एनसीपीआई बैठक पर भाजपा शीर्ष नेतृत्व का फैसला अंतिम, व्यक्तिगत राय नहीं चलेगी: अग्निमित्रा पॉल
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की भाजपा मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने 28 जुलाई 2026 को कोलकाता में स्पष्ट किया कि नेशनल सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के साथ प्रस्तावित बैठक को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेतृत्व का निर्णय ही अंतिम होगा और इसमें किसी व्यक्तिगत राय की कोई भूमिका नहीं है। साथ ही उन्होंने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान की 'वंदे मातरम' पर की गई टिप्पणी की कड़ी आलोचना की।
एनसीपीआई बैठक पर भाजपा का रुख
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने एनसीपीआई के साथ भाजपा की प्रस्तावित बैठक पर कहा, 'इसमें कोई सवाल ही नहीं उठता। भाजपा शीर्ष नेतृत्व जो भी फैसला करेगा, वही अंतिम होगा। हमारी पार्टी एक अनुशासित पार्टी है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'हर मामले में दखल देना सही नहीं है। हो सकता है कि आपको व्यक्तिगत रूप से कोई चीज पसंद न हो, लेकिन पार्टी का फैसला और देशहित में लिया गया फैसला सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें कोई व्यक्तिगत मुद्दा शामिल नहीं होना चाहिए।'
वारिस पठान की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया
'वंदे मातरम' विधेयक पर AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान की टिप्पणी पर पॉल ने कहा, 'हम इस देश को भारत माता कहते हैं। जिस तरह हम अपनी माँ से प्यार करते हैं, उनकी पूजा करते हैं और उनका सम्मान करते हैं, उसी तरह हमें अपने देश का भी सम्मान करना चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि 'वंदे मातरम' कहना राष्ट्र को नमन करने और सम्मान देने का एक तरीका है।
पश्चिम बंगाल में एनआईए थाने की मंजूरी
अग्निमित्रा पॉल ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल एक अत्यंत संवेदनशील सीमावर्ती राज्य है, जो बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार और चीन की सीमाओं से सटा हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य में हाल ही में नई सरकार के गठन के बाद बमबाजी की घटनाएँ सामने आई हैं, जिसके मद्देनज़र कैबिनेट की 7वीं बैठक में एनआईए (NIA) पुलिस स्टेशन की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
ममता बनर्जी और 21 जुलाई मुआवजे पर आरोप
मंत्री ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई की घटना में मारे गए लोगों के आश्रितों को ₹25 लाख देने का वादा किया गया था, परंतु उन्हें केवल ₹2 लाख ही दिए गए। पॉल के अनुसार, राज्य के मुख्यमंत्री ने यह कमीशन रिपोर्ट सार्वजनिक की है। यह मामला राज्य की राजनीति में एक बड़े विवाद का केंद्र बना हुआ है।
आगे की राजनीतिक स्थिति
भाजपा और एनसीपीआई के बीच संभावित बैठक पश्चिम बंगाल की बदलती राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गौरतलब है कि राज्य में नई सरकार के गठन के बाद से सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव दोनों मुद्दे केंद्र में आ गए हैं। भाजपा का अगला कदम इस बैठक के परिणाम पर निर्भर करेगा।