14 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रवीण निषाद का विपक्ष पर वार: वोट चोरी के आरोप भ्रामक, शिकायत है तो कोर्ट जाएं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रवीण निषाद का विपक्ष पर वार: वोट चोरी के आरोप भ्रामक, शिकायत है तो कोर्ट जाएं

सारांश

भाजपा सांसद प्रवीण निषाद ने विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों को भ्रामक बताते हुए न्यायालय जाने की चुनौती दी। साथ ही उत्तर प्रदेश में 24.75% आबादी वाले निषाद समाज के मछुआ आरक्षण की माँग और इंडिया ब्लॉक की आंतरिक दरारों को उजागर किया।

मुख्य बातें

प्रवीण कुमार निषाद ने 13 अक्टूबर 2026 को विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों को भ्रामक बताया और न्यायालय जाने की सलाह दी।
उत्तर प्रदेश में निषाद समाज की आबादी लगभग 24.75 प्रतिशत है, फिर भी मछुआ आरक्षण की माँग अभी भी लंबित है।
निषाद पार्टी के 11 विधायक हैं और सदन में आरक्षण मुद्दे को लगातार उठाया जा रहा है।
निषाद ने इंडिया ब्लॉक की एकता पर सवाल उठाए — कांग्रेस-सपा और कांग्रेस-TMC के बीच आपसी मतभेदों का हवाला दिया।
गृह मंत्री अमित शाह की गुजरात टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि जनता कांग्रेस को नकार चुकी है।

भाजपा सांसद डॉ. प्रवीण कुमार निषाद ने 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में विपक्ष पर तीखा हमला बोला और कहा कि वोट चोरी के आरोप लगाकर जनता को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी दल को चुनावी अनियमितताओं को लेकर शिकायत है, तो उसे संवैधानिक मार्ग अपनाना चाहिए और न्यायालय की शरण लेनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने निषाद समाज के मछुआ आरक्षण की मांग और इंडिया ब्लॉक की आंतरिक कलह पर भी विस्तार से अपना पक्ष रखा।

निषाद समाज का आरक्षण संघर्ष

डॉ. प्रवीण कुमार निषाद ने कहा कि डॉ. संजय कुमार निषाद के नेतृत्व में निषाद समाज दशकों से अपने संवैधानिक अधिकारों की माँग कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने देश की आज़ादी के बाद कई दशकों तक इस समाज की माँगों की अनदेखी की।

उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश में निषाद समाज की आबादी लगभग 24.75 प्रतिशत है, लेकिन मछुआ आरक्षण के लिए संघर्ष अभी भी जारी है। उन्होंने बताया कि निषाद पार्टी अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और भाजपा के साथ है और सदन में इस मुद्दे को लगातार उठाया जा रहा है।

उन्होंने आरक्षण व्यवस्था में कथित विसंगति का भी उल्लेख किया — एक ही बिरादरी के कुछ सदस्यों को सुरक्षित सीट का लाभ मिलता है जबकि अन्य को सामान्य सीट से चुनाव लड़ना पड़ता है। निषाद पार्टी के वर्तमान में 11 विधायक हैं और सरकार में हिस्सेदारी एवं राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की माँग की जा रही है।

विपक्ष के वोट चोरी के आरोप पर पलटवार

भाजपा नेता ने विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे चुनावी अनियमितताओं के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष 'सुविधानुसार' सवाल उठाता है — जब परिणाम अनुकूल नहीं होता तभी शोर मचाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष संवैधानिक तरीके से शिकायत दर्ज कराने का रास्ता सबके लिए खुला है, और ज़रूरत पड़ने पर न्यायालय का सहारा लिया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि विरोध-प्रदर्शन के नाम पर भीड़ जुटाने से राजधानी नई दिल्ली की व्यवस्था प्रभावित होती है और आम नागरिकों को असुविधा होती है। गौरतलब है कि यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कई विपक्षी दल हाल के चुनाव परिणामों पर सवाल उठा रहे हैं।

इंडिया ब्लॉक की एकता पर सवाल

इंडिया ब्लॉक की बैठकों को लेकर डॉ. निषाद ने कहा कि विपक्षी दलों के बीच वास्तविक तालमेल का अभाव है। उनके अनुसार कांग्रेस और समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में कई मुद्दों पर आमने-सामने दिखती हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) अलग-अलग चुनाव लड़ चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गठबंधन केवल भाजपा-विरोध की धुरी पर टिका है, न कि किसी साझा विचारधारा पर।

गुजरात और विकास पर भाजपा का रुख

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गुजरात को लेकर की गई टिप्पणी का समर्थन करते हुए प्रवीण निषाद ने कहा कि जनता कांग्रेस को पहले ही नकार चुकी है और एनडीए के नेतृत्व में विकास की रफ़्तार तेज़ हुई है। उन्होंने गुजरात को विकसित प्रदेश बताया और दावा किया कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भी व्यापक विकास कार्य हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा-एनडीए सरकार में आम नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करता है।

आगे क्या

निषाद समाज का मछुआ आरक्षण का मुद्दा राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है, खासकर उत्तर प्रदेश की जनसांख्यिकीय वास्तविकताओं को देखते हुए। निषाद पार्टी के एनडीए के साथ गठबंधन के चलते यह प्रश्न अहम रहेगा कि केंद्र और राज्य सरकार इस माँग पर कोई ठोस कदम उठाती है या नहीं। विपक्ष द्वारा वोट चोरी के आरोप और भाजपा की जवाबी राजनीति आगामी चुनावी मौसम में और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह एनडीए के कार्यकाल में भी अभी तक पूरी नहीं हुई। उत्तर प्रदेश में 24.75% आबादी वाले समुदाय को यदि सत्ताधारी गठबंधन भी संतुष्ट नहीं कर पाया, तो विपक्ष को कोसना पर्याप्त नहीं होगा। आगामी चुनावी चक्र में निषाद समाज का यही असंतोष तय करेगा कि यह वोट-बैंक किस ओर झुकता है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रवीण निषाद ने विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर क्या कहा?
भाजपा सांसद डॉ. प्रवीण कुमार निषाद ने कहा कि विपक्ष वोट चोरी के आरोप लगाकर जनता को भ्रमित कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी दल को चुनावी अनियमितताओं पर शिकायत है तो उसे भारत निर्वाचन आयोग में संवैधानिक तरीके से शिकायत दर्ज करानी चाहिए या न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाना चाहिए।
निषाद समाज की मछुआ आरक्षण की माँग क्या है?
निषाद समाज मछुआरों के लिए अनुसूचित जाति या जनजाति श्रेणी के तहत आरक्षण की माँग लंबे समय से कर रहा है। डॉ. प्रवीण निषाद के अनुसार उत्तर प्रदेश में इस समाज की आबादी लगभग 24.75 प्रतिशत है, फिर भी उन्हें अपने अधिकारों के लिए दशकों से संघर्ष करना पड़ रहा है।
इंडिया ब्लॉक की एकता पर भाजपा ने क्या सवाल उठाए?
प्रवीण निषाद ने आरोप लगाया कि इंडिया ब्लॉक केवल भाजपा-विरोध की धुरी पर टिका है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस-सपा के मतभेदों और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस व तृणमूल कांग्रेस के अलग-अलग चुनाव लड़ने का हवाला देते हुए कहा कि विपक्षी दलों में आपसी तालमेल का अभाव है।
अमित शाह की गुजरात टिप्पणी पर निषाद का क्या रुख रहा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गुजरात को लेकर की गई टिप्पणी का समर्थन करते हुए प्रवीण निषाद ने कहा कि जनता कांग्रेस को नकार चुकी है और भाजपा-एनडीए के नेतृत्व में विकास हो रहा है। उन्होंने गुजरात को विकसित प्रदेश बताया और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास कार्य होने का भी दावा किया।
निषाद पार्टी की वर्तमान राजनीतिक स्थिति क्या है?
निषाद पार्टी फिलहाल एनडीए और भाजपा के साथ गठबंधन में है और उत्तर प्रदेश विधानसभा में उसके 11 विधायक हैं। पार्टी सदन में मछुआ आरक्षण का मुद्दा लगातार उठा रही है और समाज की राजनीतिक भागीदारी तथा सरकार में हिस्सेदारी बढ़ाने की माँग कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले