PM मोदी को FAO का सर्वोच्च 'एग्रीकोला मेडल', खाद्य सुरक्षा में वैश्विक योगदान को अंतरराष्ट्रीय मान्यता

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PM मोदी को FAO का सर्वोच्च 'एग्रीकोला मेडल', खाद्य सुरक्षा में वैश्विक योगदान को अंतरराष्ट्रीय मान्यता

सारांश

रोम के FAO मुख्यालय में प्रधानमंत्री मोदी को 2026 का 'एग्रीकोला मेडल' मिला — यह FAO का सर्वोच्च सम्मान है। कृषि मंत्री चौहान ने कहा, यह भारत की नहीं, पूरी दुनिया की खाद्य सुरक्षा के प्रति मोदी की प्रतिबद्धता की वैश्विक स्वीकृति है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी को FAO का सर्वोच्च सम्मान 'एग्रीकोला मेडल' 2026 प्रदान किया गया।
यह पदक रोम, इटली स्थित FAO मुख्यालय के FAO प्लेनरी हॉल में FAO महानिदेशक क्यू डोंग्यू ने सौंपा।
सम्मान खाद्य सुरक्षा, कृषि उत्पादकता और किसान कल्याण में योगदान के लिए दिया गया।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा — मोदी ने भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया की खाद्य सुरक्षा की चिंता की।
IARI को श्री अन्ना के लिए वैश्विक अनुसंधान संस्था बनाने की दिशा में काम जारी है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार, 21 मई को हैदराबाद में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त राष्ट्र की संस्था खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) द्वारा वर्ष 2026 का सर्वोच्च सम्मान 'एग्रीकोला मेडल' प्रदान किया गया है। यह पदक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों के कल्याण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया है।

समारोह का विवरण

प्रधानमंत्री मोदी को बुधवार को इटली के रोम स्थित FAO मुख्यालय के ऐतिहासिक FAO प्लेनरी हॉल में आयोजित एक विशेष समारोह में यह पदक प्रदान किया गया। FAO के महानिदेशक क्यू डोंग्यू ने स्वयं प्रधानमंत्री को यह सम्मान सौंपा। संगठन के अनुसार, यह FAO का सर्वोच्च पुरस्कार है।

महानिदेशक क्यू डोंग्यू ने प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान कृषि उत्पादकता बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा मज़बूत करने और किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के प्रति प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

शिवराज सिंह चौहान का बयान

कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खाद्य सुरक्षा में केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की चिंता की है। उन्होंने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय मान्यता से देश के कृषि उत्पादन, गुणवत्ता सुधार और कृषि अनुसंधान की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को वैश्विक स्वीकृति मिली है।

चौहान ने यह भी बताया कि सरकार भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) को प्रधानमंत्री मोदी के विज़न के अनुरूप श्री अन्ना (मोटे अनाज) के लिए एक वैश्विक संस्था बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत किसानों तक शोध पहुँचाने और मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने के लिए बुनियादी ढाँचे का विकास और अनुसंधान कार्य जारी है।

पूर्वी भारत की कृषि पर ज़ोर

इससे पहले, मंगलवार को भुवनेश्वर के मेफेयर कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कृषि मंत्री चौहान ने कहा था कि पूर्वी भारत देश के कृषि विकास का ग्रोथ इंजन बन सकता है। उन्होंने इस आयोजन को महज औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूर्वी भारत की कृषि, किसानों की आजीविका और क्षेत्रीय कृषि रणनीति को नई दिशा देने का गंभीर मंच बताया।

चौहान ने पूर्वी भारत की कृषि को अधिक उत्पादक, टिकाऊ, वैज्ञानिक और लाभकारी बनाने का आह्वान किया। गौरतलब है कि यह सम्मेलन ऐसे समय में आया है जब सरकार कृषि क्षेत्र में वैश्विक पहचान और घरेलू सुधार दोनों मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है।

एग्रीकोला मेडल का महत्व

FAO का 'एग्रीकोला मेडल' उन व्यक्तियों या संस्थाओं को दिया जाता है जिन्होंने वैश्विक खाद्य सुरक्षा और कृषि विकास में असाधारण योगदान दिया हो। प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान मिलना भारत की कृषि नीतियों की अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है।

आगे की राह

IARI को वैश्विक मोटे अनाज अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत देश को श्री अन्ना के वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है। सरकार के अनुसार, इस दिशा में बुनियादी ढाँचे और अनुसंधान पर काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे घरेलू कृषि संकट के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए — जहाँ किसानों की आय दोगुनी करने का 2022 का लक्ष्य अभी भी बहस का विषय बना हुआ है। श्री अन्ना को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल सराहनीय है, पर IARI को 'वैश्विक संस्था' बनाने की घोषणा के साथ ठोस बजट आवंटन और समयसीमा का अभाव इसे अधूरा बनाता है। पूर्वी भारत को 'ग्रोथ इंजन' बताना तब तक अर्थपूर्ण नहीं होगा जब तक सिंचाई, भंडारण और बाज़ार संपर्क में निवेश का रोडमैप स्पष्ट न हो।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी को 'एग्रीकोला मेडल' क्यों दिया गया?
FAO ने यह सम्मान खाद्य सुरक्षा मज़बूत करने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों के जीवन को बेहतर बनाने में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान के लिए दिया है। FAO महानिदेशक क्यू डोंग्यू ने इसे मोदी की वैश्विक कृषि प्रतिबद्धता की स्वीकृति बताया।
'एग्रीकोला मेडल' क्या है?
'एग्रीकोला मेडल' संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) का सर्वोच्च सम्मान है, जो वैश्विक खाद्य सुरक्षा और कृषि विकास में असाधारण योगदान देने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं को प्रदान किया जाता है।
यह पदक कहाँ और कब दिया गया?
यह पदक बुधवार को इटली के रोम स्थित FAO मुख्यालय के ऐतिहासिक FAO प्लेनरी हॉल में एक विशेष समारोह में प्रदान किया गया। FAO महानिदेशक क्यू डोंग्यू ने स्वयं प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान सौंपा।
IARI को वैश्विक श्री अन्ना केंद्र बनाने की योजना क्या है?
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) को मोटे अनाज (श्री अन्ना) के लिए एक वैश्विक अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत किसानों तक शोध पहुँचाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए बुनियादी ढाँचे का विकास और अनुसंधान कार्य जारी है।
पूर्वी भारत की कृषि पर सरकार का क्या रुख है?
कृषि मंत्री चौहान ने भुवनेश्वर में पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन में कहा कि पूर्वी भारत देश के कृषि विकास का ग्रोथ इंजन बन सकता है। उन्होंने इस क्षेत्र की कृषि को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और वैज्ञानिक बनाने का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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