभा में जुटाना मुश्किल
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के महासचिव एवं संचार प्रभारी जयराम रमेश ने गुरुवार, 16 जुलाई को स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार संसद में दो-तिहाई बहुमत के आँकड़े से अभी भी काफी पीछे है और विशेष रूप से लोकसभा में यह संख्या जुटाना लगभग असंभव प्रतीत हो रहा है। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में कांग्रेस की संसदीय रणनीति समूह की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कही।
रणनीति बैठक में क्या हुआ
यह बैठक कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित वरिष्ठ सांसद शामिल हुए। सांसद डॉ. नासिर हुसैन ने भी बैठक के बाद मीडिया को जानकारी दी। रणनीति समूह ने 19 दिवसीय मानसून सत्र के दौरान आने वाले सभी प्रमुख विधायी मुद्दों और संभावित विधेयकों पर विचार-विमर्श किया।
परिसीमन विधेयक पर कांग्रेस का रुख
जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी को आशंका है कि केंद्रीय गृह मंत्री 17 अप्रैल को लोकसभा में मिली करारी हार के बाद एक बार फिर परिसीमन विधेयक लाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस इस विधेयक का पहले भी विरोध करती रही है और आगे भी करती रहेगी। पार्टी उन सभी विपक्षी दलों की एकता बनाए रखने के लिए प्रयासरत है जिन्होंने 17 अप्रैल को विधेयक के खिलाफ मतदान कर सरकार को पराजित किया था।
टीएमसी दलबदल और 'पार्किंग स्थल' का आरोप
रमेश ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दलबदलू सदस्यों के राष्ट्रवादी नागरिक दल (NCA) में शामिल होने पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह दल महज तीन साल पहले बना था और उसे मान्यता भी नहीं मिली थी, फिर भी यह अचानक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का दूसरा सबसे बड़ा घटक बन गया है — तेलुगु देशम पार्टी (TDP) को तीसरे स्थान पर धकेलते हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री ने इस दल को दलबदलू सांसदों के लिए 'पार्किंग स्थल' के रूप में इस्तेमाल किया है, जो कि संविधान का अपमान है।
सर्वदलीय बैठक और विपक्षी संपर्क
रमेश ने बताया कि 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक निर्धारित है, लेकिन कांग्रेस को इससे किसी ठोस परिणाम की उम्मीद नहीं है क्योंकि यह 'बेकार औपचारिकता' बनकर रह जाती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि खड़गे और राहुल गांधी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और आम आदमी पार्टी (AAP) सहित सभी विपक्षी दलों के नेताओं से सक्रिय संपर्क में हैं।
NCP-शरद पवार की स्थिति पर स्पष्टीकरण
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरद पवार (NCP-SP) द्वारा परिसीमन विधेयक का समर्थन करने की खबरों पर रमेश ने कहा कि सांसद सुप्रिया सुले पहले ही इन रिपोर्टों का विस्तारपूर्वक खंडन कर चुकी हैं। उनके अनुसार, सरकार जानबूझकर भ्रम फैलाने के लिए ऐसी कहानियाँ प्रचारित कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी एकजुटता की परीक्षा हो रही है और दोनों पक्ष संख्या-बल जुटाने में लगे हैं।