FAO एग्रीकोला मेडल 2026: PM मोदी को कृषि सम्मान पर किसानों ने जताई खुशी, बताया राष्ट्रीय गौरव
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने 2026 का प्रतिष्ठित एग्रीकोला मेडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदान किया है। रोम स्थित FAO मुख्यालय में आयोजित समारोह में यह पुरस्कार खाद्य सुरक्षा, सतत कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके असाधारण नेतृत्व को मान्यता देते हुए दिया गया। इस उपलब्धि पर देशभर के किसानों और कृषि संगठनों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।
महासमुंद के किसान की प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के संजीवनी धान उत्पादक प्रगतिशील किसान योगेश्वर चंद्राकर ने इस सम्मान पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा, 'भारत कृषि प्रधान देश है, ऐसे में पीएम मोदी को मिला यह सम्मान निश्चित रूप से हम सबके लिए गौरव की बात है। हम किसानों की तरफ से प्रधानमंत्री जी को बधाई देते हैं।'
चंद्राकर ने यह भी आग्रह किया कि किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को अमल में लाते हुए कृषि उत्पादन वृद्धि और फसलों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। उन्होंने रासायनिक कृषि-रसायनों के दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्यवर्धक और सुरक्षित खेती की दिशा में ठोस प्रयासों की माँग की।
महाराष्ट्र के प्याज किसानों की बधाई
नासिक स्थित महाराष्ट्र स्टेट अनियन प्रोड्यूसर्स फार्मर्स एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष भारत दिघोले ने भी प्रधानमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा, 'कृषि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाले इस सर्वोच्च सम्मान पर महाराष्ट्र के प्याज किसानों की ओर से स्वागत और शुभकामनाएँ।' दिघोले ने कहा कि महाराष्ट्र में अंगूर, गन्ना, सोयाबीन और प्याज सहित विभिन्न फसलों की खेती करने वाले किसान इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
FAO एग्रीकोला मेडल क्या है
FAO एग्रीकोला मेडल संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन का सर्वोच्च सम्मान है, जो वैश्विक खाद्य सुरक्षा और सतत कृषि विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी को यह पुरस्कार भारत और वैश्विक स्तर पर ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके नेतृत्व के लिए दिया गया है।
किसानों की उम्मीदें और आगे की राह
योगेश्वर चंद्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीति और रणनीति ने वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान को मजबूत किया है। उनके अनुसार, इस सम्मान का लाभ केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक खाद्य सुरक्षा और शांति स्थापना में भारत की भूमिका को भी रेखांकित करता है। किसान संगठनों ने आशा व्यक्त की है कि इस अंतरराष्ट्रीय पहचान से कृषि नीतियों को और अधिक बल मिलेगा और किसानों की समृद्धि की दिशा में नए कदम उठाए जाएँगे।