20 जुलाई 2026
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चेन्नम्मा को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दी अंतिम श्रद्धांजलि, PM मोदी की संवेदनाएं देवेगौड़ा परिवार तक पहुँचाईं

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चेन्नम्मा को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दी अंतिम श्रद्धांजलि, PM मोदी की संवेदनाएं देवेगौड़ा परिवार तक पहुँचाईं

सारांश

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी रविवार को बेंगलुरु पहुँचे और 85 वर्ष की आयु में निधन हुईं चेन्नम्मा को केंद्र सरकार की ओर से अंतिम श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पूर्व PM देवेगौड़ा और मंत्री कुमारस्वामी से मिलकर PM मोदी की संवेदनाएं परिवार तक पहुँचाईं।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 19 जुलाई को बेंगलुरु के पद्मनाभनगर में चेन्नम्मा को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।
चेन्नम्मा का शनिवार, 18 जुलाई को 85 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हुआ।
जोशी ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी से मुलाकात कर PM मोदी की संवेदनाएं दीं।
जोशी ने चेन्नम्मा को सादगी और जमीन से जुड़ाव की मिसाल बताया, जो राजनीतिक परिवार में रहते हुए भी विनम्र जीवन जीती रहीं।
पार्थिव शरीर पद्मनाभनगर आवास पर रखा गया, जहाँ लोग अंतिम दर्शन कर सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार, 19 जुलाई को बेंगलुरु के पद्मनाभनगर स्थित देवेगौड़ा परिवार के आवास पर पहुँचकर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा को केंद्र सरकार की ओर से अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। 85 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद शनिवार को निधन हुई चेन्नम्मा के पार्थिव शरीर पर जोशी ने पुष्पांजलि अर्पित की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शोक-संतप्त परिवार को संवेदनाएं दीं।

श्रद्धांजलि का क्रम

जोशी सुबह बेंगलुरु हवाई अड्डे पर उतरे और वहाँ से सीधे पद्मनाभनगर स्थित देवेगौड़ा निवास पहुँचे। उन्होंने चेन्नम्मा के पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत संवेदनाएं परिवार तक पहुँचाईं।

जोशी ने क्या कहा

मीडिया से बात करते हुए जोशी ने कहा, "प्रधानमंत्री ने पूरे परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं जताई हैं। मैं प्रार्थना करता हूं कि भगवान उन्हें इस कभी न भरने वाले नुकसान को सहने की ताकत दे।"

उन्होंने चेन्नम्मा को देवेगौड़ा परिवार की 'ताकत का स्तंभ' बताते हुए कहा, "उनके पति के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री रहने और उनके बच्चों के ऊंचे सरकारी पदों पर होने के बावजूद उन्होंने एक सादा और विनम्र जीवन जीना जारी रखा। उनकी व्यक्तित्व और जीवन-मूल्य समाज के लिए प्रेरणा हैं।"

चेन्नम्मा की विरासत

जोशी ने चेन्नम्मा को एक आदर्श गृहिणी और सादगी की प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि चेन्नम्मा जीवन भर जमीन से जुड़ी रहीं और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल कायम की। "केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देना मेरे लिए सौभाग्य की बात है" — यह उनके शब्द थे।

चेन्नम्मा का निधन

चेन्नम्मा का शनिवार, 18 जुलाई को 85 वर्ष की आयु में लंबी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर परिवार के पद्मनाभनगर स्थित आवास पर रखा गया, जहाँ अंतिम संस्कार से पहले आम लोग, नेता और शुभचिंतक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें। जोशी ने चेन्नम्मा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए परिवार के सदस्यों और उनके प्रशंसकों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की।

यह ऐसे समय में आया है जब देश भर से राजनेता और सार्वजनिक हस्तियाँ देवेगौड़ा परिवार के प्रति शोक व्यक्त कर रही हैं। चेन्नम्मा का सादा जीवन और परिवार के प्रति समर्पण उन्हें राजनीतिक गलियारों से परे एक जन-प्रिय व्यक्तित्व बनाता था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चेन्नम्मा कौन थीं और उनका निधन कब हुआ?
चेन्नम्मा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी थीं। उनका 18 जुलाई को 85 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद बेंगलुरु में निधन हो गया।
प्रह्लाद जोशी ने चेन्नम्मा को श्रद्धांजलि क्यों दी?
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में 19 जुलाई को बेंगलुरु पहुँचे और चेन्नम्मा को अंतिम श्रद्धांजलि दी। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संवेदनाएं देवेगौड़ा परिवार तक पहुँचाईं।
PM मोदी ने देवेगौड़ा परिवार को क्या संदेश भेजा?
प्रह्लाद जोशी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं जताई हैं और प्रार्थना की है कि परिवार को इस असहनीय क्षति को सहने की शक्ति मिले।
चेन्नम्मा को किस रूप में याद किया जा रहा है?
जोशी ने उन्हें सादगी और जमीन से जुड़ाव की प्रतीक बताया। उनके पति के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री रहने तथा बच्चों के ऊँचे पदों पर होने के बावजूद चेन्नम्मा ने हमेशा विनम्र और सादा जीवन जिया।
चेन्नम्मा के अंतिम संस्कार की व्यवस्था क्या है?
उनका पार्थिव शरीर बेंगलुरु के पद्मनाभनगर स्थित देवेगौड़ा परिवार के आवास पर रखा गया है, जहाँ अंतिम संस्कार से पहले लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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