पिंक सहेली कार्ड: 90 दिनों में 10 लाख से अधिक दिल्ली महिलाओं को मिला डिजिटल फ्री बस पास
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने 1 जून 2026 को घोषणा की कि दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी पिंक सहेली कार्ड योजना के तहत मात्र 90 दिनों में 10 लाख से अधिक महिलाओं को डिजिटल यात्रा कार्ड जारी किए जा चुके हैं। 2 मार्च 2026 को शुरू की गई यह पहल महिलाओं को डीटीसी बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देती है और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) के ढाँचे पर आधारित है।
योजना का स्वरूप और उपलब्धि
परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा, 'यह कोई स्कीम नहीं है — यह एक सपना है, जिसे हमारे परिवहन विभाग और डीटीसी ने साकार किया है।' उन्होंने बताया कि फिलहाल दिल्लीभर में 73 वितरण केंद्र सक्रिय हैं और प्रतिदिन लगभग 11,000 कार्ड जारी किए जा रहे हैं। यह आँकड़ा दर्शाता है कि योजना की माँग अपेक्षाओं के अनुरूप बनी हुई है।
NCMC आधारित डिजिटल ढाँचा
पिंक सहेली कार्ड नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) के मानकों पर आधारित है, जो इसे एक आधुनिक, संपर्करहित और बहु-उपयोगी डिजिटल पास बनाता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यह पहल महिलाओं को पारंपरिक टोकन या नकद भुगतान की झंझट से मुक्त कर सुगम यात्रा अनुभव देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। मंत्री ने कहा कि यह केवल निशुल्क बस यात्रा नहीं, बल्कि सुरक्षित, सम्मानजनक और तकनीक-सक्षम सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
सरकार की प्रतिबद्धता और विस्तार की तैयारी
मंत्री पंकज कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि माँग अनुमान से अधिक बढ़ती है, तो सरकार वितरण क्षमता विस्तार के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, 'हमारी प्राथमिकता स्पष्ट है — हर वह योग्य महिला जो इस सुविधा का लाभ उठाना चाहती है, उसे यह कार्ड मिलना चाहिए।' डीटीसी के पास आवश्यक स्टाफ, तकनीकी प्रणाली और परिचालन तैयारी मौजूद होने का दावा किया गया है।
आम महिलाओं पर असर
दिल्ली में प्रतिदिन लाखों महिलाएँ सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं। पिंक सहेली कार्ड उन्हें न केवल किराये की बचत देता है, बल्कि डिजिटल पहचान के माध्यम से परिवहन प्रणाली से जोड़ता है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में महिला सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता को लेकर लगातार चर्चा होती रही है।
आगे की राह
सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली की अधिक से अधिक पात्र महिलाएँ इस सुविधा का लाभ उठाएँ। वितरण केंद्रों की संख्या और दैनिक क्षमता बढ़ाने पर विचार जारी है। मंत्री ने संकेत दिया कि आने वाले महीनों में योजना के दायरे और पहुँच को और व्यापक बनाया जाएगा।