जादवपुर यूनिवर्सिटी: देश-विरोधी ग्रैफिटी और झड़पों की जांच, ACP ने किया कैंपस दौरा
सारांश
मुख्य बातें
जादवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकाता में हॉस्टल परिसर में कथित देश-विरोधी वॉल ग्रैफिटी और छात्र संगठनों के बीच हुई झड़पों की जांच के लिए असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) मनोज कुमार झा ने मंगलवार, 25 अगस्त को कैंपस का दौरा किया। यह दौरा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा यूनिवर्सिटी प्रशासन को ग्रैफिटी की जांच के निर्देश देने के ठीक एक दिन बाद हुआ।
पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज
ACP झा ने यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार सेलिम बॉक्स मंडल से करीब 45 मिनट की बैठक में ग्रैफिटी विवाद और हालिया झड़पों के बारे में विस्तृत चर्चा की। पुलिस पहले ही 19 और 20 अगस्त की घटनाओं से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की मांग कर चुकी थी, और इस बैठक में फुटेज संग्रह की प्रक्रिया पर सहमति बनी।
रजिस्ट्रार मंडल ने बताया कि कुछ मामले गोपनीय हैं जिनका सार्वजनिक खुलासा संभव नहीं, लेकिन उन्होंने पुष्टि की कि मांगे गए फुटेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि वाइस चांसलर की तबीयत ठीक न होने के कारण उन्होंने यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व किया।
मुख्य घटनाक्रम: 19-20 अगस्त की झड़पें
19 और 20 अगस्त को दक्षिण कोलकाता स्थित जादवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) — जो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का छात्र संगठन है — और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं के बीच दो अलग-अलग झड़पें हुईं।
पहली झड़प 8बी बस स्टैंड क्रॉसिंग पर SFI कार्यकर्ताओं और सुरक्षा कर्मियों के बीच हुई। दूसरी झड़प मुख्य गेट के सामने SFI और ABVP के बीच हुई, जिसमें प्रसिद्ध चित्रकार नंदलाल बोस द्वारा डिजाइन किया गया यूनिवर्सिटी का प्रतीक चिह्न क्षतिग्रस्त हो गया। इसे बाद में ठीक करके 21 अगस्त को गेट नंबर चार पर पुनः स्थापित किया गया।
जांच समिति और सरकार की प्रतिक्रिया
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 19 और 20 अगस्त की झड़पों की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश प्रणब कुमार चटर्जी की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की है। इस समिति की पहली बैठक 27 अगस्त को निर्धारित है।
राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चटर्जी ने घटनाओं की कड़ी निंदा की और छात्रों, शिक्षकों तथा शोधकर्ताओं से कैंपस में शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जादवपुर यूनिवर्सिटी को शिक्षा और उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखनी चाहिए और 'छोटी-मोटी परेशानियाँ' इसकी वैश्विक छवि को धूमिल न करें।
मुख्यमंत्री का एक्स पोस्ट और ग्रैफिटी विवाद
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें आर्ट्स डिवीजन बॉयज हॉस्टल के अंदर कथित आपत्तिजनक ग्रैफिटी दिखाई गई थी। उन्होंने दोहराया कि शैक्षणिक संस्थान 'सीखने और राष्ट्र-निर्माण की पवित्र जगहें' हैं और कैंपस का उपयोग 'प्रोपेगैंडा या भारत-विरोधी भावनाएं फैलाने' के लिए नहीं किया जाना चाहिए। यह वीडियो और तस्वीरें मुख्यमंत्री कार्यालय को शिकायत सेल के माध्यम से छात्रों से प्राप्त हुई थीं।
गौरतलब है कि जादवपुर यूनिवर्सिटी पहले भी छात्र राजनीति और परिसर विवादों के केंद्र में रही है। आगे की कार्रवाई जांच समिति की रिपोर्ट और पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा पर निर्भर करेगी।