पंजाब सरकारी कर्मचारियों को दिवाली तोहफा: CM भगवंत मान ने 3% डीए किस्त जारी करने का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 4 नवंबर 2026, बुधवार को राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) की नई किस्त जारी करने की घोषणा की। इस फैसले से पंजाब के करीब 8 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधी वित्तीय राहत मिलेगी। मान ने इस घोषणा को दिवाली के अवसर पर कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार का विशेष उपहार बताया।
डीए किस्त का ब्यौरा
मुख्यमंत्री मान के अनुसार, 3 प्रतिशत डीए की यह किस्त दिसंबर में मिलने वाली नियमित किस्त के साथ एकमुश्त जारी की जाएगी। यह घोषणा कर्मचारी संगठनों की लंबे समय से लंबित माँग को पूरा करने के उद्देश्य से की गई है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को बधाई भी दी।
पिछले डीए बढ़ोतरी का संदर्भ
गौरतलब है कि इससे पहले 18 सितंबर को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री और विभिन्न कर्मचारी व पेंशनभोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद महंगाई भत्ते की दर 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी गई थी। बढ़ा हुआ भत्ता 1 सितंबर से प्रभावी किया गया था। सितंबर में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी और अब नवंबर में 3 प्रतिशत की अतिरिक्त किस्त — यह पंजाब सरकार की ओर से कर्मचारियों के लिए लगातार राहत का हिस्सा है।
कर्मचारियों की भूमिका पर मान का बयान
मुख्यमंत्री मान ने सरकारी कर्मचारियों को 'प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़' बताते हुए कहा कि वे आम नागरिकों तक सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और समर्पण को सर्वोच्च महत्व देती है, और बेहतर जनसेवाओं के लिए कर्मचारियों की संतुष्टि अनिवार्य है।
कर्मचारी संगठनों की शेष माँगें
डीए बढ़ोतरी के बावजूद कर्मचारी संगठनों की कुछ प्रमुख माँगें अभी भी लंबित हैं। इनमें पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली और सेवा से जुड़े अन्य मुद्दे शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सितंबर में डीए घोषणा से पहले कर्मचारी संगठन कई सप्ताह तक आंदोलन कर चुके थे। इन शेष माँगों पर राज्य सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच अभी बातचीत जारी है।
आगे क्या
दिसंबर में डीए की संयुक्त किस्त जारी होने के बाद पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी। पुरानी पेंशन योजना और अन्य लंबित माँगों पर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच वार्ता का नतीजा आने वाले महीनों में श्रम संबंधों की दिशा तय करेगा।