29 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

स्वास्थ्य सेवाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का नासिक में आह्वान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
स्वास्थ्य सेवाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का नासिक में आह्वान

सारांश

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नासिक में स्पष्ट संदेश दिया — गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं केवल शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचनी चाहिए। उन्होंने सरकार-निजी क्षेत्र के समन्वय, चिकित्सा अनुसंधान और योग-आधारित जीवनशैली को भारत के स्वास्थ्य भविष्य की नींव बताया।

मुख्य बातें

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 12 जुलाई 2026 को नासिक, महाराष्ट्र में एक निजी स्वास्थ्य सुविधा का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी संस्थानों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि स्वास्थ्य सेवाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचें।
आयुष्मान भारत , मेडिकल कॉलेजों में सीटों की वृद्धि और चिकित्सा अवसंरचना विस्तार को सरकार की प्रमुख उपलब्धि बताया।
कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय वैज्ञानिकों के वैक्सीन योगदान को देश की वैज्ञानिक क्षमता का प्रमाण बताया।
विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 12 जुलाई 2026 को नासिक, महाराष्ट्र में एक निजी स्वास्थ्य सुविधा का उद्घाटन करते हुए स्पष्ट किया कि सरकारी और निजी संस्थानों को साझा प्रयासों से यह सुनिश्चित करना होगा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं समाज के सबसे वंचित व्यक्ति तक पहुँचें। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देशवासियों के स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।

मुख्य घटनाक्रम

बिरला ने नासिक में आयोजित इस कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदैव स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित किया है। उन्होंने रेखांकित किया कि योग आज विश्वभर के लोगों के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है और इसका श्रेय भारत की सांस्कृतिक विरासत को जाता है। उन्होंने पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने की भी जरूरत बताई।

सरकार की स्वास्थ्य नीति पर जोर

लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य ढाँचे को सुदृढ़ करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। आयुष्मान भारत जैसी बड़ी योजनाओं के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाई गई हैं और चिकित्सा अवसंरचना का विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की सहभागिता से नए मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं, गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधाएं बेहतर हो रही हैं और अनुसंधान पर भी ध्यान बढ़ा है।

चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार की अनिवार्यता

बिरला ने चिकित्सा अनुसंधान की महत्ता पर विशेष बल देते हुए कहा कि मेडिकल पेशेवरों और संस्थानों को मौजूदा और उभरती बीमारियों की चुनौतियों के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार में अपनी क्षमताएं और अधिक विकसित करनी होंगी। उन्होंने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता भी रेखांकित की।

महामारी से मिली सीख और भारत की क्षमता

बिरला ने स्मरण दिलाया कि एक समय था जब भारत स्वास्थ्य सेवा के कई क्षेत्रों में विकसित देशों पर निर्भर था। किंतु कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय वैज्ञानिकों ने वैक्सीन निर्माण में अभूतपूर्व योगदान दिया, जिसने वैश्विक संकट के समय मानवता की सेवा की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की वैज्ञानिक क्षमता का प्रमाण है।

आगे की राह

लोकसभा अध्यक्ष ने जोर दिया कि नई और अप्रत्याशित बीमारियाँ कभी भी उभर सकती हैं, इसलिए चिकित्सा अवसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक क्षमता में निरंतर निवेश आवश्यक है। केंद्र सरकार और निजी क्षेत्र के बीच इस दिशा में प्रभावी समन्वय ही भारत को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सक्षम बनाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डॉक्टर-रोगी अनुपात अभी भी विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों से पीछे है। निजी स्वास्थ्य सुविधा के उद्घाटन पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी की वकालत करना स्वाभाविक है, किंतु असली कसौटी यह होगी कि ये सुविधाएं किफायती दरों पर आम जन को सेवाएं दें या केवल संपन्न वर्ग तक सीमित रहें। चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार केंद्रों की माँग सराहनीय है, परंतु उसके लिए ठोस बजट प्रावधान और स्वायत्त संस्थागत ढाँचे की दरकार होती है, जिसका उल्लेख इस अवसर पर नहीं हुआ।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नासिक में क्या कहा?
ओम बिरला ने 12 जुलाई 2026 को नासिक में एक निजी स्वास्थ्य सुविधा के उद्घाटन पर कहा कि सरकारी और निजी संस्थानों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सकें। उन्होंने योग, चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार को भारत के स्वास्थ्य भविष्य के लिए अनिवार्य बताया।
आयुष्मान भारत योजना क्या है और बिरला ने इसका जिक्र क्यों किया?
आयुष्मान भारत केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अस्पताल में मुफ्त इलाज की सुविधा देती है। बिरला ने इसे स्वास्थ्य ढाँचे को मजबूत करने की दिशा में सरकार के अहम कदमों में से एक बताया।
भारत में चिकित्सा अनुसंधान को लेकर बिरला ने क्या सुझाव दिए?
बिरला ने कहा कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और निजी क्षेत्र को मिलकर नई बीमारियों से निपटने के लिए प्रभावी वैज्ञानिक समाधान विकसित करने चाहिए।
कोविड-19 महामारी का भारत की वैज्ञानिक क्षमता से क्या संबंध बताया गया?
बिरला ने कहा कि एक समय भारत स्वास्थ्य सेवा के कई क्षेत्रों में विकसित देशों पर निर्भर था, लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय वैज्ञानिकों ने वैक्सीन निर्माण में अभूतपूर्व योगदान दिया। यह उपलब्धि भारत की बढ़ती वैज्ञानिक क्षमता का प्रमाण है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सरकार और निजी क्षेत्र की भूमिका क्या होनी चाहिए?
बिरला के अनुसार, सरकार और निजी क्षेत्र को अनुसंधान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने तथा नई बीमारियों से निपटने के लिए साझा रणनीति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की भागीदारी से नए मेडिकल कॉलेज और बेहतर चिकित्सा अवसंरचना तैयार हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले