पुणे में ₹2.03 करोड़ की अवैध शराब जब्त, 1716 बॉक्स और दो कंटेनर कब्जे में
सारांश
मुख्य बातें
पुणे राज्य उत्पादन शुल्क विभाग की उड़नदस्ता टीम ने 20 मई 2026 को शिरूर तालुका के शिक्रापुर इलाके में छापेमारी कर ₹2 करोड़ 3 लाख 39 हजार 800 रुपए मूल्य की विदेशी शराब और बीयर जब्त की है। इस कार्रवाई में 1716 बॉक्स शराब और दो 6-चक्का कंटेनर भी कब्जे में लिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र में अवैध रूप से लाई जा रही यह शराब अन्य राज्यों में वैध लाइसेंस के साथ बेची जाती है।
मुख्य घटनाक्रम
उप अधीक्षक अनिरुद्ध पाटील के नेतृत्व में उड़नदस्ता टीम ने शिक्रापुर में पहली छापेमारी के दौरान गोवा में बिक्री की अनुमति वाला माल बरामद किया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि यह माल कर्नाटक नंबर के अशोक लेलैंड 6-चक्का कंटेनर से लाया गया था।
इसके बाद टीम ने उस कंटेनर की तलाश शुरू की और वह धुले जिले के मुंबई-आगरा महामार्ग पर लडींग टोल नाका के निकट खड़ा मिला। धुले उत्पादन शुल्क विभाग की सहायता से वाहन और उसके चालक को हिरासत में ले लिया गया।
जब्त माल का विवरण
कंटेनर की गहन जांच में सामने आया कि उसमें कर्नाटक में निर्मित 500 मिली बीयर कैन भरे थे, जिनकी बिक्री केवल गोवा में अनुमत है। इसके अलावा मध्यप्रदेश में निर्मित गोवा व्हिस्की की 750 मिली सीलबंद बोतलें भी मिलीं, जो केवल मध्यप्रदेश में ही वैध रूप से बेची जा सकती हैं। इन उत्पादों को महाराष्ट्र में लाना और बेचना पूरी तरह अवैध है।
अधिकारियों ने 696 बॉक्स शराब जब्त कर ₹81 लाख 27 हजार 600 का माल कब्जे में लिया। पूरे मामले में महाराष्ट्र दारूबंदी कानून 1949 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विभागीय निर्देश और अधिकारी
यह कार्रवाई राज्य उत्पादन शुल्क आयुक्त डॉ. राजेश देशमुख, सह-आयुक्त प्रसाद सुर्वे और पुणे विभाग के उप आयुक्त सागर धोमकर के निर्देश पर की गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार, तस्कर अंतरराज्यीय सीमाओं का फायदा उठाकर विभिन्न राज्यों में वैध शराब को महाराष्ट्र में अवैध रूप से आपूर्ति करने की कोशिश कर रहे थे।
आम जनता पर असर और आगे की कार्रवाई
विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों और शादी के मौसम में इस तरह की अंतरराज्यीय शराब तस्करी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाती है। कंटेनर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की आगे जांच जारी है। इस सफल कार्रवाई के बाद पुणे और आसपास के इलाकों में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगने की उम्मीद है।