31 अक्टूबर 2026
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PM मोदी ने शिवराज सिंह चौहान को भेजा शोक पत्र, काशी बाई के निधन पर जताया गहरा दुख

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PM मोदी ने शिवराज सिंह चौहान को भेजा शोक पत्र, काशी बाई के निधन पर जताया गहरा दुख

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की 76 वर्षीया माता काशी बाई के निधन पर गहरा शोक जताते हुए पत्र भेजा। भोपाल एम्स में निधन के बाद सीहोर के जैत गाँव में वैदिक रीति से अंतिम संस्कार हुआ, जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित राजनेताओं की बड़ी उपस्थिति रही।

मुख्य बातें

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माता काशी बाई ( 76 ) का निधन भोपाल एम्स में हुआ।
PM नरेंद्र मोदी ने शोक पत्र भेजकर कहा — माँ का जाना जीवन में कभी न भरने वाला खालीपन छोड़ता है।
पार्थिव शरीर साकेत नगर, भोपाल से सीहोर जिले के पैतृक गाँव जैत ले जाया गया।
जैत गाँव में वैदिक रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार; MP के CM मोहन यादव सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित।
चौहान ने माता की स्मृति में जैत गाँव में पौधारोपण किया।
शिवराज सिंह चौहान 17 वर्षों से अधिक MP के CM रहे; 2024 से केंद्रीय कृषि मंत्री हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माता काशी बाई के निधन पर उन्हें शोक पत्र भेजा है। अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि माँ का स्नेह जीवन की सबसे बड़ी शक्ति होता है और उनका जाना हृदय में ऐसा खालीपन छोड़ता है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकता। काशी बाई (76 वर्ष) का निधन शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2026 की सुबह भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में हुआ।

शोक पत्र में क्या कहा प्रधानमंत्री ने

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने शोक पत्र में लिखा कि माँ का प्रेम और आशीर्वाद जीवन के हर पड़ाव पर संबल प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि माँ का स्नेह जीवनभर शक्ति का स्रोत बना रहता है और उनके जाने से उत्पन्न रिक्तता को कोई भी नहीं भर सकता।

प्रधानमंत्री ने शिवराज सिंह चौहान के लंबे सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व निर्माण में पारिवारिक संस्कारों और बड़ों के आशीर्वाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि काशी बाई की स्मृतियाँ और उनके दिए संस्कार सदा मार्गदर्शन करते रहेंगे।

मोदी ने शोकाकुल परिवार के लिए इस दुखद घड़ी में शक्ति और साहस की भी कामना की।

भोपाल एम्स में हुआ निधन, जैत गांव में अंतिम संस्कार

काशी बाई पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और भोपाल के एम्स में उनका उपचार चल रहा था। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए भोपाल के साकेत नगर स्थित चौहान के निवास पर रखा गया। इसके बाद पार्थिव शरीर को सीहोर जिले के पैतृक गाँव जैत ले जाया गया, जहाँ शुक्रवार शाम वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया।

अंतिम संस्कार में उमड़ा नेताओं और लोगों का सैलाब

अंतिम संस्कार में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, अनेक मंत्री, सांसद, विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी काशी बाई के निधन पर दुख व्यक्त किया।

पौधारोपण से दी मां को अनूठी श्रद्धांजलि

अंतिम संस्कार के बाद शिवराज सिंह चौहान ने अपनी माँ की स्मृति में जैत गाँव में एक पौधा लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह पौधा आगे चलकर एक विशाल वृक्ष बनेगा, जो पक्षियों, जीव-जंतुओं और अन्य प्राणियों को आश्रय देगा तथा पर्यावरण संरक्षण में योगदान करेगा।

चौहान ने भावुक होकर कहा, 'जिस तरह मां का स्नेह जीवनभर शीतल छांव की तरह हमारे साथ रहता है, उसी तरह उनका आशीर्वाद भी हमेशा हमारे ऊपर बना रहे। इन पेड़ों के साथ मेरी मां की यादें भी हमेशा हरी-भरी बनी रहेंगी।'

शिवराज सिंह चौहान का राजनीतिक परिचय

शिवराज सिंह चौहान BJP के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह 2024 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पूर्व 17 वर्षों से अधिक समय तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में वे केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। यह ऐसे समय में है जब वे किसान-केंद्रित नीतियों पर केंद्र सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सत्तारूढ़ दल के भीतर शिवराज सिंह चौहान के वज़न को दर्शाता है। गौरतलब है कि चौहान 17 वर्षों तक मध्य प्रदेश की राजनीति का केंद्र रहे और अब केंद्र में कृषि नीति की धुरी हैं — ऐसे में यह शोक व्यक्त करना मात्र सौजन्य नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक-सामाजिक संकेत भी है। अंतिम संस्कार में MP के मुख्यमंत्री से लेकर राज्यभर के नेताओं की उपस्थिति यह भी बताती है कि चौहान का जनाधार और संगठनात्मक प्रभाव अभी भी अखंड है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवराज सिंह चौहान की माता काशी बाई का निधन कब और कहाँ हुआ?
काशी बाई (76) का निधन शुक्रवार की सुबह भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में हुआ। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं।
PM मोदी ने शिवराज सिंह चौहान को शोक पत्र में क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पत्र में कहा कि माँ का स्नेह जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है और उनका जाना हृदय में ऐसा खालीपन छोड़ता है जिसे कभी भरा नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि काशी बाई की स्मृतियाँ और संस्कार सदा मार्गदर्शन करते रहेंगे।
काशी बाई का अंतिम संस्कार कहाँ हुआ?
काशी बाई का अंतिम संस्कार सीहोर जिले के पैतृक गाँव जैत में वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार शुक्रवार शाम किया गया। इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को भोपाल के साकेत नगर स्थित चौहान के निवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था।
काशी बाई के अंतिम संस्कार में कौन-कौन उपस्थित थे?
अंतिम संस्कार में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, अनेक मंत्री, सांसद, विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
शिवराज सिंह चौहान ने माता को कैसे श्रद्धांजलि दी?
शिवराज सिंह चौहान ने अंतिम संस्कार के बाद जैत गाँव में एक पौधा लगाकर अपनी माँ को अनूठी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि जैसे माँ का स्नेह जीवनभर शीतल छांव देता है, उसी तरह यह वृक्ष भी जीवों को आश्रय देगा और उनकी यादें हरी-भरी बनाए रखेगा।
राष्ट्र प्रेस
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