चेन्नम्मा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, PM मोदी ने देवेगौड़ा को फोन कर जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा का सोमवार, 20 जुलाई 2026 को हासन जिले के माविनाकेरे गांव स्थित रंगनाथस्वामी पहाड़ी की तलहटी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। केंद्र और कर्नाटक सरकार के वरिष्ठ नेताओं ने उपस्थित होकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
पीएम मोदी ने फोन पर जताई संवेदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा से फोन पर बात कर चेन्नम्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इस दुख की घड़ी में देवेगौड़ा और उनके पूरे परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
राजकीय सम्मान समारोह और तिरंगा समर्पण
अंतिम संस्कार के दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने चेन्नम्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और राजकीय सम्मान समारोह के पश्चात तिरंगा पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा को सौंपा। इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज केंद्रीय मंत्री और चेन्नम्मा के पुत्र एचडी कुमारस्वामी को भी प्रदान किया गया। शिवकुमार ने तिरंगा सौंपने के बाद देवेगौड़ा के चरण स्पर्श कर उनका सम्मान भी किया।
केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों की उपस्थिति
केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी अंतिम संस्कार में सम्मिलित हुए। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी परिवार के साथ उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।
भावुक हुए देवेगौड़ा, नेताओं ने दी सांत्वना
अंतिम संस्कार के दौरान एचडी देवेगौड़ा भावुक नजर आए और कई बार उनकी आंखें नम हो गईं। उपस्थित सभी नेताओं और समर्थकों ने उन्हें सांत्वना दी। प्रह्लाद जोशी ने कहा कि चेन्नम्मा का निधन केवल देवेगौड़ा परिवार की व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि पूरे कर्नाटक के लिए दुखद क्षण है। उन्होंने चेन्नम्मा को सादगी, गरिमा और पारिवारिक मूल्यों की प्रतीक बताते हुए कहा कि उन्होंने देवेगौड़ा के लंबे सार्वजनिक जीवन में हमेशा मजबूत सहारा बनकर साथ दिया।
निधन की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि चेन्नम्मा का शनिवार, 18 जुलाई 2026 को बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में हृदयाघात के कारण निधन हो गया था। उन्हें 16 जुलाई की रात सांस लेने में कठिनाई, सीने में जकड़न और उम्र संबंधी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके अंतिम संस्कार में परिवार के सदस्यों, राजनीतिक नेताओं और बड़ी संख्या में समर्थकों ने भाग लिया।