26 अक्टूबर 2026
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खड़गे की टिप्पणी लोकतंत्र पर कलंक, कांग्रेस का विनाश तय: आचार्य प्रमोद कृष्णम

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खड़गे की टिप्पणी लोकतंत्र पर कलंक, कांग्रेस का विनाश तय: आचार्य प्रमोद कृष्णम

सारांश

कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने हरिद्वार से कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की PM मोदी के दिवंगत पिता पर कथित टिप्पणी को 'लोकतंत्र पर कलंक' बताया और सनातन धर्म व देश की जनता से माफी की माँग की। उनका दावा है — कांग्रेस का विनाश तय है।

मुख्य बातें

कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने 26 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की PM मोदी के दिवंगत पिता पर कथित टिप्पणी की कड़ी निंदा की।
आचार्य ने खड़गे की भाषा को भारतीय लोकतंत्र के माथे पर कलंक करार दिया।
उन्होंने माँग की कि खड़गे सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और देश की जनता से सार्वजनिक माफी माँगें।
आचार्य ने 'विनाशकाले विपरीत बुद्धि' का संदर्भ देते हुए कांग्रेस के राजनीतिक पतन को अवश्यंभावी बताया।
उन्होंने खड़गे की भाषा की तुलना रावण से करते हुए कहा कि मर्यादाहीन वाणी से विनाश निश्चित होता है।

कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने 26 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उस टिप्पणी पर कड़ा प्रहार किया, जो कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई थी। उन्होंने खड़गे की भाषा को भारतीय लोकतंत्र के माथे पर कलंक बताते हुए उनसे सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और देश की जनता से सार्वजनिक माफी की माँग की। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने यह भी दावा किया कि इस विवाद के बाद कांग्रेस का राजनीतिक पतन सुनिश्चित हो गया है।

आचार्य का तीखा प्रहार

हरिद्वार से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, 'जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाते हैं।' उन्होंने 'विनाशकाले विपरीत बुद्धि' का संदर्भ देते हुए कहा कि पहले उन्हें लगता था कि केवल राहुल गांधी की बुद्धि भ्रष्ट हुई है, किंतु अब पूरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) की बुद्धि भ्रष्ट प्रतीत होती है।

रावण से तुलना और माफी की माँग

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने खड़गे की भाषा की तुलना रावण से करते हुए कहा कि जिस प्रकार रावण का पतन उसकी मर्यादाहीन वाणी के कारण हुआ, उसी प्रकार कांग्रेस का भी विनाश तय है। उनके अनुसार, 'बंदूक से निकली गोली और जुबान से निकली बोली कभी वापस नहीं आती।' उन्होंने माँग की कि खड़गे केवल प्रधानमंत्री मोदी से नहीं, बल्कि सनातन धर्म, भारतीय सनातन परंपरा, देश की संस्कृति, संस्कारों और समस्त जनता से माफी माँगें।

कांग्रेस पर लगातार निशाना

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री मोदी, उनकी माता और उनके दिवंगत पिता को लेकर लगातार अपमानजनक टिप्पणियाँ की जाती रही हैं। उन्होंने देश और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति कांग्रेस की कथित टिप्पणियों पर भी गहरी आपत्ति जताई। उनके अनुसार, किसी भी नेता के लिए शब्दों की मर्यादा और भारतीय संस्कृति के संस्कारों का पालन करना अनिवार्य है।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब देश में राजनीतिक तीखापन चरम पर है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार को लेकर विपक्षी नेताओं की टिप्पणियाँ इससे पहले भी बड़े राजनीतिक विवादों को जन्म दे चुकी हैं। खड़गे की इस कथित टिप्पणी को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उससे जुड़े विभिन्न संगठनों ने भी तीखी प्रतिक्रिया के साथ खारिज किया है।

आगे क्या

आचार्य प्रमोद कृष्णम के बयान के बाद इस राजनीतिक विवाद के और गहराने की संभावना है। कांग्रेस की ओर से इस आलोचना का आधिकारिक जवाब आना अभी शेष है। धार्मिक और सांस्कृतिक हस्तियों की राजनीतिक मामलों में सक्रिय भागीदारी भारतीय जनमत को प्रभावित करती रही है, और यह प्रकरण भी आगामी दिनों में राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भारत में सनातन धर्म और सत्तारूढ़ दल के राजनीतिक हितों के बीच बढ़ते तालमेल को रेखांकित करता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि खड़गे की मूल टिप्पणी का संदर्भ और सटीक शब्द अभी विवादित हैं, फिर भी प्रतिक्रियाएँ उससे कहीं अधिक तेज़ और व्यापक हैं — यह दर्शाता है कि इस विवाद का उपयोग राजनीतिक लामबंदी के लिए किया जा रहा है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह प्रश्न नहीं उठाती कि धार्मिक पीठाधीश्वरों के राजनीतिक बयान किस हद तक संस्थागत प्रभाव का उपयोग करते हैं। कांग्रेस की प्रतिक्रिया की अनुपस्थिति में यह एकतरफा आख्यान बन रहा है, जो आगे और विवाद को हवा दे सकता है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने खड़गे की किस टिप्पणी की निंदा की?
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उस कथित टिप्पणी की निंदा की, जो PM नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई बताई जा रही है। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र और सनातन संस्कृति के विरुद्ध बताया।
आचार्य प्रमोद कृष्णम कौन हैं?
आचार्य प्रमोद कृष्णम कल्कि पीठ के पीठाधीश्वर हैं और धार्मिक-सामाजिक मामलों पर मुखर टिप्पणीकार के रूप में जाने जाते हैं। वे राजनीतिक विषयों पर भी समय-समय पर प्रतिक्रिया देते रहते हैं।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने खड़गे से क्या माँग की?
आचार्य ने माँग की कि मल्लिकार्जुन खड़गे केवल प्रधानमंत्री मोदी से नहीं, बल्कि सनातन धर्म, भारतीय सनातन परंपरा, देश की संस्कृति, संस्कारों और समस्त जनता से सार्वजनिक माफी माँगें। उन्होंने इस टिप्पणी को 'महापाप' करार दिया।
आचार्य ने कांग्रेस के पतन की बात क्यों कही?
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने 'विनाशकाले विपरीत बुद्धि' का हवाला देते हुए कहा कि जब किसी का विनाश निकट होता है, तो उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है। उन्होंने खड़गे की भाषा की तुलना रावण से की और कांग्रेस के राजनीतिक भविष्य को अंधकारमय बताया।
यह विवाद किस राजनीतिक परिदृश्य में उभरा है?
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश में विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच राजनीतिक तीखापन बढ़ा हुआ है। PM मोदी और उनके परिवार को लेकर की गई टिप्पणियाँ इससे पहले भी बड़े राजनीतिक विवादों को जन्म दे चुकी हैं, और इस बार धार्मिक हस्तियों की प्रतिक्रिया ने मामले को और व्यापक बना दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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