असम सेमीकंडक्टर सुविधा का उद्घाटन दिसंबर में PM मोदी करेंगे: CM हिमंत बिस्वा सरमा
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि मोरीगांव जिले के जागीरोड में निर्माणाधीन सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग सुविधा का पहला 'क्लीन रूम' बनकर तैयार हो चुका है और पायलट चिप का उत्पादन आरंभ हो गया है। उन्होंने बताया कि इस सुविधा का औपचारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 में किए जाने की संभावना है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, "सेमीकंडक्टर सुविधा के संबंध में मैं कुछ दिन पहले आया था। क्लीन रूम पहले से ही तैयार है। उन्होंने पायलट चिप्स का उत्पादन शुरू कर दिया है।" उन्होंने यह भी बताया कि इस सुविधा में कुल दो क्लीन रूम होंगे — पहले का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि दूसरे का काम अभी जारी है।
इस परियोजना को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अंतर्गत फरवरी 2024 में मंजूरी दी गई थी। केंद्र सरकार ने इसे देश की पहली स्वदेशी सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग यूनिट बताया है, जिसका लक्ष्य भारतीय और वैश्विक दोनों बाज़ारों की ज़रूरतें पूरी करना है।
परियोजना की विशेषताएँ
यह सुविधा ₹27,000 करोड़ के निवेश से विकसित की जा रही है और पूरी तरह चालू होने पर इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 4 करोड़ 80 लाख सेमीकंडक्टर चिप्स तक होगी। सरमा ने इसे 'दुनिया की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण सुविधा' बताया।
तकनीकी दृष्टि से इस सुविधा में वायर बॉन्डिंग, फ्लिप चिप और इंटीग्रेटेड सिस्टम पैकेजिंग जैसी उन्नत सेमीकंडक्टर पैकेजिंग तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। यहाँ उत्पादित चिप्स ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, संचार और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों की आपूर्ति करेंगी।
रोज़गार और आर्थिक प्रभाव
सरकारी अनुमानों के अनुसार, इस सुविधा और इससे जुड़े इकोसिस्टम से लगभग 27,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियाँ पैदा होने की उम्मीद है। यह परियोजना असम के औद्योगिक आधार को मज़बूत करने के साथ साथ पूर्वोत्तर भारत को एक टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
गौरतलब है कि पूर्वोत्तर के राज्य परंपरागत रूप से भारी औद्योगिक निवेश से वंचित रहे हैं। इस परिप्रेक्ष्य में ₹27,000 करोड़ की यह परियोजना क्षेत्र के लिए असाधारण महत्व रखती है।
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में स्थान
यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए आक्रामक रूप से प्रयासरत है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत देश में कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, लेकिन जागीरोड की यह इकाई असेंबली और टेस्टिंग के क्षेत्र में पहली स्वदेशी सुविधा के रूप में विशेष स्थान रखती है।
उद्घाटन समारोह में देश भर की कई著名 हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है, हालाँकि अतिथियों की अंतिम सूची अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। आने वाले हफ्तों में इस परियोजना से जुड़ी और जानकारियाँ सामने आने की संभावना है।