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क्या पश्चिम बंगाल एसआईआर विवाद में टीएमसी नेता कुणाल घोष का दावा भ्रामक है?

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क्या पश्चिम बंगाल एसआईआर विवाद में टीएमसी नेता कुणाल घोष का दावा भ्रामक है?

सारांश

पश्चिम बंगाल में एसआईआर विवाद ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। टीएमसी नेता कुणाल घोष के दावे को चुनाव आयोग ने भ्रामक ठहराया है। जानिए इस विवाद की पूरी कहानी और उसके पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विवाद बढ़ रहा है।
कुणाल घोष ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुख्य चुनाव कार्यालय ने दावे को गुमराह बताया है।

कोलकाता, १३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर चल रहा विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्य चुनाव कार्यालय, पश्चिम बंगाल ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता कुणाल घोष के एक दावे को भ्रामक बताया और उसे खारिज कर दिया।

टीएमसी नेता कुणाल घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट करते हुए दावा किया कि चुनाव आयोग ने मोहन बागान के पूर्व अध्यक्ष और सफल बंगाली बिजनेसमैन स्वपन साधन बोस उर्फ टूटू बोस और उनके परिवार को नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए बुलाया है।

उन्होंने इसे बंगालियों के खिलाफ ‘जुल्म’ करार दिया और कहा कि टूटू बोस बीमार हैं, व्हीलचेयर के बिना आना-जाना संभव नहीं है, फिर भी उन्हें १९ जनवरी को बुलाया गया है।

कुणाल घोष ने लिखा, "टूटू बाबू को अब यह साबित करना होगा कि वह बंगाल के नागरिक हैं। चुनाव आयोग और भाजपा को आने वाले चुनावों में बंगाल, बंगालियों और बंगाल के लोगों पर हुए इस जुल्म का जवाब मिलेगा।"

कुणाल घोष का यह दावा भी था कि एसआईआर सुनवाई के लिए कई जाने-माने लोगों को बुलाने के बाद अब टूटू बोस जैसे प्रमुख व्यक्तियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध और बंगालियों को अपमानित करने की कोशिश बताया। टीएमसी नेता ने कहा कि यह प्रक्रिया ‘एनआरसी का बैकडोर’ है, जिससे वैध मतदाता, विशेषकर अल्पसंख्यक और शरणार्थी समुदाय प्रभावित हो रहे हैं।

हालांकि, मुख्य निर्वाचन कार्यालय (सीईओ), पश्चिम बंगाल ने मंगलवार को कुणाल घोष के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया और इसे ‘गुमराह करने वाला’ बताया। सीईओ के आधिकारिक एक्स हैंडल पर जारी पोस्ट में स्पष्ट किया गया कि यह दावा भ्रामक है।

निर्वाचन कार्यालय ने लिखा, "यह दावा गुमराह करने वाला है। गिनती के फॉर्म साफ दिखाते हैं कि लिंकेज कॉलम खाली छोड़ा गया है। इसलिए, ईसीआई की नोटिफिकेशन के अनुसार, स्वपन साधन बोस और उनके परिवार को भी अन्य सभी ऐसे ही वोटर्स की तरह सुनवाई के लिए बुलाया गया है।"

सीईओ ने आगे कहा कि चूंकि स्वपन साधन बोस बीमार हैं, इसलिए वे घर पर ही सुनवाई का विकल्प चुन सकते हैं। यह सुविधा सभी ऐसे मतदाताओं के लिए उपलब्ध है जो स्वास्थ्य कारणों से सुनवाई स्थल पर नहीं आ सकते।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना राजनीति में बढ़ते तनाव को दर्शाती है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर लोकतंत्र के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। सभी पक्षों को एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहिष्णुता बनाए रखनी चाहिए।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुणाल घोष का दावा क्या था?
कुणाल घोष ने दावा किया कि चुनाव आयोग ने टूटू बोस और उनके परिवार को सुनवाई के लिए बुलाया है।
मुख्य चुनाव कार्यालय ने कुणाल घोष के दावे पर क्या प्रतिक्रिया दी?
मुख्य चुनाव कार्यालय ने कुणाल घोष के दावे को भ्रामक बताया और उसे खारिज कर दिया।
क्या स्वपन साधन बोस सुनवाई में शामिल होंगे?
स्वपन साधन बोस बीमार हैं, इसलिए वे घर पर सुनवाई का विकल्प चुन सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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