23 अगस्त 2026
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जादवपुर यूनिवर्सिटी विवाद: दिलीप घोष बोले — देश-विरोधी नारे और अवैध गतिविधियाँ अब बर्दाश्त नहीं

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जादवपुर यूनिवर्सिटी विवाद: दिलीप घोष बोले — देश-विरोधी नारे और अवैध गतिविधियाँ अब बर्दाश्त नहीं

सारांश

जादवपुर यूनिवर्सिटी में छात्र गुटों के बवाल पर मंत्री दिलीप घोष ने साफ कह दिया — देश-विरोधी नारे और अवैध गतिविधियाँ अब नहीं चलेंगी। साथ ही उन्होंने 'वंदे मातरम' विवाद पर कांग्रेस को घेरा और अन्नपूर्णा भंडार योजना पर TMC के सवालों का जवाब दिया।

मुख्य बातें

मंत्री दिलीप घोष ने 23 अगस्त को कहा कि जादवपुर यूनिवर्सिटी में देश-विरोधी नारे और गैर-कानूनी गतिविधियाँ अब बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
घोष ने आरोप लगाया कि परिसर में ड्रग्स-गांजे का अड्डा था और केंद्रीय मंत्री व राज्यपाल का अपमान हुआ।
पुलिस और प्रशासन को कैंपस में कानून-व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए गए।
'वंदे मातरम' विवाद पर घोष ने कांग्रेस पर निशाना साधा, कहा — 80 साल बाद भी राष्ट्रगीत याद नहीं।
अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत आधार कार्ड व वोटर कार्ड से सत्यापन के बाद ही लाभ मिलेगा।

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 23 अगस्त 2026 को जादवपुर यूनिवर्सिटी में छात्र गुटों के बीच भड़के विवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि परिसर में देश-विरोधी नारे और गैर-कानूनी गतिविधियाँ अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। रविवार सुबह पत्रकारों से बातचीत में घोष ने कैंपस में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट निर्देश देने की बात कही।

मुख्य घटनाक्रम

मंत्री दिलीप घोष ने कहा, 'जादवपुर विवाद के बारे में यह पहली बार नहीं है जब ऐसा हो रहा है। वहाँ देश-विरोधी नारे लगाए जाते थे और गैर-कानूनी गतिविधियाँ हो रही थीं। वहाँ ड्रग्स-गांजा सबका अड्डा बना हुआ था। इस बारे में पहले से ही सब जानते थे। वहाँ केंद्रीय मंत्री और राज्यपाल का अपमान हुआ, उस पर कोई कुछ नहीं बोलता था। अब जादवपुर में यह नहीं चलेगा।'

घोष ने यह भी कहा कि पुलिस को परिसर की कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए और प्रशासन को कैंपस के भीतर की स्थितियों को नियंत्रण में रखना होगा।

'वंदे मातरम' विवाद पर कांग्रेस पर निशाना

इसी बीच 'वंदे मातरम' विवाद पर मंत्री घोष ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पूरा 'वंदे मातरम' नहीं गाया क्योंकि उन्हें राष्ट्रगीत की पूरी पंक्तियाँ याद ही नहीं हैं।

घोष ने कहा, 'कांग्रेस ने आज तक वंदे मातरम भी नहीं सीखा। 80 साल हो गए हैं। पहले इसे सीखो फिर बात करो। आपकी कौन सुनेगा? आपने 60 साल तक देश पर राज किया, आपने देश को क्या दिया? आपने इसे गरीब बना दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को उस स्थिति से बाहर निकाला है और इसे आगे ले जा रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी के साथ है और सड़कों पर अव्यवस्था फैलाने की कोशिश सफल नहीं होगी।

अन्नपूर्णा भंडार योजना पर सफाई

अन्नपूर्णा भंडार योजना पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक कुणाल घोष की टिप्पणी के जवाब में मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि जो भी तय मानदंड पूरा करेगा उसे योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने TMC पर पलटवार करते हुए कहा कि TMC ने पहले पुरुषों को भी लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ दे दिया था, जिसकी अनुमति किसी ने नहीं दी थी।

घोष ने स्पष्ट किया कि अन्नपूर्णा भंडार और आवास योजना — दोनों के लिए सर्वे किए जा रहे हैं। आधार कार्ड, वोटर कार्ड और अन्य दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। जैसे-जैसे सत्यापन पूरा होगा, पात्र लाभार्थियों को सुविधाएँ दी जाएंगी।

जादवपुर: विवादों का पुराना इतिहास

यह ऐसे समय में आया है जब जादवपुर यूनिवर्सिटी पिछले कुछ वर्षों में कई बार सुर्खियों में रही है — चाहे वह छात्र राजनीति हो, परिसर में कानून-व्यवस्था का सवाल हो या प्रशासनिक विफलता। गौरतलब है कि यह पश्चिम बंगाल के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है और यहाँ की घटनाएँ राज्य की राजनीति में बड़ा असर डालती हैं। मंत्री घोष के बयान को राज्य में बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।

आगे क्या होगा

मंत्री के बयान के बाद यह देखना अहम होगा कि पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन कैंपस में शांति बहाल करने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं। अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत सत्यापन प्रक्रिया जारी है और सरकार का दावा है कि पात्र लाभार्थियों को जल्द लाभ मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिम बंगाल में बदलती राजनीतिक शक्ति-संरचना का संकेत है। जादवपुर यूनिवर्सिटी वर्षों से वाम और TMC समर्थित छात्र राजनीति का केंद्र रही है — और अब BJP-समर्थित सरकार का इस परिसर पर ध्यान केंद्रित होना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। 'वंदे मातरम' और 'देश-विरोधी' जैसे मुद्दों को उठाकर घोष ने राष्ट्रवाद की राजनीति को शिक्षा परिसर तक खींचा है — जो आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। असली सवाल यह है कि क्या ये बयान ठोस प्रशासनिक कार्रवाई में बदलेंगे, या महज राजनीतिक संदेश बनकर रह जाएंगे।
RashtraPress
23 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जादवपुर यूनिवर्सिटी विवाद क्या है जिस पर दिलीप घोष ने बयान दिया?
जादवपुर यूनिवर्सिटी में छात्र गुटों के बीच बवाल हुआ, जिसके बाद पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने कड़ा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसर में देश-विरोधी नारे लगते थे, ड्रग्स का अड्डा था और केंद्रीय मंत्री व राज्यपाल का अपमान हुआ।
दिलीप घोष ने जादवपुर यूनिवर्सिटी को लेकर क्या कहा?
दिलीप घोष ने कहा कि अब जादवपुर में देश-विरोधी नारे और गैर-कानूनी गतिविधियाँ बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को कैंपस में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
'वंदे मातरम' विवाद में कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए गए?
दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पूरा 'वंदे मातरम' नहीं गाया क्योंकि उन्हें राष्ट्रगीत की पूरी पंक्तियाँ याद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 80 साल बाद भी कांग्रेस ने यह नहीं सीखा।
अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ किसे मिलेगा?
मंत्री दिलीप घोष के अनुसार जो भी तय मानदंड पूरा करेगा उसे अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ मिलेगा। आधार कार्ड, वोटर कार्ड और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थियों को सुविधाएँ दी जाएंगी।
जादवपुर यूनिवर्सिटी में कानून-व्यवस्था को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे?
मंत्री के बयान के बाद पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन से कैंपस में शांति बहाल करने की अपेक्षा है। हालाँकि अभी तक कोई ठोस कार्य-योजना सार्वजनिक नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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