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परिसीमन विधेयक: जयराम रमेश बोले — सरकार दो-तिहाई बहुमत से अभी भी बहुत दूर, लोकसभा में जुटाना मुश्किल

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परिसीमन विधेयक: जयराम रमेश बोले — सरकार दो-तिहाई बहुमत से अभी भी बहुत दूर, लोकसभा में जुटाना मुश्किल

सारांश

कांग्रेस की संसदीय रणनीति बैठक में सोनिया गांधी, खड़गे और राहुल गांधी शामिल हुए। जयराम रमेश ने साफ कहा — सरकार दो-तिहाई बहुमत से दूर है, परिसीमन विधेयक का विरोध जारी रहेगा, और TMC दलबदलुओं की 'पार्किंग' संविधान का अपमान है।

मुख्य बातें

जयराम रमेश ने 16 जुलाई को कहा कि सरकार दो-तिहाई बहुमत के आँकड़े से अभी भी काफी पीछे है, खासकर लोकसभा में।
कांग्रेस की संसदीय रणनीति बैठक की अध्यक्षता सोनिया गांधी ने की; मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी उपस्थित रहे।
पार्टी को आशंका है कि गृह मंत्री 17 अप्रैल की हार के बाद परिसीमन विधेयक फिर लाने का प्रयास करेंगे; कांग्रेस विरोध पर अडिग।
रमेश ने TMC दलबदलुओं के NCA में शामिल होने को 'पार्किंग स्थल' करार दिया; NCA अब NDA का दूसरा सबसे बड़ा घटक।
NCP-SP की सुप्रिया सुले ने परिसीमन विधेयक समर्थन की खबरों का खंडन किया; रमेश ने इसे सरकारी भ्रम-प्रसार बताया।
19 जुलाई की सर्वदलीय बैठक को कांग्रेस ने 'बेकार औपचारिकता' कहा।

कांग्रेस के महासचिव एवं संचार प्रभारी जयराम रमेश ने गुरुवार, 16 जुलाई को स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार संसद में दो-तिहाई बहुमत के आँकड़े से अभी भी काफी पीछे है और विशेष रूप से लोकसभा में यह संख्या जुटाना लगभग असंभव प्रतीत हो रहा है। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में कांग्रेस की संसदीय रणनीति समूह की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कही।

रणनीति बैठक में क्या हुआ

यह बैठक कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित वरिष्ठ सांसद शामिल हुए। सांसद डॉ. नासिर हुसैन ने भी बैठक के बाद मीडिया को जानकारी दी। रणनीति समूह ने 19 दिवसीय मानसून सत्र के दौरान आने वाले सभी प्रमुख विधायी मुद्दों और संभावित विधेयकों पर विचार-विमर्श किया।

परिसीमन विधेयक पर कांग्रेस का रुख

जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी को आशंका है कि केंद्रीय गृह मंत्री 17 अप्रैल को लोकसभा में मिली करारी हार के बाद एक बार फिर परिसीमन विधेयक लाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस इस विधेयक का पहले भी विरोध करती रही है और आगे भी करती रहेगी। पार्टी उन सभी विपक्षी दलों की एकता बनाए रखने के लिए प्रयासरत है जिन्होंने 17 अप्रैल को विधेयक के खिलाफ मतदान कर सरकार को पराजित किया था।

टीएमसी दलबदल और 'पार्किंग स्थल' का आरोप

रमेश ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दलबदलू सदस्यों के राष्ट्रवादी नागरिक दल (NCA) में शामिल होने पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह दल महज तीन साल पहले बना था और उसे मान्यता भी नहीं मिली थी, फिर भी यह अचानक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का दूसरा सबसे बड़ा घटक बन गया है — तेलुगु देशम पार्टी (TDP) को तीसरे स्थान पर धकेलते हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री ने इस दल को दलबदलू सांसदों के लिए 'पार्किंग स्थल' के रूप में इस्तेमाल किया है, जो कि संविधान का अपमान है।

सर्वदलीय बैठक और विपक्षी संपर्क

रमेश ने बताया कि 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक निर्धारित है, लेकिन कांग्रेस को इससे किसी ठोस परिणाम की उम्मीद नहीं है क्योंकि यह 'बेकार औपचारिकता' बनकर रह जाती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि खड़गे और राहुल गांधी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और आम आदमी पार्टी (AAP) सहित सभी विपक्षी दलों के नेताओं से सक्रिय संपर्क में हैं।

NCP-शरद पवार की स्थिति पर स्पष्टीकरण

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरद पवार (NCP-SP) द्वारा परिसीमन विधेयक का समर्थन करने की खबरों पर रमेश ने कहा कि सांसद सुप्रिया सुले पहले ही इन रिपोर्टों का विस्तारपूर्वक खंडन कर चुकी हैं। उनके अनुसार, सरकार जानबूझकर भ्रम फैलाने के लिए ऐसी कहानियाँ प्रचारित कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी एकजुटता की परीक्षा हो रही है और दोनों पक्ष संख्या-बल जुटाने में लगे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मानसून सत्र में सरकार की रणनीति और सूक्ष्म होगी। असली परीक्षा यह है कि क्या DMK, AAP और NCP-SP जैसे दल दबाव में अपना रुख बनाए रख पाते हैं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयराम रमेश ने दो-तिहाई बहुमत पर क्या कहा?
जयराम रमेश ने 16 जुलाई को कहा कि सरकार संसद में दो-तिहाई बहुमत के आँकड़े से अभी भी काफी पीछे है और विशेष रूप से लोकसभा में यह संख्या जुटाना लगभग असंभव प्रतीत हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार यह बहुमत जुटाने में सफल भी हो जाती है, तो यह 'शर्मनाक बहुमत' होगा और संविधान का अपमान।
कांग्रेस की संसदीय रणनीति बैठक में कौन शामिल हुए?
बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और वरिष्ठ सांसद इसमें शामिल हुए। बैठक में 19 दिवसीय मानसून सत्र की विधायी रणनीति पर चर्चा हुई।
परिसीमन विधेयक क्या है और कांग्रेस इसका विरोध क्यों करती है?
परिसीमन विधेयक संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण से संबंधित है। कांग्रेस इसका विरोध करती रही है और 17 अप्रैल को लोकसभा में इसे हराने में सफल रही थी। पार्टी का आरोप है कि यह विधेयक राजनीतिक लाभ के लिए लाया जा रहा है।
NCA और TMC दलबदल का मामला क्या है?
TMC के कुछ सांसदों ने राष्ट्रवादी नागरिक दल (NCA) में शामिल होकर NDA का समर्थन किया है। जयराम रमेश के अनुसार यह दल तीन साल पहले बना था और उसे मान्यता भी नहीं मिली थी, फिर भी वह NDA का दूसरा सबसे बड़ा घटक बन गया है। रमेश ने इसे गृह मंत्री द्वारा दलबदलुओं के लिए 'पार्किंग स्थल' बताया।
NCP-शरद पवार के परिसीमन विधेयक समर्थन की खबरें सच हैं?
नहीं। NCP-SP की सांसद सुप्रिया सुले पहले ही इन खबरों का विस्तारपूर्वक खंडन कर चुकी हैं। जयराम रमेश ने कहा कि सरकार भ्रम फैलाने के लिए ऐसी कहानियाँ प्रचारित कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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