संजीव अरोड़ा की गुरुग्राम कोर्ट में पेशी आज, ईडी ने ₹150 करोड़ मामले में 4 करीबियों को दिल्ली तलब किया
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पंजाब के पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा को 19 मई 2025 को गुरुग्राम की एक अदालत में पेश करेगी, जहाँ उनकी आठ दिनों की रिमांड समाप्त हो रही है। कथित ₹150 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस मामले में एजेंसी ने समानांतर कार्रवाई करते हुए अरोड़ा के चार करीबियों को दिल्ली स्थित अपने कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया है।
मुख्य घटनाक्रम
संजीव अरोड़ा को ईडी ने 9 मई 2025 को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के अंतर्गत गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद गुरुग्राम की अदालत ने उन्हें 16 मई तक ईडी रिमांड पर भेजा था, जो अब सोमवार को समाप्त हो रही है। इसी दिन एजेंसी उन्हें दोपहर में अदालत के सामने पेश करेगी।
गौरतलब है कि 9 मई को ही ईडी ने चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान चलाया था। तलाशी में वे परिसर भी शामिल थे जो कैबिनेट मंत्री के रूप में अरोड़ा को आवंटित किए गए थे।
किन्हें तलब किया गया
ईडी ने सोमवार को अरोड़ा से जुड़े चार लोगों को संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों सहित दिल्ली कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। तलब किए गए लोगों में शामिल हैं — बसंत गर्ग (आईएएस), हरशरण कौर ट्रेहन (निदेशक, पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड), हेमंत सूद और चंद्र शेखर। अधिकारियों के अनुसार, हेमंत सूद और चंद्र शेखर कथित तौर पर बुकी हैं और अरोड़ा के करीबी सहयोगी बताए जाते हैं।
इससे पहले रविवार को ईडी ने अरोड़ा के बेटे काव्य अरोड़ा से भी पूछताछ की थी, जो इस मामले में जाँच के दायरे के विस्तार का संकेत है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला कथित तौर पर औद्योगिक भूमि को आवासीय परियोजनाओं में बदलने से जुड़ी अनियमितताओं से उपजा है। जिस समय ईडी ने छापेमारी की, उस समय संजीव अरोड़ा राज्यसभा सांसद के पद पर थे। आलोचकों का कहना है कि यह मामला पंजाब में भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।
यह ऐसे समय में आया है जब ईडी ने पिछले कुछ महीनों में राज्य के कई राजनीतिक व प्रशासनिक हस्तियों के खिलाफ पीएमएलए के तहत कार्रवाई तेज की है।
आगे क्या होगा
अदालत में पेशी के बाद ईडी या तो अरोड़ा की रिमांड बढ़ाने की माँग कर सकती है या उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की संभावना है। चार करीबियों की पूछताछ से जाँच में नए तथ्य उभरने की उम्मीद है, जो आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय करेंगे।