24 सितंबर 2026
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पंजाब में ईडी छापेमारी राजनीति से प्रेरित, 'आप' को परेशान करने की साजिश: मनीष सिसोदिया

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पंजाब में ईडी छापेमारी राजनीति से प्रेरित, 'आप' को परेशान करने की साजिश: मनीष सिसोदिया

सारांश

मनीष सिसोदिया का सीधा आरोप — पंजाब में ईडी की छापेमारी जांच नहीं, बल्कि चुनावी डर से उपजी राजनीतिक साजिश है। उनका दावा: सैकड़ों छापों में न पैसा मिला, न दस्तावेज — फिर भी टीमें दिनों तक डेरा डाले रहीं।

मुख्य बातें

मनीष सिसोदिया ने 24 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में पंजाब में ईडी की कथित छापेमारी को राजनीति से प्रेरित बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई छापों में न नकदी मिली और न भ्रष्टाचार से जुड़ा कोई दस्तावेज।
एक पार्टी चेयरमैन के घर का ताला तोड़कर प्रवेश करने का दावा किया।
सिसोदिया ने कहा — केंद्र 4 लाख ईडी अधिकारी भी भेजे तो AAP में भ्रष्टाचार नहीं मिलेगा।
ईडी की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने 24 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कथित छापेमारी पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। उनका कहना था कि यह कार्रवाई आगामी चुनाव से पहले आप के नेताओं, कार्यकर्ताओं, सरकारी अधिकारियों और कारोबारियों को निशाना बनाने की सुनियोजित साजिश है।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

सिसोदिया ने दावा किया कि पंजाब में ईडी की टीमें अधिकारियों और AAP से जुड़े लोगों के घरों पर कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन कई मामलों में कथित तौर पर यह भी नहीं बताया जा रहा कि किस मामले या कथित घोटाले की जांच हो रही है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर ईडी की टीमें कई-कई दिनों तक डेरा डाले रहीं।

सिसोदिया के अनुसार, जब AAP कार्यकर्ताओं ने जांचकर्ताओं से पूछा कि वे क्या तलाश रहे हैं, तो कथित तौर पर जवाब मिला कि उन्हें 'ऊपर से आदेश' है। उन्होंने एक पार्टी चेयरमैन के घर का हवाला देते हुए दावा किया कि जब घर में ताला लगा था और संबंधित व्यक्ति मौजूद नहीं थे, तो ईडी की टीम ने ताला तोड़कर प्रवेश किया।

सिसोदिया का केंद्र पर हमला

सिसोदिया ने तीखे शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को पता चल गया है कि पंजाब में वोटों से उसे समर्थन नहीं मिलेगा, इसलिए ईडी को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'केंद्र सरकार 4,000 की जगह 4 लाख ईडी अधिकारी भी पंजाब भेज दे, तो भी AAP में भ्रष्टाचार नहीं मिलेगा।'

उन्होंने यह भी दावा किया कि कई छापों में न तो नकदी मिली और न ही भ्रष्टाचार से जुड़ा कोई दस्तावेज, जो उनके अनुसार इस पूरी कार्रवाई की 'खोखली' प्रकृति को उजागर करता है।

ईडी वाहनों पर तोड़फोड़ के सवाल पर प्रतिक्रिया

ईडी की गाड़ियों पर कथित तोड़फोड़ के बारे में पूछे जाने पर सिसोदिया ने कहा कि उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने पलटकर सवाल किया कि पहले यह बताया जाना चाहिए कि ईडी की टीमें वहाँ क्या कर रही थीं। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि रात में अधिकारियों के रुकने और सुबह चले जाने जैसी बातें सामने आ रही हैं।

विपक्ष के सवाल और AAP का पक्ष

विपक्षी दलों ने सवाल उठाया कि अगर AAP ईमानदार पार्टी है तो ईडी की कार्रवाई पर 'बौखलाहट' क्यों? इस पर सिसोदिया ने कहा कि पार्टी बौखलाई नहीं है, बल्कि अपना पक्ष रख रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि AAP की सरकार ईमानदारी की राजनीति कर रही है और वह न खुद भ्रष्टाचार करती है, न भ्रष्टाचारियों को बख्शती है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ रहा है। ईडी की ओर से अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पंजाब की जनता के लिए यह देखना अहम होगा कि क्या इन आरोपों और जवाबी कार्रवाई का सीधा असर चुनावी माहौल पर पड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो क्या ईडी ने किसी भी मामले में गिरफ्तारी या आरोप-पत्र दाखिल किया? ताला तोड़कर प्रवेश और बिना कारण बताए छापों जैसे दावे, यदि सत्यापित हों, तो वे प्रक्रियागत उल्लंघन के गंभीर मामले हैं — जिन पर न्यायपालिका को संज्ञान लेना चाहिए। चुनाव से ठीक पहले जांच-तंत्र की सक्रियता का पैटर्न देश में कई राज्यों में दोहराया जा चुका है, और जब तक ईडी अपनी कार्रवाई की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक नहीं करती, आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला थमेगा नहीं।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनीष सिसोदिया ने पंजाब में ईडी छापेमारी पर क्या कहा?
मनीष सिसोदिया ने 24 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में कहा कि पंजाब में ईडी की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है और चुनाव से पहले AAP के नेताओं, कार्यकर्ताओं व अधिकारियों को परेशान करने के मकसद से की जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई छापों में न नकदी मिली और न भ्रष्टाचार से जुड़ा कोई दस्तावेज।
क्या ईडी ने पंजाब में बिना वजह बताए छापे मारे?
सिसोदिया के अनुसार, कई मामलों में ईडी की टीमों ने कथित तौर पर अधिकारियों या कार्यकर्ताओं को यह नहीं बताया कि किस मामले या कथित घोटाले की जांच हो रही है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के पूछने पर जवाब मिला कि 'ऊपर से आदेश है।' ईडी ने इन दावों पर अभी तक आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
AAP का यह कहना है कि ईडी राजनीतिक हथियार है — इसका आधार क्या है?
सिसोदिया का तर्क है कि BJP को पंजाब में वोटों से समर्थन नहीं मिलेगा, इसलिए ईडी के जरिए राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि एक पार्टी चेयरमैन के घर का ताला तोड़कर प्रवेश किया गया और कुछ स्थानों पर ईडी टीमें कई-कई दिन डेरा डाले रहीं।
ईडी वाहनों पर तोड़फोड़ के मामले में AAP का क्या रुख है?
सिसोदिया ने कहा कि उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने पलटकर सवाल किया कि पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि ईडी की टीमें वहाँ क्या कर रही थीं।
पंजाब में ईडी की कार्रवाई का चुनाव पर क्या असर पड़ सकता है?
AAP का दावा है कि पंजाब की जनता इन कार्रवाइयों का जवाब वोट के जरिए देगी। विश्लेषकों के अनुसार, चुनाव से पहले इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप से राजनीतिक तापमान और बढ़ सकता है, और मतदाताओं की धारणा पर असर पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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