पीएम मोदी की 'नेतृत्व यात्रा': भारत में शासन और जन आकांक्षाओं में परिवर्तन का प्रतीक
सारांश
Key Takeaways
- पीएम मोदी ने 8,900 से अधिक दिन शासन किया है।
- उनका कार्यकाल एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
- गुजरात का जीडीपी 16 गुना बढ़ा है।
- मोदी का दृष्टिकोण 'प्रदर्शन आधारित सत्ता समर्थक भावना' है।
- भारत में दीर्घकालिक सत्ता प्राप्त करना जनता के विश्वास पर निर्भर है।
नई दिल्ली, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के राजनीतिक इतिहास में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब देश के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले नेता बन गए हैं। पीएम मोदी ने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस पर चर्चित थिंक टैंक ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन के सीईओ अखिलेश मिश्रा ने इसे एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। यह उपलब्धि कई चुनावों में निरंतर बनी रहने वाली एक दुर्लभ लोकतांत्रिक स्वीकृति को दर्शाती है।
सीईओ अखिलेश मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि भारत जैसे प्रतिस्पर्धात्मक लोकतंत्र में दीर्घकालिक सत्ता प्राप्त करना आसान नहीं है, यह जनता के विश्वास के आधार पर ही संभव है।
उन्होंने कहा कि भारत में सत्ता में बने रहना कोई स्वाभाविक वरदान नहीं है, बल्कि यह चुनाव दर चुनाव अर्जित किया जाता है।
अखिलेश मिश्रा ने इस उपलब्धि के महत्व को बताते हुए कहा कि पीएम मोदी ने अब तक एक निर्वाचित सरकार के प्रमुख के रूप में 8,900 से अधिक दिन बिताए हैं, जो पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और अब प्रधानमंत्री के रूप में हैं। यह पवन कुमार चामलिंग के कार्यकाल से अधिक है।
उन्होंने कहा कि दुनिया के अन्य लोकतंत्रों में नेतृत्व में इस प्रकार की निरंतरता असामान्य है, जहां लोकप्रिय नेता अक्सर बदलते रहते हैं। भारत के अतीत के कई प्रभावशाली नेता भी इस स्तर की राजनीतिक दीर्घकालिकता प्राप्त नहीं कर सके।
मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यकाल केवल अपनी अवधि के लिए ही नहीं, बल्कि लगातार चुनावों के माध्यम से नवीनीकरण किए गए जनादेश की प्रकृति के लिए भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने गुजरात में उनके शासन के रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए बताया कि 2001 में भुज भूकंप के बाद शुरू हुआ उनका कार्यकाल एक व्यापक शासन मॉडल में परिवर्तित हुआ, जो बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, कृषि और औद्योगिक विकास पर केंद्रित था।
उन्होंने बताया कि गुजरात का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2002 से 2023 के बीच 16 गुना बढ़ा, जबकि विनिर्माण क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था का लगभग 44 प्रतिशत बन गया। राज्य में कृषि की वार्षिक वृद्धि दर लगभग 8 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
मिश्रा ने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रमुख राजनीतिक योगदानों में से एक पारंपरिक सत्ता-विरोधी दृष्टिकोण से हटकर 'प्रदर्शन आधारित सत्ता समर्थक भावना' को अपनाना रहा है।
उन्होंने नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हुए कई राष्ट्रीय स्तर के घटनाक्रमों का उल्लेख किया, जिनमें यूपीआई जैसी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का विस्तार, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में वृद्धि और रक्षा निर्यात में तीव्र वृद्धि शामिल हैं।
मिश्रा ने इस उपलब्धि को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पीएम मोदी की नेतृत्व यात्रा न केवल उनकी राजनीतिक दीर्घकालिकता को दर्शाती है, बल्कि भारत में शासन और जन आकांक्षाओं में एक व्यापक बदलाव को भी दिखाती है।