15 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी विवाद: स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर टिप्पणी, 15 दिनों में जांच पूरी करने का निर्देश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी विवाद: स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर टिप्पणी, 15 दिनों में जांच पूरी करने का निर्देश

सारांश

प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी में स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने 15 दिनों में जांच पूरी करने और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई का ऐलान किया है। राज्य सरकार ने कैंपस में जीरो टॉलरेंस की नीति का संकेत दिया।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी में स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को गंभीर अपराध करार दिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन और कोलकाता पुलिस दोनों स्तरों पर समानांतर जांच जारी है।
जांच 15 दिनों के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
दोषियों की पहचान होने के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा परिसरों में अशांति के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति की घोषणा की है।

पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने 15 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी में स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में जांच जारी है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस घटना को गंभीर अपराध करार देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन और कोलकाता पुलिस दोनों स्तरों पर समानांतर जांच चल रही है।

मुख्य घटनाक्रम

प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी में स्वामी विवेकानंद की तस्वीर के संदर्भ में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। उच्च शिक्षा मंत्री चट्टोपाध्याय ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय परिसर में हुई निंदनीय घटना है। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

जांच की समयसीमा

मंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच 15 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन को घटना की पूर्ण पड़ताल के निर्देश दिए गए हैं, जबकि कोलकाता पुलिस भी अपने स्तर पर स्वतंत्र रूप से मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद स्वामी विवेकानंद की मूर्तियों, तस्वीरों और पोस्टरों को बदनाम करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

सरकार की प्रतिक्रिया

चट्टोपाध्याय ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों में किसी भी प्रकार की अशांति, राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों और सनातन-विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने जोर दिया कि उच्च शिक्षा परिसरों को अस्थिर करने का प्रयास करने वाले तत्वों के प्रति सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है। मंत्री ने ऐसी गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों को सीधी चेतावनी दी कि वे अपनी सीमाओं का उल्लंघन न करें अन्यथा उच्च शिक्षा विभाग को कठोर कदम उठाने पर विवश होना पड़ेगा।

व्यापक परिप्रेक्ष्य

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालय परिसरों में राजनीतिक और सांस्कृतिक तनाव को लेकर बहस तेज़ है। गौरतलब है कि प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी ऐतिहासिक रूप से बौद्धिक विमर्श का केंद्र रही है, और इस तरह की घटनाएं संस्था की छवि पर सवाल खड़े करती हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार दोनों के सामने यह चुनौती है कि जांच निष्पक्ष हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की व्यवस्था सुनिश्चित हो।

क्या होगा आगे

जांच पूरी होने के बाद 15 दिनों के भीतर दोषियों की पहचान होने की उम्मीद है। चट्टोपाध्याय ने दोहराया कि जो भी इस घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उन्हें कानून के तहत दंडित किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग की यह कार्रवाई राज्य के अन्य विश्वविद्यालय परिसरों के लिए भी एक संदेश होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जांच की निष्पक्षता कैसे सुनिश्चित होगी जब विश्वविद्यालय प्रशासन स्वयं उसी सरकार के अधीन है। पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालय परिसरों में राजनीतिक हस्तक्षेप की पुरानी शिकायतें पहले से मौजूद हैं, और इस मामले में 'जीरो टॉलरेंस' का नारा तब तक खोखला रहेगा जब तक जांच का परिणाम पारदर्शी तरीके से सामने न आए। स्वामी विवेकानंद जैसे राष्ट्रीय प्रतीक से जुड़े विवाद को सांस्कृतिक संवेदनशीलता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन के साथ देखा जाना चाहिए — केवल राजनीतिक अवसर के रूप में नहीं।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी विवाद क्या है?
प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी में स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, जिसे पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने गंभीर अपराध बताया है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और कोलकाता पुलिस दोनों ने जांच शुरू की है।
प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी मामले की जांच कब तक पूरी होगी?
उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा है कि जांच 15 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में सरकार की क्या नीति है?
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि उच्च शिक्षा परिसरों में अशांति, राष्ट्र-विरोधी और सनातन-विरोधी गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। मंत्री ने ऐसी गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों को सीधी चेतावनी दी है।
इस मामले में कौन-कौन सी एजेंसियां जांच कर रही हैं?
विश्वविद्यालय प्रशासन को उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर घटना की जांच करने को कहा गया है, और कोलकाता पुलिस भी स्वतंत्र रूप से अपने स्तर पर मामले की पड़ताल कर रही है।
जांच के बाद क्या कार्रवाई होगी?
जांच पूरी होने के बाद स्वामी विवेकानंद की मूर्तियों, तस्वीरों और पोस्टरों को बदनाम करने वाले व्यक्तियों की पहचान की जाएगी और उनके विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने दोहराया कि दोषियों को दंडित किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले