सोना न खरीदें: PM मोदी की अपील पर प्रयागराज सर्राफा व्यापारियों का समर्थन, वैकल्पिक नीति की उम्मीद

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सोना न खरीदें: PM मोदी की अपील पर प्रयागराज सर्राफा व्यापारियों का समर्थन, वैकल्पिक नीति की उम्मीद

सारांश

PM मोदी की एक साल तक सोना न खरीदने की अपील पर प्रयागराज के सर्राफा व्यापारियों ने देशहित का हवाला देते हुए समर्थन जताया — लेकिन साथ ही सरकार से अपने कारोबार के लिए वैकल्पिक नीति की भी उम्मीद रखी।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र से अपील की कि कम से कम एक साल तक अनावश्यक सोने की खरीदारी न करें।
प्रयागराज के सर्राफा व्यापारियों ने इस अपील को देशहित में दूरदर्शी कदम बताते हुए समर्थन दिया।
व्यापारियों ने माना कि अल्पावधि में कारोबार प्रभावित हो सकता है, लेकिन वैश्विक संकट में यह ज़रूरी है।
प्रयागराज सर्राफा व्यापार मंडल ने सरकार से व्यापारियों के लिए वैकल्पिक निवेश विकल्प और ठोस नीति की माँग की।
मोदी के अनुसार सोने के आयात पर खर्च होने वाला विदेशी मुद्रा भंडार अन्य महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में लगाया जा सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कम से कम एक साल तक अनावश्यक सोने की खरीदारी न करने की अपील पर प्रयागराज के सर्राफा बाज़ार में मिश्रित, लेकिन बड़े पैमाने पर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। स्थानीय सर्राफा व्यापारियों ने इसे वैश्विक संकट के बीच देशहित में उठाया गया दूरदर्शी कदम बताया है, हालाँकि उन्होंने सरकार से व्यापारियों के लिए वैकल्पिक आर्थिक व्यवस्था की भी माँग की है।

मुख्य घटनाक्रम

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में राष्ट्र को संबोधित करते हुए अपील की थी कि कम से कम एक साल तक अनावश्यक सोने की खरीदारी से परहेज़ किया जाए। उन्होंने तर्क दिया था कि सोने के आयात पर खर्च होने वाला विदेशी मुद्रा भंडार मौजूदा वैश्विक संकट के दौरान अन्य महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में उपयोग किया जा सकता है। यह अपील ऐसे समय में आई है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के कारण भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बताया जा रहा है।

व्यापारियों की प्रतिक्रिया

प्रयागराज के प्रसिद्ध सर्राफा बाज़ार में कारोबार करने वाले एक व्यापारी ने कहा, 'वे हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने लंबी अवधि के लिए जो कुछ कहा है, ज़रूर देश के हित में सोचा होगा। हमें उनका साथ देना चाहिए।' एक अन्य व्यापारी ने कहा, 'चारों ओर युद्ध की स्थिति है, विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव है। ऐसे में सोने की खरीदारी कम करने से देश को फायदा होगा। यह उनकी दूरदर्शी सोच को दिखाता है।'

प्रयागराज सर्राफा व्यापार मंडल के सदस्यों ने सामूहिक रूप से इस अपील का स्वागत किया। एक सदस्य ने कहा, 'हम प्रधानमंत्री के इस बयान का पूर्ण समर्थन करते हैं। उन्होंने सिर्फ रोकने की अपील नहीं की, बल्कि निश्चित रूप से व्यापारियों और जनता दोनों के लिए कोई बेहतर विकल्प भी सोचा होगा। अगर जनता एक साल तक सोना नहीं खरीदेगी तो उन्होंने हमारे लिए भी कोई राह निकाली होगी।'

व्यापार पर संभावित असर

व्यापारियों ने स्वीकार किया कि सोने की खरीदारी पर अस्थायी रोक से अल्पावधि में कारोबार प्रभावित हो सकता है। गौरतलब है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातकों में से एक है और सोने पर देश का सालाना विदेशी मुद्रा व्यय अरबों डॉलर में होता है। व्यापारियों ने आशा जताई कि सरकार इस दौरान सोने के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए ठोस नीति लाएगी।

सरकार से वैकल्पिक नीति की माँग

व्यापारियों ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति और वैश्विक संकट को देखते हुए यह कदम आवश्यक है, लेकिन सरकार को स्थानीय सर्राफा व्यापारियों को अन्य निवेश विकल्पों में मार्गदर्शन और सहायता देनी चाहिए। उनका सुझाव है कि सोने के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू विकल्प — जैसे सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड या डिजिटल गोल्ड — को बढ़ावा दिया जाए।

आगे क्या

अभी तक केंद्र सरकार की ओर से व्यापारियों के लिए किसी विशेष राहत पैकेज या वैकल्पिक नीति की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। प्रयागराज के सर्राफा व्यापारी सरकार की अगली नीतिगत घोषणाओं पर नज़र बनाए हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि उनके व्यापारिक हितों की भी रक्षा की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी व्यावहारिक सीमाएँ स्पष्ट हैं — सोने की माँग भारत में सांस्कृतिक और धार्मिक जड़ों से जुड़ी है, जिसे एक राष्ट्रीय संबोधन से बदलना आसान नहीं। प्रयागराज के व्यापारियों का समर्थन उत्साहजनक है, पर उनकी यह उम्मीद कि 'सरकार ने हमारे लिए भी कुछ सोचा होगा' — एक अनुत्तरित प्रश्न छोड़ती है। असली कसौटी यह होगी कि क्या सरकार सोने के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए कोई ठोस नीतिगत ढाँचा लाती है, या यह अपील केवल नैतिक आग्रह तक सीमित रहती है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने सोना न खरीदने की अपील क्यों की?
PM मोदी ने कहा कि सोने के आयात पर खर्च होने वाला विदेशी मुद्रा भंडार मौजूदा वैश्विक संकट में अन्य महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में लगाया जा सकता है। उन्होंने देशवासियों से कम से कम एक साल तक अनावश्यक सोने की खरीदारी से परहेज़ करने की अपील की।
प्रयागराज के सर्राफा व्यापारियों ने इस अपील पर क्या कहा?
प्रयागराज सर्राफा व्यापार मंडल के सदस्यों ने सामूहिक रूप से अपील का स्वागत किया और इसे देशहित में दूरदर्शी कदम बताया। साथ ही उन्होंने सरकार से व्यापारियों के लिए वैकल्पिक निवेश विकल्प और राहत नीति की उम्मीद जताई।
क्या इस अपील से सर्राफा कारोबार पर असर पड़ेगा?
व्यापारियों ने माना कि अल्पावधि में कारोबार प्रभावित हो सकता है। हालाँकि उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव को देखते हुए यह कदम ज़रूरी है।
सरकार ने व्यापारियों के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की है?
अभी तक केंद्र सरकार की ओर से व्यापारियों के लिए किसी विशेष राहत पैकेज या वैकल्पिक नीति की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। व्यापारी सरकार की अगली नीतिगत घोषणाओं का इंतज़ार कर रहे हैं।
भारत में सोने के आयात का विदेशी मुद्रा भंडार पर क्या असर होता है?
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातकों में से एक है और सोने पर सालाना विदेशी मुद्रा व्यय अरबों डॉलर में होता है। PM मोदी के अनुसार, इस खर्च को कम करके विदेशी मुद्रा भंडार को अन्य ज़रूरी क्षेत्रों के लिए सुरक्षित किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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