30 अगस्त 2026
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पूर्णिया रोजगार मेला: पप्पू यादव का 20 हजार युवाओं को नौकरी देने का दावा, इंदिरा गांधी स्टेडियम में उमड़ी भीड़

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पूर्णिया रोजगार मेला: पप्पू यादव का 20 हजार युवाओं को नौकरी देने का दावा, इंदिरा गांधी स्टेडियम में उमड़ी भीड़

सारांश

पूर्णिया के इंदिरा गांधी स्टेडियम में सांसद पप्पू यादव की पहल पर हुए रोजगार मेले में छह जिलों के हजारों युवा उमड़े। आयोजकों का दावा है कि 20 हजार युवाओं को अवसर मिले। अब पटना में 25 हजार युवाओं के लिए और बड़े मेले की तैयारी है।

मुख्य बातें

30 अगस्त 2026 को पूर्णिया के इंदिरा गांधी स्टेडियम में भव्य रोजगार मेले का आयोजन हुआ।
सांसद पप्पू यादव (राजेश रंजन) की पहल पर आयोजित मेले में पूर्णिया, अररिया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल और कटिहार से युवा पहुंचे।
आयोजकों के अनुसार करीब 20 हजार युवाओं को रोजगार अवसर देने का लक्ष्य रखा गया; चयनित अभ्यर्थियों को मौके पर ऑफर लेटर और नियुक्ति पत्र दिए गए।
आईटी, बैंकिंग, बीमा, विनिर्माण, खुदरा समेत कई क्षेत्रों में नौकरियाँ; युवतियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' विकल्प भी।
यादव ने पटना में अगले बड़े मेले का ऐलान किया, जिसमें 25 हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ने का दावा है।

बिहार के पूर्णिया में 30 अगस्त 2026 को इंदिरा गांधी स्टेडियम में एक बड़े रोजगार मेले का आयोजन किया गया, जिसमें पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की पहल पर पूर्णिया, अररिया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल और कटिहार जिलों से हजारों युवा पहुंचे। आयोजकों के अनुसार, इस मेले के जरिए करीब 20 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था।

मुख्य घटनाक्रम

स्टेडियम परिसर में सुबह से ही युवाओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। अलग-अलग कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने मौके पर अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया और शैक्षणिक योग्यता, कौशल तथा अनुभव के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी की। दस्तावेज सत्यापन के लिए अलग-अलग काउंटर स्थापित किए गए थे, जहाँ शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जाँच के बाद चयनित अभ्यर्थियों को मंच पर बुलाकर ऑफर लेटर और नियुक्ति पत्र सौंपे गए।

किन क्षेत्रों में मिले अवसर

मेले में आईटी, बैंकिंग, वाहन उद्योग, बीमा, आतिथ्य, विनिर्माण, खुदरा, बिक्री और विपणन समेत कई क्षेत्रों में नौकरियाँ उपलब्ध कराई गईं। आठवीं, बारहवीं, इंटरमीडिएट, आईटीआई, स्नातक, स्नातकोत्तर, बीसीए और एमबीए तक की विभिन्न शैक्षणिक योग्यताओं वाले अभ्यर्थियों के लिए पद उपलब्ध थे। बड़ी संख्या में युवतियाँ भी मेले में पहुंचीं, जिनके लिए आयोजकों की ओर से 'वर्क फ्रॉम होम' के विकल्प भी प्रस्तुत किए गए।

पप्पू यादव की प्रतिक्रिया और आगे की योजना

सांसद पप्पू यादव ने कहा कि पूर्णिया में करीब 20 हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के बाद अब पटना में इससे भी बड़े स्तर पर रोजगार मेले की तैयारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पटना मेले में करीब 25 हजार युवाओं को नौकरी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। यादव ने कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है — जरूरत केवल उन्हें योग्यता के अनुरूप अवसर देने की है।

आम जनता पर असर

यह मेला ऐसे समय में आया है जब बिहार में युवा बेरोजगारी एक बड़ी राजनीतिक और सामाजिक चुनौती बनी हुई है। गौरतलब है कि सीमांचल क्षेत्र — जिसमें पूर्णिया, अररिया, कटिहार और किशनगंज शामिल हैं — पारंपरिक रूप से रोजगार के सीमित स्थानीय अवसरों के कारण पलायन से प्रभावित रहा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर कंपनियों और अभ्यर्थियों को एक मंच पर लाने की यह कोशिश क्षेत्र के युवाओं के लिए नई उम्मीद के रूप में देखी जा रही है।

क्या होगा आगे

सांसद यादव के अनुसार, पटना में प्रस्तावित रोजगार मेला पूर्णिया से भी बड़े पैमाने पर होगा। पटना मेले की तारीख और स्थान की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन युवाओं के बीच इसे लेकर उत्सुकता पहले से ही बन गई है। यह देखना होगा कि मेले में जारी किए गए ऑफर लेटर और नियुक्ति पत्र वास्तविक और दीर्घकालिक रोजगार में कितने तब्दील होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन रोजगार मेलों में मौके पर बाँटे गए ऑफर लेटर और वास्तविक, टिकाऊ नौकरी के बीच का फर्क अक्सर बड़ा होता है — और इसका कोई स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है। बिहार में ऐसे मेले अक्सर राजनीतिक दृश्यता के लिए भी आयोजित होते हैं, खासकर चुनावी चक्र के करीब। असली कसौटी यह होगी कि छह महीने बाद इनमें से कितने युवा वास्तव में नियमित वेतन पर कार्यरत हैं — जो आँकड़ा शायद ही कभी सार्वजनिक होता है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्णिया रोजगार मेला कब और कहाँ आयोजित हुआ?
यह रोजगार मेला 30 अगस्त 2026 को पूर्णिया के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित किया गया। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की पहल पर हुए इस मेले में छह जिलों के युवा शामिल हुए।
रोजगार मेले में कितने युवाओं को नौकरी मिली?
आयोजकों के दावे के अनुसार मेले के जरिए करीब 20 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था। चयनित अभ्यर्थियों को मौके पर ही ऑफर लेटर और नियुक्ति पत्र दिए गए, हालांकि इसका स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है।
मेले में किन क्षेत्रों में नौकरियाँ उपलब्ध थीं?
मेले में आईटी, बैंकिंग, वाहन उद्योग, बीमा, आतिथ्य, विनिर्माण, खुदरा, बिक्री और विपणन समेत कई क्षेत्रों में अवसर थे। आठवीं से एमबीए तक की विभिन्न शैक्षणिक योग्यताओं वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते थे।
पप्पू यादव का अगला रोजगार मेला कहाँ और कितने युवाओं के लिए होगा?
सांसद पप्पू यादव ने पटना में इससे भी बड़े रोजगार मेले के आयोजन की घोषणा की है, जिसमें करीब 25 हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। मेले की तारीख और स्थान की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
इस मेले में युवतियों के लिए क्या विशेष व्यवस्था थी?
मेले में बड़ी संख्या में युवतियाँ भी शामिल हुईं और आयोजकों की ओर से उनके लिए 'वर्क फ्रॉम होम' यानी घर से काम करने के विशेष अवसर भी उपलब्ध कराए गए।
राष्ट्र प्रेस
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