15 जुलाई 2026
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महिला आरक्षण विधेयक पर प्रवीण डबास की राय: महिलाएं हैं बेहतरीन नेता

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महिला आरक्षण विधेयक पर प्रवीण डबास की राय: महिलाएं हैं बेहतरीन नेता

सारांश

अभिनेता प्रवीण डबास ने महिला आरक्षण विधेयक का स्वागत करते हुए कहा है कि महिलाएं खुद में पूर्ण हैं। उन्होंने आरक्षण के खिलाफ अपनी राय व्यक्त की और कहा कि महिलाओं को राजनीति में सक्रिय होना चाहिए।

मुख्य बातें

महिलाएं बेहतरीन नेता हैं।
आरक्षण की आवश्यकता समाप्त हो चुकी है।
योग्यता के अनुसार अवसर मिलना चाहिए।
महिलाओं को राजनीति में सक्रिय होना चाहिए।

मुंबई, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता प्रवीण डबास, जिन्होंने 'दिल्लगी', 'तपिश' और 'खोसला का घोसला' जैसी चर्चित फिल्मों में अभिनय किया है, ने महिला आरक्षण विधेयक पर अपनी राय व्यक्त की है।

प्रवीण डबास केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हैं, परंतु वे आरक्षण के खिलाफ हैं। उनका मानना है कि देश में सभी प्रकार के आरक्षण को समाप्त कर देना चाहिए।

महिला आरक्षण विधेयक के संदर्भ में अभिनेता ने राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में कहा, "मैं इस विधेयक को दो दृष्टिकोण से देखता हूं। महिलाओं को हमेशा आगे रखना चाहिए, क्योंकि उनके योगदान से देश की विकास प्रक्रिया में सुधार होगा। लेकिन मैं आरक्षण के खिलाफ हूं। महिलाएं पहले से ही सक्षम हैं और उन्हें किसी सहारे की आवश्यकता नहीं है। मैं यह सिर्फ महिलाओं के लिए नहीं, बल्कि उन सभी के लिए कह रहा हूं, जिन्हें आरक्षण प्राप्त है।"

उन्होंने यह भी कहा कि जिन समस्याओं के कारण देश में आरक्षण की आवश्यकता पड़ी थी, वे अब समाप्त हो चुकी हैं। भारत अब इतना सशक्त हो गया है कि हर कोई अपनी मेहनत से नौकरी प्राप्त कर सकता है और राजनीति में भाग ले सकता है। लेकिन यदि हम आरक्षण को समाप्त करते हैं, तो कुछ लोग इसके खिलाफ राजनीति करेंगे। यही कारण है कि वर्तमान स्थिति में आरक्षण को हटाना कठिन है। जब तक जाति व्यवस्था है, तब तक आरक्षण भी बना रहेगा।

महिलाओं की राजनीति में भागीदारी से होने वाले सकारात्मक बदलावों पर उन्होंने कहा, "महिलाएं बहुत अच्छी नेता साबित हो सकती हैं, वे घर, ऑफिस और देश सभी को संभाल सकती हैं। इसलिए, चाहे आरक्षण हो या न हो, महिलाओं को देश के लिए काम करने का साहस दिखाना चाहिए। हमारे देश की महिलाएं, जैसे कि इंदिरा गांधी और वर्तमान में दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, यह साबित कर चुकी हैं कि वे देश को संभाल सकती हैं। यह सरकार का एक सराहनीय कदम है, लेकिन हां, मैं किसी भी प्रकार के आरक्षण का समर्थन नहीं करता।"

महिला आरक्षण विधेयक की आवश्यकता पर उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि यह विधेयक अब क्यों लाया जा रहा है। अगर पार्टियां पहले से ही तय कर लें कि वे एक क्षेत्र से कितनी महिला उम्मीदवारों को चुनाव में उतारेंगी, तो इस विधेयक की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। जब महिलाएं जीतेंगी, तो उनकी विधानसभा और लोकसभा में भागीदारी अपने आप बढ़ जाएगी। अभिनेता का कहना है कि सभी को योग्यता और मेरिट के आधार पर किसी भी पद पर आना चाहिए, जिससे देश में समानता स्थापित हो सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना है।
प्रवीण डबास का इस विधेयक पर क्या मत है?
प्रवीण डबास इसका स्वागत करते हैं लेकिन आरक्षण के खिलाफ हैं।
महिलाओं की राजनीति में भागीदारी का महत्व क्या है?
महिलाएं एक सक्षम नेता साबित हो सकती हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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