PM मोदी के पत्र से गौरवान्वित हुए कानपुर के आशुतोष यादव, बोले — 'सामान्य नागरिक की बात सुनी'
सारांश
मुख्य बातें
कानपुर के प्रतियोगी छात्र आशुतोष यादव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत पत्र मिला है, जिसमें मोदी ने आशुतोष की राष्ट्रहित की भावना और उनके परिवार के संकल्प की सराहना की। 13 जून को लिखे इस पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे आत्मीय संदेश उन्हें राष्ट्र के लिए निरंतर कार्य करने की नई ऊर्जा देते हैं। यह घटना लोकतांत्रिक संवाद की उस परंपरा को रेखांकित करती है जिसमें एक सामान्य नागरिक सीधे देश के प्रमुख तक अपनी बात पहुँचा सकता है।
पत्र में क्या लिखा प्रधानमंत्री ने
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में लिखा, 'स्नेहपूर्ण पत्र के माध्यम से अपने विचार साझा करने के लिए आभार। आपकी व परिवार के अन्य लोगों की भावनाओं ने मेरे हृदय को छू लिया है।' उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए ऊर्जा संरक्षण के उनके आह्वान पर देशवासी विभिन्न स्तरों पर उल्लेखनीय प्रयास कर रहे हैं।
पत्र में आगे लिखा गया, 'राष्ट्र प्रथम के भाव से जिस प्रकार आपने और परिवार के लोगों ने अत्यावश्यक वस्तुओं के विवेकपूर्ण उपभोग का संकल्प लिया है, वह सराहनीय है।' प्रधानमंत्री ने आशुतोष को 'आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण की आधारशिला' बताया और उनकी राष्ट्रीय व वैश्विक विषयों के प्रति जागरूकता की प्रशंसा की।
आशुतोष ने क्यों लिखा था पत्र
आशुतोष यादव ने बताया कि समाचारों के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री की ओर से अपने सुरक्षा काफिले को सीमित करने की पहल की जानकारी मिली थी। इस पर उन्होंने पत्र लिखकर चिंता जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता न करने की बात कही थी। यह पत्र एक युवा नागरिक की उस सोच को दर्शाता है जो देश के नेतृत्व की सुरक्षा को लेकर सजग है।
आशुतोष की प्रतिक्रिया — 'खुशनशीब और गौरवान्वित'
प्रधानमंत्री का पत्र मिलने पर आशुतोष यादव ने कहा, 'मैं अपने आपको खुशनशीब और बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक नागरिक अपनी बात प्रधानमंत्री तक पहुँचा सकता है।' उन्होंने यह भी कहा कि वे प्रधानमंत्री के आभारी हैं कि उन्होंने एक सामान्य नागरिक की बात सुनी और उस पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।
विकास और जनभागीदारी पर आशुतोष के विचार
आशुतोष ने पिछले 12 वर्षों में हुए विकास का जिक्र करते हुए कहा कि डिजिटल क्रांति सबसे बड़ी उपलब्धि रही है। उन्होंने UPI के माध्यम से भुगतान की सुविधा, हाईवे और एक्सप्रेसवे के विस्तार तथा बुलेट ट्रेन परियोजना का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी योजना की सफलता के लिए जनभागीदारी अनिवार्य है और स्वच्छता अभियान इसका उत्कृष्ट उदाहरण है।
युवाओं की भूमिका पर आशुतोष ने कहा, 'युवा ही देश की गति और दिशा तय करते हैं।' यह भावना प्रधानमंत्री के उस संदेश से मेल खाती है जिसमें उन्होंने युवाओं को सशक्त भारत की नींव बताया है। आने वाले समय में ऐसे युवा-नेतृत्व संवाद लोकतांत्रिक सहभागिता को और मजबूत कर सकते हैं।