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पुणे सिलेंडर विस्फोट: खंडवे नगर में 2 की मौत, 6 वर्षीय निहारिका ने पहली मंजिल से कूदकर बचाई जान

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पुणे सिलेंडर विस्फोट: खंडवे नगर में 2 की मौत, 6 वर्षीय निहारिका ने पहली मंजिल से कूदकर बचाई जान

सारांश

पुणे के खंडवे नगर में शुक्रवार सुबह एलपीजी सिलेंडर बदलते वक्त गैस रिसाव और विस्फोट से दो लोगों की मौत हो गई। इस भीषण हादसे में 6 वर्षीय निहारिका गीते ने पहली मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई — एक बच्ची की सूझबूझ ने सबको चौंका दिया।

मुख्य बातें

पुणे के खंडवे नगर में 5 जून 2026 की सुबह 9:15 बजे एलपीजी सिलेंडर विस्फोट से भीषण आग लगी।
विष्णु गीते (60) और रुंदीवनिका विष्णु गीते (50) की इलाज के दौरान मौत; पांडुरंग विष्णु गीते (35) की हालत गंभीर।
6 वर्षीय निहारिका गीते ने पहली मंजिल से छलांग लगाकर जान बचाई; माँ और बच्ची दोनों की हालत स्थिर।
खराडी, धानोरी और येरवडा से 3 दमकल वाहन मौके पर पहुंचे; आग पर काबू के बाद कूलिंग ऑपरेशन चलाया गया।
फ्लैट का हॉल, फर्नीचर, वायरिंग, गीजर और फ्रिज समेत घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट; जांच जारी।

पुणे के खंडवे नगर इलाके में शुक्रवार, 5 जून 2026 की सुबह एलपीजी गैस सिलेंडर विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। इस दुखद हादसे के बीच 6 वर्षीय निहारिका गीते ने पहली मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई — उसकी सूझबूझ ने उसे जलती इमारत से सुरक्षित निकाल दिया।

हादसे का घटनाक्रम

अग्निशमन विभाग के अनुसार, सुबह करीब 9:15 बजे खंडवे नगर स्थित एक आवासीय मकान से आग और सिलेंडर विस्फोट की सूचना मिली। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुराना एलपीजी सिलेंडर खत्म होने के बाद नया सिलेंडर लगाया जा रहा था। इसी दौरान गैस रिसाव हुआ और कुछ ही देर में पूरे कमरे में गैस भर गई, जिसके बाद हुए जोरदार विस्फोट ने पूरे घर को आग की चपेट में ले लिया।

सूचना मिलते ही खराडी, धानोरी और येरवडा फायर स्टेशन से तीन दमकल वाहन मौके पर रवाना किए गए। दमकलकर्मियों के पहुंचने तक ग्राउंड और पहली मंजिल पर भीषण आग फैल चुकी थी।

हताहत और घायल

हादसे में विष्णु गीते (60 वर्ष), रुंदीवनिका विष्णु गीते (50 वर्ष) और पांडुरंग विष्णु गीते (35 वर्ष) गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें से दो की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि तीसरे की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

6 वर्षीय निहारिका गीते ने आग और धुएं से घिरने पर पहली मंजिल से छलांग लगा दी। उसे और उसकी माँ को मामूली चोटें आईं और दोनों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

आग से हुआ नुकसान

फायर ब्रिगेड अधिकारियों ने बताया कि आग में फ्लैट का हॉल पूरी तरह जलकर खाक हो गया। फर्नीचर, टेलीविजन, बिजली की वायरिंग, बाथरूम के दरवाजे, गीजर, रसोई का फ्रिज और अन्य घरेलू सामान आग की भेंट चढ़ गए। पूरे फ्लैट में धुआं भर जाने से दीवारें काली पड़ गईं।

दमकल दल ने आग पर काबू पाने के बाद कूलिंग ऑपरेशन चलाया और अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

जांच जारी

अधिकारियों के अनुसार घटना के सटीक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है और संपत्ति के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। यह हादसा ऐसे समय में आया है जब घरेलू एलपीजी सिलेंडर बदलाव के दौरान सुरक्षा सावधानियों को लेकर बार-बार चेतावनियाँ जारी की जाती रही हैं। गौरतलब है कि सिलेंडर बदलते वक्त गैस रिसाव से होने वाले हादसे देशभर में आम होते जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक दोहराया जाने वाला पैटर्न है जो बार-बार जानें ले रहा है। सरकारी एजेंसियाँ सुरक्षा दिशानिर्देश जारी करती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उपभोक्ताओं तक उनकी पहुंच सवालों के घेरे में है। जब तक एलपीजी वितरण के साथ अनिवार्य सुरक्षा प्रशिक्षण नहीं जोड़ा जाता, ऐसे हादसे थमने वाले नहीं।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे के खंडवे नगर में सिलेंडर विस्फोट कैसे हुआ?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुराना एलपीजी सिलेंडर खत्म होने के बाद नया सिलेंडर लगाते वक्त गैस रिसाव हुआ। गैस पूरे कमरे में फैल गई और कुछ देर बाद हुए विस्फोट ने पूरे घर को आग की चपेट में ले लिया।
इस हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कौन घायल हैं?
हादसे में विष्णु गीते (60 वर्ष) और रुंदीवनिका विष्णु गीते (50 वर्ष) की इलाज के दौरान मौत हो गई। पांडुरंग विष्णु गीते (35 वर्ष) की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जबकि 6 वर्षीय निहारिका गीते और उनकी माँ की हालत स्थिर है।
6 साल की निहारिका गीते ने जान कैसे बचाई?
आग और धुएं से घिरने के बाद 6 वर्षीय निहारिका गीते ने पहली मंजिल से छलांग लगा दी। उसे और उसकी माँ को मामूली चोटें आईं और दोनों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
घटना पर दमकल विभाग की क्या प्रतिक्रिया रही?
सूचना मिलते ही खराडी, धानोरी और येरवडा फायर स्टेशन से तीन दमकल वाहन मौके पर भेजे गए। दमकल दल ने आग पर काबू पाने के बाद कूलिंग ऑपरेशन चलाया और फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला।
सिलेंडर बदलते वक्त गैस रिसाव से बचने के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
सिलेंडर बदलते समय सभी बर्नर और चूल्हे बंद रखने चाहिए, कमरे में हवा का आवागमन सुनिश्चित करना चाहिए और रिसाव की आशंका होने पर तुरंत बिजली के स्विच न छुएं। किसी भी गैस की गंध आने पर तत्काल खिड़की-दरवाजे खोलकर बाहर निकलें और गैस एजेंसी को सूचित करें।
राष्ट्र प्रेस
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