राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सपा सांसद नदवी बोले — मुस्लिम आवाज़ उठाए तो 'पाकिस्तानी' कहा जाता है
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी ने 17 जुलाई को नई दिल्ली में राम मंदिर चढ़ावा मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस घटना ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को गहरी ठेस पहुँचाई है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि देश में असहमति की आवाज़ को जातीय या राष्ट्रीय लेबल लगाकर दबाने की प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
राम मंदिर चढ़ावे पर नदवी की प्रतिक्रिया
नदवी ने कहा, 'राम मंदिर में जो घटना हुई है, वह बहुत शर्मनाक है। इस पर जितना मातम किया जाए, उतना कम है। हजारों-लाखों-करोड़ों लोगों की आत्मा और आस्था को सदमा पहुँचा है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भगवान राम के प्रति जनमानस की श्रद्धा अत्यंत गहरी है, जिसका उल्लेख प्रसिद्ध कवि अल्लामा इकबाल ने भी अपनी रचनाओं में किया था।
सांसद ने सवाल उठाया कि जिन लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई, जेवर और संसाधन राम मंदिर के नाम पर दान किए, उनके विश्वास की रक्षा करना अनिवार्य है। उनका कहना था कि चढ़ावे की राशि से कॉलेज, विश्वविद्यालय और अस्पताल जैसे संस्थान बनाए जाने चाहिए थे, जिससे समाज को दीर्घकालिक लाभ मिलता।
असहमति पर 'लेबलिंग' का आरोप
नदवी ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बिंदु उठाते हुए कहा कि यदि पंजाब से कोई आवाज़ उठती है तो उसे 'खालिस्तानी' कह दिया जाता है, और यदि कोई मुस्लिम नेता अपनी बात रखता है तो उसे 'बांग्लादेशी' या 'पाकिस्तानी' करार दे दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह देश सभी नागरिकों का है और हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में अल्पसंख्यक समुदायों की राजनीतिक भागीदारी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस तेज़ हो रही है। आलोचकों का कहना है कि असहमति को राष्ट्र-विरोधी बताने की प्रवृत्ति विमर्श की गुणवत्ता को कमज़ोर करती है।
डिंपल यादव और छात्र आंदोलन को समर्थन
नदवी ने सपा सांसद डिंपल यादव के बयान का भी समर्थन किया। उन्होंने बताया कि वह उस समय डिंपल यादव के साथ मौजूद थे जब उन्होंने कहा था कि समाजवादी पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है। नदवी के अनुसार, पार्टी 20 जुलाई को संसद में छात्रों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाएगी।
गौरतलब है कि सपा सांसद डिंपल यादव ने सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरते हुए 20 जुलाई को पैदल मार्च में शामिल होने की घोषणा की थी।
जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई का मामला
उत्तर प्रदेश के रामपुर में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर भी नदवी ने प्रतिक्रिया दी। रामपुर विकास प्राधिकरण ने बिना स्वीकृत नक्शों के निर्मित इमारतों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश शहरी योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत कार्रवाई का आदेश जारी किया है।
नदवी ने कहा कि यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए सभी ज़रूरी कानूनी कदम उठाए जाएँगे और कानून के दायरे में रहकर हरसंभव प्रयास किया जाएगा। आगे यह मामला न्यायिक प्रक्रिया की दिशा पर निर्भर करेगा।