4 अगस्त 2026
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कलकत्ता हाईकोर्ट में मतगणना को लेकर दो PIL दायर, काउंटिंग सेंटर बदलने और केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति पर सवाल

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कलकत्ता हाईकोर्ट में मतगणना को लेकर दो PIL दायर, काउंटिंग सेंटर बदलने और केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति पर सवाल

सारांश

पश्चिम बंगाल में वोटों की गिनती से पहले ही विवाद शुरू हो गया है। TMC सांसद कल्याण बनर्जी और वकील विश्वरूप भट्टाचार्य ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है — एक तरफ काउंटिंग सेंटर्स अचानक बदलने का सवाल है, दूसरी तरफ केवल केंद्रीय कर्मचारियों को सुपरवाइज़र बनाने पर आपत्ति। 4 मई की गिनती से पहले अदालत का फैसला तस्वीर साफ करेगा।

मुख्य बातें

TMC सांसद कल्याण बनर्जी और वकील विश्वरूप भट्टाचार्य ने 30 अप्रैल 2026 को कलकत्ता हाईकोर्ट में दो PIL दायर की हैं।
आपत्ति: काउंटिंग सेंटर्स पर केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सुपरवाइज़र नियुक्त करना और सेंटर्स का अचानक स्थान बदलना।
294 सीटों की गिनती इस बार केवल 87 काउंटिंग सेंटर्स पर होगी — 2021 में 108 और 2016 में 90 सेंटर्स थे।
वोटों की गिनती 4 मई 2026 को निर्धारित; जस्टिस कृष्णा राव ने दोनों PIL दायर करने की अनुमति दी।
दोनों मतदान चरणों में रिकॉर्ड 92.85% औसत मतदान दर्ज हुआ।
चुनाव आयोग ने 4 मई के बाद भी केंद्रीय बलों की 500 कंपनियाँ राज्य में बनाए रखने का निर्णय लिया है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद एवं वकील कल्याण बनर्जी और वकील विश्वरूप भट्टाचार्य ने 30 अप्रैल 2026 को कलकत्ता हाईकोर्ट में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की मतगणना से जुड़े दो अलग-अलग जनहित याचिकाएं (PIL) दायर की हैं। दोनों याचिकाओं में चुनाव आयोग (ECI) के उन फैसलों को चुनौती दी गई है जो काउंटिंग सेंटर्स की संख्या में बदलाव और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से संबंधित हैं। जस्टिस कृष्णा राव ने दोनों मामलों में केस दायर करने की अनुमति दे दी है।

याचिकाओं में क्या है आपत्ति

कल्याण बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि चुनाव आयोग काउंटिंग सेंटर्स पर सुपरवाइज़र के तौर पर केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को ही नियुक्त कर रहा है। उनके अनुसार,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राजनीतिक रूप से ये उस राज्य में संदेह की आग में घी डालते हैं जहाँ चुनावी हिंसा का लंबा इतिहास रहा है। TMC का अदालत जाना विरोधाभासी भी है — वही पार्टी जो केंद्रीय हस्तक्षेप का विरोध करती है, अब केंद्रीय संस्था (हाईकोर्ट) से राहत माँग रही है। असली सवाल यह है कि क्या अदालत गिनती से पहले कोई निर्देश देगी, या यह याचिकाएं केवल राजनीतिक दबाव बनाने का औज़ार बनकर रह जाएंगी।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलकत्ता हाईकोर्ट में बंगाल मतगणना को लेकर कौन-सी PIL दायर हुई हैं?
TMC सांसद एवं वकील कल्याण बनर्जी ने काउंटिंग सेंटर्स पर केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सुपरवाइज़र नियुक्त करने के खिलाफ PIL दायर की है। वकील विश्वरूप भट्टाचार्य ने काउंटिंग सेंटर्स का स्थान अचानक बदलने को चुनौती दी है। जस्टिस कृष्णा राव ने 30 अप्रैल 2026 को दोनों याचिकाएं दायर करने की अनुमति दी।
पश्चिम बंगाल में वोटों की गिनती कब और कहाँ होगी?
वोटों की गिनती 4 मई 2026 को होगी। 294 विधानसभा सीटों के लिए 87 काउंटिंग सेंटर्स पर गिनती होगी, जिनकी जिलेवार सूची चुनाव आयोग पहले ही जारी कर चुका है।
इस बार काउंटिंग सेंटर्स की संख्या क्यों घटाई गई है?
चुनाव आयोग ने इस बार 87 काउंटिंग सेंटर्स तय किए हैं, जबकि 2021 में 108 और 2016 में 90 सेंटर्स थे। आयोग ने इस कटौती का कोई सार्वजनिक कारण नहीं बताया है, और यही बात याचिकाकर्ताओं की आपत्ति का मुख्य आधार है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में मतदान प्रतिशत कितना रहा?
दोनों चरणों का कुल औसत मतदान रिकॉर्ड 92.85% रहा। पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल 2026 को संपन्न हुआ; दूसरे चरण में 142 सीटों पर आधी रात तक 92.47% मतदान दर्ज किया गया।
मतगणना के बाद हिंसा रोकने के लिए क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
चुनाव आयोग ने 4 मई 2026 के बाद भी केंद्रीय सुरक्षा बलों की 500 कंपनियाँ अगले आदेश तक पश्चिम बंगाल में बनाए रखने का फैसला किया है। इसके अलावा, ईवीएम रखे स्ट्रॉन्ग रूम्स की सुरक्षा के लिए 200 कंपनियाँ पहले से तैनात हैं।
राष्ट्र प्रेस
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