अग्निमित्रा पॉल: भारत में रहकर वंदे मातरम न गाना अस्वीकार्य, नफरत की कोई जगह नहीं
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने 28 अगस्त को कोलकाता में रक्षाबंधन के अवसर पर कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग गर्व के साथ खुद को हिंदुस्तानी कहते हैं और वंदे मातरम गाते हैं, उनके साथ उनकी सरकार कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में रहते हुए वंदे मातरम न गाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
रक्षाबंधन और राष्ट्रीय एकता का संदेश
अग्निमित्रा पॉल ने रक्षाबंधन को प्यार और भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत तमाम मंत्रियों को इस पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, 'हम लोग सिर्फ प्यार और विकास की बात करते हैं। आज की तारीख में हमारे बीच किसी भी प्रकार की नफरत की जगह नहीं है।' उनके अनुसार, सरकार सभी वर्गों के हितों की परवाह करती है और किसी के साथ भेदभाव नहीं करती।
अभिषेक बनर्जी विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी से जुड़े प्रकरण पर पॉल ने कहा कि पुलिस और नगर निगम से जुड़े अधिकारी किसी ठोस कारण से वहाँ गए थे, और मामले की जाँच जारी है। उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि वे यह भूल गए हैं कि अब उनकी सरकार नहीं है। पॉल ने कहा, 'आपको थोड़ी सी भी तमीज नहीं है कि एक सांसद होने के नाते आपको कैसे बोलना है। थोड़ा सूझबूझ के साथ चलिए।' उन्होंने इस मामले में फिलहाल कोई अतिरिक्त टिप्पणी करने से परहेज किया, यह कहते हुए कि जाँच के बीच हस्तक्षेप उचित नहीं होगा।
जादवपुर विश्वविद्यालय और वंदे मातरम विवाद
जादवपुर विश्वविद्यालय में वंदे मातरम कार्यक्रम को लेकर उठे विवाद पर पॉल ने कहा कि यह विश्वविद्यालय हमेशा से अपनी राष्ट्रवादी परंपरा के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब इसमें कथित तौर पर 'राष्ट्रविरोधी तत्व' दाखिल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर संस्थान के भीतर किसी विषय पर मतभेद हो, तो उसे आपसी संवाद से सुलझाया जाना चाहिए। उनका स्पष्ट मत था कि भारत में रहते हुए वंदे मातरम न गाने की स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नेपाल आपदा और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा
नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर पॉल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कथित तौर पर 100 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं, हालाँकि अभी कोई स्पष्ट आधिकारिक आँकड़ा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री स्तर पर आपसी संवाद के जरिए स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश जारी है। उन्होंने उत्तराखंड की पिछली आपदाओं का हवाला देते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन ऐसी त्रासदियों को जन्म देता है। पॉल ने आगाह किया कि यदि अभी से ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियाँ इसकी भारी कीमत चुकाएँगी।
आगे की राह
अग्निमित्रा पॉल के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव का माहौल है और जादवपुर विश्वविद्यालय में राष्ट्रगान को लेकर विवाद गहरा रहा है। गौरतलब है कि BJP और TMC के बीच राष्ट्रवाद के मुद्दे पर यह टकराव नया नहीं है, और आने वाले दिनों में यह बहस और तेज होने की संभावना है।