प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया, झारखंड भाजपा के नेताओं की प्रतिक्रियाएं
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी का शासन 8,931 दिन का है।
- यह उपलब्धि पवन कुमार चामलिंग के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ती है।
- झारखंड भाजपा नेताओं ने इसे 'राष्ट्रसेवा की अनवरत साधना' कहा है।
- प्रधानमंत्री मोदी का सफर राष्ट्र प्रथम की भावना का प्रतीक है।
- देशवासियों का विश्वास 2014, 2019 और 2024 के चुनावों में अडिग है।
रांची, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन में एक नई ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में निरंतर शासन का नेतृत्व करते हुए उन्होंने 8,931 दिन पूरे कर लिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
इस उपलब्धि पर झारखंड के भाजपा नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा करते हुए इसे 'राष्ट्रसेवा की अनवरत साधना' कहा है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि पीएम मोदी का यह सफर राष्ट्र प्रथम की भावना, पारदर्शिता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।
उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक, नरेंद्र मोदी ने 8,931 दिनों के साथ भारत में सबसे लंबे समय तक शासन करने का गौरव प्राप्त किया है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इसे सेवा, समर्पण और सुशासन की अद्वितीय यात्रा बताया। उनका कहना था कि यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि जनविश्वास और निरंतर कर्मयोग से परिपूर्ण एक प्रेरणादायक गाथा है, जिसने देश को नई दिशा और गति प्रदान की है।
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने प्रधानमंत्री के समर्पण की सराहना करते हुए लिखा कि गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री तक, उनके जीवन का हर पल केवल देशवासियों के लिए समर्पित रहा है।
झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने प्रधानमंत्री के कार्यकाल को एक 'अद्भुत गाथा' बताया। उन्होंने कहा कि गुजरात मॉडल से लेकर 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र तक, प्रधानमंत्री ने शासन को एक जन आंदोलन में बदल दिया है। साहू ने जोर देकर कहा कि 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनावों के ऐतिहासिक जनादेश यह दर्शाते हैं कि देशवासियों का विश्वास प्रधानमंत्री के साथ अडिग है।