क्या एआईएडीएमके के पूर्व विधायक राजेंद्रन ने डीएमके में शामिल होने की चर्चाओं के बीच राजनीति छोड़ दी?

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क्या एआईएडीएमके के पूर्व विधायक राजेंद्रन ने डीएमके में शामिल होने की चर्चाओं के बीच राजनीति छोड़ दी?

सारांश

राजेंद्रन का चुनावी राजनीति से संन्यास लेना तमिलनाडु की राजनीतिक दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। इस निर्णय ने उनके समर्थकों में हलचल मचा दी है। क्या यह तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत है?

Key Takeaways

  • राजेंद्रन ने चुनावी राजनीति से संन्यास लिया है।
  • उनका निर्णय व्यक्तिगत और चिकित्सीय सलाह पर आधारित है।
  • राजेंद्रन आधिकारिक राजनीति से दूर रहेंगे।
  • उनके समर्थकों के लिए यह एक बड़ा झटका है।
  • यह निर्णय तमिलनाडु की राजनीतिक दिशा में परिवर्तन ला सकता है।

चेन्नई, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लंबे समय से चल रही राजनीतिक अटकलों का अंत करते हुए, एआईएडीएमके के पूर्व विधायक आर.टी. राजेंद्रन ने गुरुवार को चुनावी राजनीति से संन्यास लेने का निर्णय लिया।

हाल ही में यह चर्चा थी कि वे सत्तारूढ़ डीएमके में शामिल होने वाले हैं, लेकिन उन्होंने अब सार्वजनिक जीवन से अलग होने का निर्णय लिया है, जिससे तमिलनाडु में उनके लंबी राजनीतिक यात्रा का समापन होता है।

राजेंद्रन ने 2016 से पेराम्बलूर जिले के कुन्नम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन 2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके के एस.एस. शिवशंकर से हार गए थे।

उन्होंने कहा कि उनका यह निर्णय व्यक्तिगत विचारों, चिकित्सक की सलाह और सार्वजनिक सेवा के वर्षों के अनुभव पर आधारित है।

राजेंद्रन एआईएडीएमके के पेराम्बलूर जिला सचिव रह चुके हैं। उनकी यह घोषणा ऐसे समय पर आई है जब राज्य में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, और पार्टियां 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले अपनी स्थिति को मजबूत करने के प्रयास कर रही हैं।

हाल के हफ्तों में, लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं कि राजेंद्रन डीएमके में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं, खासकर एआईएडीएमके की गतिविधियों से उनकी अनुपस्थिति को देखते हुए। हालांकि, राजेंद्रन ने अब किसी भी पार्टी में शामिल होने से स्पष्ट इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि वे पूरी तरह से राजनीति से हटने का निर्णय लिया है।

अपने समर्थकों और सहयोगियों को एक संक्षिप्त संदेश में, राजेंद्रन ने कहा कि उन्होंने पहले ही अपने करीबी मित्रों को अपने फैसले के बारे में सूचित कर दिया था। उन्होंने विधायक के रूप में मिले समर्थन के लिए कुन्नम के लोगों का आभार व्यक्त किया और अपने सार्वजनिक जीवन को संतोषजनक बताया। अब वे अपना समय व्यक्तिगत और पारिवारिक जिम्मेदारियों को देना चाहते हैं।

राजेंद्रन को एक जमीनी नेता के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने अपने राजनीतिक करियर में निर्वाचन क्षेत्र-स्तरीय जुड़ाव के लिए प्रतिष्ठा बनाई। कुन्नम क्षेत्र में उनके प्रभाव ने उन्हें अन्य पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण बना दिया था। राजनीतिक विश्लेषक राजेंद्रन के इस कदम को महत्वपूर्ण मानते हैं, खासकर ऐसे समय में जब अनुभवी नेताओं को सक्रिय राजनीति में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

हालांकि, उनका यह निर्णय एआईएडीएमके के लिए एक नए अध्याय का अंत है। डीएमके के नेताओं ने भी उनके इस निर्णय का सम्मान करने की बात कही है।

Point of View

बल्कि यह तमिलनाडु की राजनीतिक परिदृश्य को भी प्रभावित करेगा। ऐसे समय में जब पार्टियां अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं, राजेंद्रन का यह निर्णय महत्वपूर्ण है।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

राजेंद्रन ने राजनीति छोड़ने का निर्णय क्यों लिया?
राजेंद्रन ने व्यक्तिगत विचारों और अपने चिकित्सक की सलाह के आधार पर राजनीति छोड़ने का निर्णय लिया।
क्या राजेंद्रन डीएमके में शामिल होंगे?
राजेंद्रन ने किसी भी पार्टी में शामिल होने से स्पष्ट इनकार किया है।
राजेंद्रन का राजनीतिक करियर कैसा रहा है?
राजेंद्रन ने 2016 से पेराम्बलूर जिले के कुन्नम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और 2021 में चुनाव हार गए थे।
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