पुजारा का बड़ा बयान: प्रियांश आर्य और वैभव सूर्यवंशी को पहले से पता है टी20 का खेल
सारांश
Key Takeaways
- वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में 7 पारियों में 254 रन बनाकर धमाकेदार फॉर्म दिखाई है।
- प्रियांश आर्य ने 5 मैचों में 211 रन जोड़े हैं और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ संयमित अर्धशतक खेला।
- पूर्व टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने कहा कि इन युवाओं की सोच की स्पष्टता उन्हें इस सीजन का सबसे रोमांचक जोड़ी बनाती है।
- अनुभवी तेज गेंदबाज उमेश यादव ने भी माना कि ये दोनों परिस्थिति के अनुसार खेल बदलने में सक्षम हैं।
- दोनों बल्लेबाजों की पांच प्रमुख खूबियों में निडरता, रणनीतिक सोच, ताकत-टाइमिंग का संयोजन, गियर बदलने की क्षमता और स्वाभाविक खेल शामिल हैं।
- IPL 2026 में इनका प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक सकारात्मक और उत्साहजनक संकेत है।
नई दिल्ली, 23 अप्रैल 2026 — इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में दो युवा बल्लेबाज — प्रियांश आर्य और वैभव सूर्यवंशी — ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। भारत के पूर्व टेस्ट दिग्गज चेतेश्वर पुजारा ने इन दोनों खिलाड़ियों की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में इनकी खेल-समझ किसी भी अनुभवी बल्लेबाज को चौंका सकती है।
पुजारा की नजर में क्या है इन युवाओं की खासियत?
चेतेश्वर पुजारा ने जियोहॉटस्टार के 'चैंपियंस वाली कमेंट्री' कार्यक्रम में कहा, "मेरे लिए जो बात सबसे अलग है, वह सिर्फ इनकी स्ट्रोक-प्ले नहीं, बल्कि इनकी सोच की स्पष्टता है।" उन्होंने आगे जोड़ा कि इस उम्र में अधिकांश खिलाड़ी अभी यह समझने में लगे होते हैं कि वे किस तरह के बल्लेबाज हैं, लेकिन प्रियांश और वैभव को पहले से ही पता है कि उन्हें यह खेल कैसे खेलना है।
पुजारा के अनुसार, वैभव सूर्यवंशी अपनी जबरदस्त और बेजोड़ ताकत के दम पर बड़े शॉट खेलते हैं, जबकि प्रियांश आर्य की टाइमिंग इतनी स्वाभाविक है कि उसे सिखाया नहीं जा सकता। पुजारा ने कहा, "साथ मिलकर, ये दोनों पावर-प्ले के मायने बदल रहे हैं — और सबसे बड़ी बात यह है कि वे यह सब अपने ही अंदाज में कर रहे हैं।"
आंकड़े जो बताते हैं असली ताकत
वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में अब तक 7 पारियों में 254 रन बनाए हैं, जबकि प्रियांश आर्य ने 5 मैचों में 211 रन जोड़े हैं। दोनों बल्लेबाजों ने पावर-प्ले में विशेष रूप से अपनी छाप छोड़ी है।
सूर्यवंशी ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ शानदार अर्धशतक जमाया, जबकि प्रियांश आर्य ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ कठिन रनचेज में संयमित अर्धशतक खेलकर अपनी परिपक्वता का परिचय दिया। ये प्रदर्शन बताते हैं कि ये युवा सिर्फ आक्रामक ही नहीं, बल्कि परिस्थिति के अनुसार खेलने में भी सक्षम हैं।
उमेश यादव ने भी की तारीफ
भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज उमेश यादव ने भी इन दोनों युवाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "टैलेंट पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन जो चीज इन्हें अलग बनाती है, वह है एक ही पारी में परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता।"
उमेश ने आगे कहा कि इन खिलाड़ियों का निडर अंदाज सतह पर ही नहीं दिखता — उसके पीछे खेल की गहरी समझ, मैच-अप्स की जानकारी और अपनी पहचान को लेकर मजबूत आत्मविश्वास छिपा है। उन्होंने कहा, "वे किसी और की तरह बनने की कोशिश नहीं कर रहे — वे जैसे हैं, उसी में सहज हैं।"
पांच खूबियां जो बनाती हैं इन्हें खास
इन दोनों बल्लेबाजों के प्रदर्शन में ५ प्रमुख गुण स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आए हैं। पहली — अपनी उम्र से कहीं ज्यादा निडरता। दूसरी — टी20 क्रिकेट के लिए विशेष रूप से तैयार की गई खेल-रणनीति। तीसरी — जबरदस्त ताकत और बेहतरीन टाइमिंग का संयोजन। चौथी — जरूरत पड़ने पर पारी की रफ्तार बदलने की काबिलियत। और पांचवीं — किसी बड़े खिलाड़ी की नकल किए बिना अपना स्वाभाविक खेल खेलना।
भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा संकेत
गौरतलब है कि IPL हमेशा से भारतीय क्रिकेट की नर्सरी रहा है। रोहित शर्मा, विराट कोहली और हार्दिक पंड्या जैसे खिलाड़ी भी इसी मंच से निखरे थे। ऐसे में प्रियांश आर्य और वैभव सूर्यवंशी का यह उभार भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए अत्यंत सकारात्मक संकेत है।
यह भी उल्लेखनीय है कि जब भारतीय टीम का मध्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव में रहा है, ऐसे समय में इन दोनों का उभार चयनकर्ताओं को एक नई दिशा दे सकता है। IPL 2026 के शेष मैचों में इन दोनों का प्रदर्शन और भी करीब से देखा जाएगा।