'मन की बात' का 137वाँ एपिसोड: BJP नेताओं ने बताया प्रेरणा का स्रोत, रामायण से की तुलना
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अगस्त, रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 137वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। कार्यक्रम के प्रसारण के बाद देशभर के भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम देश के कोने-कोने में हो रहे सकारात्मक कार्यों को राष्ट्रीय मंच पर लाता है।
नेताओं की प्रतिक्रियाएँ
छत्तीसगढ़ के रायपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का 137वाँ एपिसोड था। देशभर के लोग हर महीने के आखिरी रविवार को इस कार्यक्रम का बेसब्री से इंतजार करते हैं, और यह इतना लोकप्रिय हो गया है कि लोग इसे एक साथ सुनने के लिए गाँवों में भी इकट्ठा होते हैं।'
मुंबई से BJP विधायक आर. तमिल सेल्वन ने कार्यक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मैं एक बात कहना चाहता हूँ कि अगर आपको भारत में रहना है तो 'वंदे मातरम' कहना ही होगा।'
रामायण से तुलना
अंबाला में मंत्री अनिल विज ने 'मन की बात' की तुलना दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले रामायण धारावाहिक से की। उन्होंने कहा, 'जब रामायण का प्रसारण होता था, तो लोग उसे देखने के लिए इकट्ठा हो जाते थे और सड़कें और शहर खाली हो जाते थे। ठीक उसी तरह, अब लोग 'मन की बात' का इंतजार करते हैं। हर महीने के आखिरी रविवार को जब पीएम मोदी यह कार्यक्रम करते हैं, तो लोग उन्हें सुनते हैं। पीएम मोदी हमारे सबसे अच्छे दोस्त, दार्शनिक और मार्गदर्शक हैं।'
युवाओं और नशा-मुक्त भारत पर जोर
मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने इस एपिसोड में प्रधानमंत्री के युवाओं को दिए संदेश को रेखांकित करते हुए कहा, '2047 तक विकसित भारत के प्रधानमंत्री के विजन में देश के युवाओं का खास योगदान होगा, इसीलिए उन्होंने युवाओं से नशा-मुक्त भारत की दिशा में काम करने का आह्वान किया है। युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना हर किसी का कर्तव्य है।'
कार्यक्रम का महत्व और व्यापक असर
गौरतलब है कि 'मन की बात' प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रसारित होता है और इसे देश-विदेश में करोड़ों लोग सुनते हैं। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री को आम नागरिकों की उपलब्धियों, सामाजिक पहलों और राष्ट्रीय मूल्यों पर सीधे संवाद का मंच प्रदान करता है। 137वें एपिसोड में सकारात्मक सामाजिक बदलाव और युवा-केंद्रित संदेश पर विशेष ध्यान दिया गया।