पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त पर JDU सांसद संजय झा बोले — किसानों को मिल रही सीधी राहत
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद संजय कुमार झा ने 20 जून 2026 को पटना में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त से किसान समुदाय को महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा मिल रहा है। उन्होंने इस योजना के तहत सीधे खातों में आने वाली ₹2,000 की राशि को किसानों की खेती और जीवन-यापन के लिए उपयोगी बताया।
पीएम किसान योजना पर संजय झा का बयान
झा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹2,000 की किस्त भेजी जाती है, जिससे उन्हें बिचौलियों से मुक्ति मिलती है और राशि बिना किसी कटौती के पहुँचती है। उनके अनुसार, यह धनराशि किसानों को खाद, बीज और सिंचाई जैसी बुनियादी ज़रूरतों में सहायता करती है, जिससे वे अपनी खेती बेहतर तरीके से कर सकते हैं।
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर उठाए सवाल
इसी प्रेस वार्ता में संजय झा ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सामने आए वीडियो से पूरी घटना पर संदेह पैदा होता है और केवल चार पुलिसकर्मियों का निलंबन पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले की समयबद्ध जाँच सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि यह प्रक्रिया अनिश्चितकाल तक न खिंचे।
झा ने स्पष्ट किया कि सरकार का यह सिद्धांत — 'कोई भी अपराधी नहीं बचेगा' — आम नागरिक और पुलिसकर्मी दोनों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध भी वैसी ही कठोर कार्रवाई होनी चाहिए जैसी अन्य अपराधियों के खिलाफ की जाती है।
JDU की बड़ी बैठक और संगठनात्मक विस्तार
पार्टी संगठन के बारे में बात करते हुए संजय झा ने बताया कि हाल ही में हुई बैठक विधानसभा चुनावों के बाद JDU की सबसे बड़ी बैठक रही। उन्होंने कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा और 85 सीटें जीतीं, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का समग्र प्रदर्शन भी मजबूत रहा।
उन्होंने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध हुआ है और अब संगठन की सदस्यता एक करोड़ के करीब पहुँच चुकी है। पार्टी का ध्यान अब बिहार में जमीनी स्तर पर संगठन को और मजबूत करने पर केंद्रित है।
आगे की रणनीति
झा के अनुसार, इस बैठक में आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने की रणनीति तय की गई है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जमीनी स्तर पर संगठन को सुदृढ़ किए बिना चुनावी सफलता को दीर्घकालिक नहीं बनाया जा सकता। यह बैठक इस दृष्टि से JDU के लिए एक नई शुरुआत का संकेत मानी जा रही है।