28 अगस्त 2026
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शिवमोग्गा में आवारा कुत्ते को गोली मारने पर लिंगमूर्ति गिरफ्तार, बिना लाइसेंस हथियार का मामला दर्ज

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शिवमोग्गा में आवारा कुत्ते को गोली मारने पर लिंगमूर्ति गिरफ्तार, बिना लाइसेंस हथियार का मामला दर्ज

सारांश

पालतू कुत्ते पर हमले से नाराज शिवमोग्गा के एक व्यक्ति ने बिना लाइसेंस बंदूक से आवारा कुत्ते को गोली मार दी — अब पशु क्रूरता और शस्त्र अधिनियम दोनों के तहत मामला दर्ज। यह घटना आवारा पशु विवादों में हथियारों के बढ़ते दुरुपयोग पर सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

लिंगमूर्ति (नादवल्ली गांव, शिवमोग्गा) को 28 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया।
आरोप है कि उसने बिना लाइसेंस वाली बंदूक से एक आवारा कुत्ते को गोली मारी, जिससे उसकी मौके पर मृत्यु हो गई।
कुत्ते ने कथित तौर पर पहले लिंगमूर्ति के पालतू कुत्ते को काटा था।
आनंदपुरा पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम , BNS और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस बंदूक के स्रोत और लाइसेंस की वैधता की जांच कर रही है।

कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में नादवल्ली गांव निवासी लिंगमूर्ति को 28 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया, जब उस पर आरोप लगा कि उसने एक आवारा कुत्ते को बिना लाइसेंस वाली बंदूक से गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि उस आवारा कुत्ते ने उसके पालतू कुत्ते को काट लिया था।

घटनाक्रम

पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार, घटना उस समय हुई जब बोरप्पा नामक एक व्यक्ति लिंगमूर्ति के घर के पास से मवेशियों को गांव के बाहर चराने के लिए ले जा रहा था। एक नर आवारा कुत्ता कथित तौर पर मवेशियों का पीछा करते हुए लिंगमूर्ति के घर के निकट आ गया।

पुलिस ने बताया कि जब भी कोई आवारा कुत्ता लिंगमूर्ति के घर के पास आता था, उसके पालतू कुत्ते उस पर भौंकते और लड़ते थे। आरोप है कि उस दिन आवारा कुत्ते ने लिंगमूर्ति के एक पालतू कुत्ते को काट लिया, जिससे वह क्रोधित हो गया। इसके बाद वह बिना लाइसेंस वाली बंदूक लेकर घर से बाहर आया और आवारा कुत्ते पर गोली चला दी। कुत्ते की पीठ और जांघ में गोली लगी और उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रावधान

आनंदपुरा पुलिस ने सूचना मिलते ही लिंगमूर्ति के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और शस्त्र अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना लाइसेंस वाले हथियार से किसी जानवर को गोली मारना पूरी तरह गैरकानूनी है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लिंगमूर्ति को वह बंदूक कहाँ से मिली और क्या उसके पास इसे रखने या चलाने का कोई वैध लाइसेंस था। अधिकारियों ने यह भी रेखांकित किया कि आवासीय क्षेत्र में अनधिकृत हथियार चलाना सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

सार्वजनिक सुरक्षा पर चिंता

इस घटना ने आवारा पशुओं से जुड़े विवादों में हथियारों के इस्तेमाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पुलिस ने साफ कहा है कि चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी उकसावे वाली हों, कोई भी नागरिक कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता — विशेषकर अनधिकृत हथियारों के ज़रिये।

गौरतलब है कि भारत में आवारा कुत्तों की समस्या लंबे समय से विवाद का विषय रही है। नगर निकायों और पशु कल्याण संगठनों के बीच 'ABC' (Animal Birth Control) कार्यक्रम की प्रभावशीलता पर बहस जारी है, और इस तरह की घटनाएँ उस तनाव को और उजागर करती हैं।

आगे की जांच

आनंदपुरा पुलिस ने बताया कि घटनाक्रम का सटीक पुनर्निर्माण, गोलीबारी की परिस्थितियों की पड़ताल और बिना लाइसेंस वाली बंदूक के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति बढ़ती है — और यही खतरनाक है। बिना लाइसेंस हथियार का आवासीय इलाके में इस्तेमाल सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम है, जिसे पुलिस ने सही रेखांकित किया। असली सवाल यह है कि आवारा पशु नियंत्रण की ज़िम्मेदारी किसकी है — और क्यों बार-बार आम नागरिक इस खाई को अपने तरीके से भरने पर मजबूर होता है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवमोग्गा में आवारा कुत्ते को गोली मारने का मामला क्या है?
कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के नादवल्ली गांव में लिंगमूर्ति नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर बिना लाइसेंस वाली बंदूक से एक आवारा कुत्ते को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोप है कि उस आवारा कुत्ते ने पहले लिंगमूर्ति के पालतू कुत्ते को काटा था।
लिंगमूर्ति पर कौन-कौन से कानूनी धाराएँ लगाई गई हैं?
आनंदपुरा पुलिस ने लिंगमूर्ति के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और शस्त्र अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। बिना लाइसेंस हथियार रखना और चलाना दोनों ही अलग-अलग अपराध हैं।
क्या पालतू कुत्ते पर हमला होने पर आवारा कुत्ते को मारना कानूनी है?
नहीं। पुलिस के अनुसार, किसी भी परिस्थिति में बिना लाइसेंस वाले हथियार से जानवर को गोली मारना गैरकानूनी है। इसके अलावा, पशु क्रूरता अधिनियम के तहत जानवरों को अनावश्यक पीड़ा देना या मारना दंडनीय अपराध है।
पुलिस इस मामले में आगे क्या जांच कर रही है?
आनंदपुरा पुलिस बंदूक के स्रोत और यह पता लगाने में जुटी है कि लिंगमूर्ति के पास उसे रखने या चलाने का वैध लाइसेंस था या नहीं। घटनाक्रम का सटीक पुनर्निर्माण और गोलीबारी की परिस्थितियों की भी जांच जारी है।
यह घटना आवारा पशु समस्या के संदर्भ में क्यों महत्वपूर्ण है?
इस घटना ने आवारा पशुओं से जुड़े विवादों में हथियारों के इस्तेमाल पर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नागरिक कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकते, और यह मामला नगर निकायों द्वारा आवारा पशु नियंत्रण की विफलता पर भी सवाल उठाता है।
राष्ट्र प्रेस
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