21 अगस्त 2026
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जादवपुर यूनिवर्सिटी में देशविरोधी नारे लगे तो फिर होगी 'सर्जिकल स्ट्राइक': दिलीप घोष की चेतावनी

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जादवपुर यूनिवर्सिटी में देशविरोधी नारे लगे तो फिर होगी 'सर्जिकल स्ट्राइक': दिलीप घोष की चेतावनी

सारांश

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद जादवपुर यूनिवर्सिटी पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा बन गई है। एसएफआई-एबीवीपी झड़पों के बाद मंत्री दिलीप घोष की 'सर्जिकल स्ट्राइक' वाली धमकी यह संकेत देती है कि नई BJP सरकार कैंपस राजनीति पर सीधे टकराव के मूड में है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने 21 अगस्त 2026 को चेतावनी दी कि जादवपुर यूनिवर्सिटी में देशविरोधी नारे लगे तो 'सर्जिकल स्ट्राइक' होगी।
एसएफआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच बुधवार-गुरुवार रात और गुरुवार शाम — दो बार झड़प हुई।
झड़पों में नंदलाल बोस द्वारा डिज़ाइन किया गया जेयू का प्रतीक-चिह्न क्षतिग्रस्त हुआ।
जेयू प्रशासन ने जाँच समिति गठित की; शुक्रवार दोपहर 3 बजे सभी हितधारकों की बैठक बुलाई गई।
जेयू शिक्षक संगठन और कलकत्ता यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने हिंसा की निंदा की।

पश्चिम बंगाल के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने 21 अगस्त 2026 को कहा कि यदि कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) में दोबारा देशविरोधी नारे लगाए गए, तो वहाँ फिर से 'सर्जिकल स्ट्राइक' की जाएगी। उनका यह बयान कैंपस में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात और गुरुवार शाम को हुई दो अलग-अलग हिंसक झड़पों के बाद आया है।

मुख्य घटनाक्रम

ये झड़पें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के बीच हुईं। इन झड़पों में भारत के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में शुमार जेयू का प्रतीक-चिह्न भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिसे प्रख्यात चित्रकार नंदलाल बोस ने डिज़ाइन किया था।

दिलीप घोष का बयान

घोष ने शुक्रवार सुबह मीडिया से कहा, 'पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सालों तक कैंपस के अंदर देश-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया। तब किसी ने विरोध करने की हिम्मत नहीं की। हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पहले भी कैंपस के अंदर ऐसी देश-विरोधी गतिविधियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करने की कोशिश की थी। अगर वहाँ देश-विरोधी गतिविधियाँ देखी गईं या फिर से देश-विरोधी नारे लगाए गए, तो वहाँ दोबारा सर्जिकल स्ट्राइक होगी।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में नई भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार जेयू कैंपस के भीतर ऐसी किसी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी।

यूनिवर्सिटी प्रशासन की प्रतिक्रिया

जेयू प्रशासन ने दोनों झड़पों की जाँच के लिए एक समिति गठित करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार दोपहर 3 बजे कैंपस में शांति और व्यवस्था बहाल करने के उपायों पर चर्चा हेतु सभी हितधारकों की एक बैठक बुलाई गई। इस बीच, वामपंथी छात्र संगठनों ने उसी दिन कैंपस के भीतर एक जुलूस निकालने का आह्वान किया।

शिक्षकों और शिक्षाविदों का विरोध

जेयू के शिक्षकों के एक संगठन ने झड़पों और प्रतीक-चिह्न को हुए नुकसान की कड़ी निंदा करते हुए शुक्रवार दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे के बीच विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। वर्तमान और पूर्व दोनों शिक्षकों को इसमें भाग लेने का आमंत्रण दिया गया। कलकत्ता यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने भी इस घटना की निंदा की और एक बयान में कहा कि 'कुछ राजनीतिक मकसद वाले और बेईमान लोगों की हरकतों से भारत के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में से एक की गरिमा को धूमिल नहीं होने दिया जाना चाहिए।'

आगे क्या

यह घटना ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक तनाव चरम पर है। जेयू जाँच समिति की रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई यह तय करेगी कि कैंपस में राजनीतिक गतिविधियों पर किस हद तक अंकुश लगाया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और सत्ता परिवर्तन के बाद यह टकराव अपरिहार्य था। लेकिन एक निर्वाचित मंत्री द्वारा किसी शैक्षणिक संस्थान में 'स्ट्राइक' की धमकी देना संवैधानिक मर्यादाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रतीक-चिह्न की क्षति और शिक्षकों का एकजुट विरोध यह बताता है कि इस मामले में सिर्फ दो छात्र गुटों का टकराव नहीं, बल्कि शैक्षणिक स्वायत्तता बनाम राजनीतिक वर्चस्व की बड़ी लड़ाई है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने जादवपुर यूनिवर्सिटी में 'सर्जिकल स्ट्राइक' की चेतावनी क्यों दी?
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने यह चेतावनी जेयू कैंपस में एसएफआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच हुई दो झड़पों के बाद दी। उन्होंने कहा कि यदि कैंपस में दोबारा देशविरोधी नारे लगाए गए तो BJP कार्यकर्ता फिर से 'सर्जिकल स्ट्राइक' करेंगे।
जादवपुर यूनिवर्सिटी में झड़पें कब और किनके बीच हुईं?
झड़पें बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात और गुरुवार शाम को हुईं। ये टकराव सीपीआई(एम) के छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और आरएसएस से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के बीच हुए।
जेयू प्रशासन ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
जेयू प्रशासन ने दोनों झड़पों की जाँच के लिए एक समिति गठित की है। शुक्रवार दोपहर 3 बजे कैंपस में शांति बहाली के उपायों पर चर्चा के लिए सभी हितधारकों की बैठक बुलाई गई।
झड़पों में जेयू के प्रतीक-चिह्न को नुकसान कैसे पहुँचा और इसका महत्व क्या है?
झड़पों के दौरान जादवपुर यूनिवर्सिटी का प्रतीक-चिह्न क्षतिग्रस्त हो गया, जिसे आधुनिक भारतीय कला के अग्रदूत नंदलाल बोस ने डिज़ाइन किया था। इसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
शिक्षकों और शिक्षाविदों ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
जेयू शिक्षक संगठन ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे के बीच विरोध प्रदर्शन किया और वर्तमान व पूर्व दोनों शिक्षकों को आमंत्रित किया। कलकत्ता यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक मकसद वाले लोगों को संस्थान की गरिमा धूमिल नहीं करने दी जानी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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