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जादवपुर विश्वविद्यालय हॉस्टल में कथित राष्ट्रविरोधी ग्राफिटी पर CM सुवेंदु अधिकारी ने मांगी तत्काल जांच

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जादवपुर विश्वविद्यालय हॉस्टल में कथित राष्ट्रविरोधी ग्राफिटी पर CM सुवेंदु अधिकारी ने मांगी तत्काल जांच

सारांश

जादवपुर विश्वविद्यालय के बॉयज हॉस्टल में कथित राष्ट्रविरोधी ग्राफिटी की शिकायतें मिलने के बाद CM सुवेंदु अधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग को भौतिक सत्यापन, जिम्मेदारों की पहचान और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 24 अगस्त को जादवपुर विश्वविद्यालय के आर्ट्स डिवीजन बॉयज हॉस्टल में कथित राष्ट्रविरोधी ग्राफिटी पर तत्काल जांच के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री शिकायत प्रकोष्ठ को छात्रों से वीडियो और तस्वीरें प्राप्त हुईं, जिनमें कथित आपत्तिजनक एवं हिंसक संदेश दिखाई दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को भौतिक सत्यापन, ग्राफिटी हटाने और जिम्मेदारों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
पश्चिम बंगाल सरकार ने शैक्षणिक परिसरों में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति की पुष्टि की।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 24 अगस्त को जादवपुर विश्वविद्यालय के आर्ट्स डिवीजन बॉयज हॉस्टल परिसर में कथित आपत्तिजनक और राष्ट्रविरोधी दीवार लेखन (ग्राफिटी) एवं चित्रों को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग को इस मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री शिकायत प्रकोष्ठ को विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों की ओर से वीडियो और तस्वीरें प्राप्त हुई हैं। इन सामग्रियों में आर्ट्स डिवीजन बॉयज हॉस्टल की दीवारों पर कथित तौर पर हिंसक, आपत्तिजनक और भारत-विरोधी संदेशों वाले चित्र एवं ग्राफिटी दिखाई दे रहे हैं। यह ऐसे समय में सामने आया है जब देश के कई विश्वविद्यालय परिसरों में वैचारिक ध्रुवीकरण को लेकर बहस तेज है।

मुख्यमंत्री का एक्स पर बयान

अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश में कहा कि शैक्षणिक संस्थान शिक्षा, अकादमिक उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण के पवित्र केंद्र होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'किसी भी स्थिति में विश्वविद्यालय परिसर को विकृत प्रचार या भारत-विरोधी विचारों के प्रसार का मंच नहीं बनने दिया जाएगा।'

जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री ने जादवपुर विश्वविद्यालय के कुलपति, उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों को निम्नलिखित कदम उठाने के निर्देश दिए: सबसे पहले हॉस्टल क्षेत्र का भौतिक सत्यापन किया जाए; यदि आपत्तिजनक ग्राफिटी पाई जाती है तो उसे तत्काल हटाया जाए; और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।

सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति

पश्चिम बंगाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह राज्य में किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के प्रति — विशेषकर शैक्षणिक परिसरों में — 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाती है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए परिसर में स्वस्थ शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करेगा।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि जादवपुर विश्वविद्यालय पहले भी परिसर से जुड़े विवादों के कारण सुर्खियों में रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के परिणाम और प्रशासनिक कार्रवाई की दिशा आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब जांच स्वतंत्र, पारदर्शी और समयबद्ध हो। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय परिसरों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा की सीमा-रेखा को लेकर देशभर में बहस जारी है। असली परीक्षा यह होगी कि प्रशासन 'कथित' ग्राफिटी की जांच में उचित प्रक्रिया का पालन करता है या नहीं — क्योंकि शैक्षणिक स्वायत्तता और जवाबदेही दोनों एक साथ जरूरी हैं।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जादवपुर विश्वविद्यालय ग्राफिटी विवाद क्या है?
जादवपुर विश्वविद्यालय के आर्ट्स डिवीजन बॉयज हॉस्टल की दीवारों पर कथित तौर पर आपत्तिजनक, हिंसक और राष्ट्रविरोधी संदेशों वाले चित्र एवं ग्राफिटी पाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। छात्रों ने इसकी वीडियो और तस्वीरें मुख्यमंत्री शिकायत प्रकोष्ठ को भेजी हैं।
CM सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 24 अगस्त को विश्वविद्यालय के कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को तत्काल भौतिक सत्यापन, आपत्तिजनक सामग्री हटाने और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पश्चिम बंगाल सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति क्या है?
पश्चिम बंगाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह राज्य में — विशेषकर शैक्षणिक परिसरों में — किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। इस नीति के तहत दोषियों के विरुद्ध प्रशासनिक और कानूनी दोनों स्तरों पर कार्रवाई का प्रावधान है।
जादवपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पर क्या कहा है?
अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेगा और परिसर में स्वस्थ शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करेगा।
इस जांच का क्या परिणाम हो सकता है?
यदि जांच में राष्ट्रविरोधी संदेशों और आपत्तिजनक चित्रों की पुष्टि होती है, तो उन्हें तत्काल हटाया जाएगा और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच के नतीजे आने वाले दिनों में सामने आने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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