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क्या जेएनयू में देशविरोधी नारेबाजी के खिलाफ एबीवीपी ने प्रदर्शन किया?

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क्या जेएनयू में देशविरोधी नारेबाजी के खिलाफ एबीवीपी ने प्रदर्शन किया?

सारांश

जेएनयू में एबीवीपी ने देशविरोधी नारेबाज़ी के खिलाफ एक जबरदस्त प्रदर्शन किया। छात्रों ने अराजक तत्वों का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया और प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की।

मुख्य बातें

एबीवीपी का विरोध प्रदर्शन देशविरोधी नारेबाज़ी के खिलाफ था।
प्रदर्शन के दौरान अराजक तत्वों का पुतला दहन किया गया।
एबीवीपी ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
हिंसा और अराजकता के खिलाफ छात्रों का संघर्ष जारी रहेगा।
देशविरोधी मानसिकता के खिलाफ एबीवीपी का स्पष्ट संदेश।

नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जेएनयू परिसर में हाल ही में किए गए देशविरोधी, हिंसा को उकसाने वाले और भारतीय संवैधानिक पदों के खिलाफ की गई आपत्तिजनक नारेबाज़ी के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जेएनयू इकाई ने एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया।

इस दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं और सामान्य छात्रों ने उन देशविरोधी नारे लगाने वाले अराजक तत्वों का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। इस प्रदर्शन ने उन अराजक तत्वों के खिलाफ एक सख्त संदेश दिया, जो बार-बार विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने और भयअराजकता फैलाने का प्रयास करते हैं।

एबीवीपी जेएनयू ने विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली पुलिस से मांग की कि पूरे मामले में बिना किसी देरी के त्वरित, निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की जाए। परिषद का कहना है कि देशविरोधी मानसिकता, खुलेआम आपराधिक नारेबाज़ी और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ उकसावे को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। ऐसे कृत्य न केवल विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र की एकता के भी खिलाफ हैं।

एबीवीपी जेएनयू के अध्यक्ष मयंक पंचाल ने कहा कि आम छात्रों पर तुरंत प्रतिबंध और भारी जुर्माने लगाने वाला प्रशासन, वामपंथी गुटों की हिंसा और देशविरोधी नारेबाज़ी पर चुप्पी साध लेता है। यह दोहरा चरित्र अब स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग करती है, ताकि जेएनयू में अराजकता और देशविरोधी मानसिकता को दोबारा पनपने से रोका जा सके।

एबीवीपी जेएनयू के इकाई मंत्री प्रवीण पीयूष ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस को बिना विलंब दोषी तत्वों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेएनयू को किसी भी सूरत में हिंसा, अराजकता और देशविरोधी विचारधाराओं का मंच नहीं बनने दिया जाएगा। एबीवीपी छात्रहित, राष्ट्रहित और संविधान की मर्यादा की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि जेएनयू में एबीवीपी का प्रदर्शन न केवल छात्रों के अधिकारों का प्रतीक है, बल्कि यह दर्शाता है कि राष्ट्रहित और संविधान की रक्षा के लिए छात्रों का संघर्ष जारी रहेगा। यह घटनाक्रम हमें याद दिलाता है कि विश्वविद्यालयों में स्वस्थ संवाद होना चाहिए, लेकिन यह भी जरूरी है कि देशविरोधी गतिविधियों को समाप्त किया जाए।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एबीवीपी ने क्यों किया प्रदर्शन?
एबीवीपी ने देशविरोधी नारेबाज़ी और हिंसा को उकसाने वाले तत्वों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में क्या हुआ?
प्रदर्शन के दौरान अराजक तत्वों का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया।
एबीवीपी की क्या मांग है?
एबीवीपी ने प्रशासन और पुलिस से त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
जेएनयू में ऐसी घटनाएं क्यों होती हैं?
ऐसी घटनाएं अक्सर राजनीतिक विचारधाराओं और संघर्षों के कारण होती हैं।
क्या यह प्रदर्शन छात्रों के अधिकारों का प्रतीक है?
हाँ, यह प्रदर्शन छात्रों के अधिकारों और राष्ट्रहित की रक्षा के लिए किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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