पेपर लीक दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी, पश्चिम बंगाल से भ्रष्टाचार मिटाएगी BJP: देबाशीष धर व सुब्रत ठाकुर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पश्चिम बंगाल विधायक देबाशीष धर और सुब्रत ठाकुर ने 24 जुलाई को पेपर लीक मामलों पर सुधारों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश का स्वागत किया और भ्रष्टाचार के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' नीति को लागू करने का संकल्प दोहराया। दोनों विधायकों ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में सुशासन और विकास सुनिश्चित करने के लिए भ्रष्टाचार पर कठोर प्रहार अनिवार्य है।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: BJP का रुख
विधायक देबाशीष धर ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' BJP के चुनावी घोषणापत्र का अभिन्न हिस्सा रही है और अब उसी संकल्प पर अमल किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार हर क्षेत्र में गहराई तक फैल गया था, जिसे जड़ से उखाड़ना आवश्यक है।
विधायक सुब्रत ठाकुर ने भी इस नीति का समर्थन करते हुए कहा कि 'विकसित भारत' और 'विकसित पश्चिम बंगाल' के लक्ष्य को पाने के लिए कठोर कदम उठाने होंगे। उनके अनुसार, पिछले कई दशकों से राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जकड़ी रही है — सरकारी दफ्तरों और पंचायतों में 'कट मनी' के बिना काम नहीं होता, जिससे आम जनता सबसे अधिक प्रभावित होती है।
पेपर लीक पर PM मोदी के संदेश का स्वागत
देबाशीष धर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पेपर लीक मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई के पक्षधर हैं और दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसे प्रयासों को कथित तौर पर विदेशों से भी समर्थन मिल रहा है।
सुब्रत ठाकुर ने माँग की कि पेपर लीक की निष्पक्ष और व्यापक जाँच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि लीक के पीछे कौन लोग हैं, उन्हें किसका समर्थन मिल रहा है और यदि किसी संगठित नेटवर्क या बाहरी ताकत की भूमिका है तो उसे भी सामने लाया जाए।
पेपर लीक कानून की घोषणा का समर्थन
सुब्रत ठाकुर ने प्रधानमंत्री द्वारा पेपर लीक पर नया कानून लाने की घोषणा का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार एक ओर देश को बाहरी चुनौतियों से सुरक्षित रख रही है, तो दूसरी ओर शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब पेपर लीक के मुद्दे ने राष्ट्रीय स्तर पर लाखों छात्रों और उनके परिजनों को झकझोर दिया है। गौरतलब है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की माँग लंबे समय से उठती रही है। BJP विधायकों के इस बयान से स्पष्ट है कि पार्टी पश्चिम बंगाल में इस मुद्दे को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर आगे बढ़ाने की तैयारी में है।