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जादवपुर विश्वविद्यालय में एक्टिविज्म का कल्चर हावी: दिलीप घोष का तीखा हमला

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जादवपुर विश्वविद्यालय में एक्टिविज्म का कल्चर हावी: दिलीप घोष का तीखा हमला

सारांश

जादवपुर विश्वविद्यालय में ABVP और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच झड़प के बाद मंत्री दिलीप घोष ने विश्वविद्यालय की संस्कृति पर तीखा हमला बोला — आरोप लगाया कि वहाँ पढ़ाई से अधिक एक्टिविज्म और राष्ट्र-विरोधी नारों का माहौल है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल मंत्री दिलीप घोष ने 22 अगस्त को जादवपुर विश्वविद्यालय में एक्टिविज्म के कल्चर पर तीखी आपत्ति जताई।
ABVP और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच तीखी झड़प के बाद राजनीतिक माहौल गरमाया।
घोष ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' जैसे नारे लगाए जाते हैं।
BSF के अधिकार क्षेत्र को 50 किलोमीटर तक बढ़ाने और साल्ट लेक में जमीन आवंटन का घोष ने समर्थन किया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दिल्ली धरने को घोष ने 'नौटंकी' करार दिया।

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने 22 अगस्त को जादवपुर विश्वविद्यालय की संस्कृति पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वहाँ पढ़ाई से अधिक एक्टिविज्म को बढ़ावा दिया जाता है। यह बयान तब आया जब कोलकाता स्थित इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो चुकी थी।

जादवपुर पर दिलीप घोष के आरोप

मीडिया से बात करते हुए दिलीप घोष ने कहा, 'जादवपुर यूनिवर्सिटी में पढ़ाई से ज़्यादा एक्टिविज्म का कल्चर रहा है। अच्छे परिवारों के बच्चे वहाँ जाते हैं और उन्हें ये बातें सिखाई जाती हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि वहाँ एक ऐसा नेक्सस सक्रिय है जहाँ 'भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशाअल्लाह' जैसे नारे लगाए जाते हैं, जो गहरे विवाद का कारण बनते हैं।

घोष ने आगे कहा कि यही लोग पढ़ाई पूरी करके विदेश चले जाते हैं और इस 'क्रांति' के बारे में सब कुछ भूल जाते हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले विश्वविद्यालय में राज्यपाल के साथ भी दुर्व्यवहार की घटना हो चुकी है।

राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों पर चेतावनी

घोष ने स्पष्ट किया कि किसी भी विश्वविद्यालय में राष्ट्र-विरोधी और असामाजिक गतिविधियाँ स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, शिक्षा परिसरों में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना अनिवार्य है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब जादवपुर विश्वविद्यालय पहले भी कई विवादों के केंद्र में रहा है।

TMC विधायक और केसरिया स्टोल पर चुटकी

पश्चिम बंगाल विधानसभा परिसर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक कुणाल घोष द्वारा गले में केसरिया रंग का स्टोल पहनने पर दिलीप घोष ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'लोगों की केसरिया कपड़े पहनने की इच्छा होती है। केसरिया स्कार्फ पहनकर घूमना अच्छा लगता है और देखने में भी अच्छा लगता है। कुणाल घोष की भी इच्छा थी कि इसे पहनकर देखें।'

BSF और सीमा सुरक्षा पर रुख

साल्ट लेक में सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) को जमीन आवंटन के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी का समर्थन करते हुए दिलीप घोष ने कहा, 'हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम कर रहे हैं। देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके साथ सीमा की सुरक्षा भी जुड़ी है।' उन्होंने बताया कि जब अमित शाह गृह मंत्री बने, तो BSF के अधिकार क्षेत्र का दायरा 50 किलोमीटर तक बढ़ाया गया। राज्य सरकार ने शुरुआत में इसका पूरी तरह विरोध किया था, लेकिन बाद में फेंसिंग के लिए जमीन उपलब्ध कराने की कोशिशें की गईं, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के आने के बाद पूरी हुईं।

राहुल गांधी के धरने पर निशाना

दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पैलेट गन के इस्तेमाल के विरोध में पुलिस थाने के बाहर धरना देने पर भी दिलीप घोष ने कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी झारखंड नहीं जा रहे हैं, जहाँ छात्र अपने हितों के लिए विरोध कर रहे हैं। वहाँ उनकी सरकार सत्ता में है और सरकार के फैसले को अदालत ने गलत ठहराया है। इसलिए अब उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा और वे दिल्ली में नौटंकी कर रहे हैं।' जादवपुर विश्वविद्यालय का यह विवाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए तनाव का संकेत दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या वास्तव में राष्ट्र-विरोधी तत्वों की जवाबदेही तय होनी चाहिए — इस विमर्श पर मुख्यधारा की कवरेज अक्सर चुप रह जाती है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जादवपुर विश्वविद्यालय में ताज़ा विवाद क्या है?
जादवपुर विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्र संगठनों और ABVP समर्थकों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। इस पर मंत्री दिलीप घोष ने विश्वविद्यालय में एक्टिविज्म के कल्चर और राष्ट्र-विरोधी नारों पर कड़ी आपत्ति जताई।
दिलीप घोष ने जादवपुर विश्वविद्यालय पर क्या कहा?
दिलीप घोष ने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय में पढ़ाई से ज़्यादा एक्टिविज्म का कल्चर है और वहाँ 'भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशाअल्लाह' जैसे नारे लगाए जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल के साथ पहले भी दुर्व्यवहार हो चुका है और किसी भी विश्वविद्यालय में राष्ट्र-विरोधी गतिविधियाँ स्वीकार्य नहीं।
BSF और साल्ट लेक जमीन आवंटन विवाद क्या है?
साल्ट लेक में सीमा के पास BSF को जमीन आवंटन के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने टिप्पणी की थी। दिलीप घोष ने इसका समर्थन करते हुए कहा कि अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद BSF का अधिकार क्षेत्र 50 किलोमीटर तक बढ़ाया गया और फेंसिंग का काम BJP सरकार के आने के बाद पूरा हुआ।
दिलीप घोष ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
दिलीप घोष ने कहा कि राहुल गांधी झारखंड में छात्रों के विरोध की अनदेखी कर दिल्ली में पैलेट गन के खिलाफ धरना दे रहे हैं, जिसे उन्होंने 'नौटंकी' करार दिया। घोष के अनुसार झारखंड में कांग्रेस की सरकार है और अदालत ने वहाँ सरकार के फैसले को गलत ठहराया है।
जादवपुर विश्वविद्यालय पहले भी विवादों में क्यों रहा है?
जादवपुर विश्वविद्यालय कई बार राजनीतिक विवादों का केंद्र रहा है — राज्यपाल के साथ दुर्व्यवहार की घटना से लेकर छात्र संगठनों के बीच टकराव तक। आलोचकों का कहना है कि परिसर में वैचारिक ध्रुवीकरण गहरा है, जो बार-बार तनाव को जन्म देता है।
राष्ट्र प्रेस
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