जी20 में पोलैंड की चेतावनी: कृषि व्यापार को हथियार बनाना अस्वीकार्य — डोमान्स्की
सारांश
मुख्य बातें
पोलैंड के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की ने 1 अक्टूबर 2026 को मिल्वौकी में आयोजित जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान कृषि उत्पादों के व्यापार को 'हथियार की तरह इस्तेमाल' किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले और काला सागर के व्यापारिक मार्गों में आई रुकावट ने वैश्विक खाद्य आपूर्ति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
मुख्य घटनाक्रम
डोमान्स्की ने बैठक से अलग दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा, 'आज हमने कृषि उत्पादों के व्यापार को हथियार की तरह इस्तेमाल किए जाने के मुद्दे पर चर्चा की।' उन्होंने स्पष्ट किया कि पोलैंड के लिए यह मुद्दा विशेष महत्व रखता है, क्योंकि उनका देश यूक्रेन की सीमा से सटा हुआ है और इस संकट के प्रत्यक्ष प्रभावों को झेल रहा है।
डोमान्स्की ने कहा, 'यूक्रेन पर रूस के क्रूर और बिना उकसावे के हमले की वजह से यूक्रेन से कृषि उत्पादों के व्यापार में बहुत बड़ी रुकावट आई है।' यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक खाद्य सुरक्षा पहले से ही जलवायु परिवर्तन और आपूर्ति शृंखला व्यवधानों के कारण दबाव में है।
काला सागर की नाकेबंदी का वैश्विक असर
पोलिश मंत्री ने रेखांकित किया कि काला सागर के व्यापारिक मार्गों में आई बाधा का प्रभाव केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, यह नाकेबंदी कई देशों में खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है और यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुँचा रही है।
गौरतलब है कि यूक्रेन दुनिया के सबसे बड़े गेहूँ और सूरजमुखी तेल निर्यातकों में शुमार है। काला सागर मार्ग की रुकावट ने अफ्रीका और मध्य-पूर्व के कई देशों में खाद्य कीमतों पर सीधा असर डाला है।
रूस की कार्रवाई की निंदा
डोमान्स्की ने स्पष्ट किया कि पोलैंड ने अमेरिका में आयोजित इस जी20 बैठक का उपयोग रूस की इस कार्रवाई की खुलकर निंदा करने के लिए किया। उन्होंने कहा, 'रूस के इस कदम की निंदा की जानी चाहिए और पोलैंड ने यहाँ अमेरिका में यही किया।'
यह पोलैंड की उस व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह बहुपक्षीय मंचों पर यूक्रेन के समर्थन में आवाज़ उठाता रहा है। जी20 जैसे मंच पर इस मुद्दे को उठाना इस चर्चा को व्यापक अंतर्राष्ट्रीय वैधता प्रदान करता है।
भारत की भूमिका पर विशेष टिप्पणी
जी20 की चर्चाओं में भारत की भूमिका पर पूछे जाने पर डोमान्स्की ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'भारत एक लीडर है। भारत न सिर्फ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, बल्कि उसकी जीडीपी ग्रोथ भी काफी तेज है।'
स्थिर व्यापारिक संबंधों की अहमियत बताते हुए उन्होंने लोकतांत्रिक शासन का भी उल्लेख किया। डोमान्स्की ने कहा, 'मेरा मानना है कि लोकतांत्रिक देशों के साथ व्यापार करना आसान होता है। लोकतांत्रिक देशों के साथ कारोबार करना भी अक्सर आसान होता है।'
आगे की राह
जी20 व्यापार मंत्रियों की इस बैठक में कृषि व्यापार सुरक्षा पर व्यापक सहमति बनाने की कोशिश की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि बहुपक्षीय दबाव से काला सागर के व्यापारिक मार्गों की बहाली की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। पोलैंड जैसे देशों की सक्रिय भागीदारी इस मुद्दे को वैश्विक एजेंडे पर बनाए रखने में सहायक होगी।