राबड़ी देवी आवास विवाद: प्रभुनाथ यादव बोले — 39 नंबर बंगला भूतहा है, वहाँ नहीं जाएंगे
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने का आदेश मिलने के बाद पटना में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। 18 जून को मिली जानकारी के अनुसार, राबड़ी देवी के सरकारी बंगले से कुछ सामान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सरकारी निवास 1 पोलो रोड पर भेजा गया है। हालाँकि, परिवार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह आवास पूरी तरह अभी खाली नहीं किया जा रहा — केवल कुछ सामान स्थानांतरित किया गया है।
प्रभुनाथ यादव का बयान
राबड़ी देवी के बड़े भाई प्रभुनाथ सिंह यादव ने गुरुवार को कहा कि आवास खाली करने की प्रक्रिया अभी औपचारिक रूप से शुरू नहीं हुई है। उन्होंने कहा, 'घर अभी खाली नहीं किया जा रहा है। सिर्फ छोटा-मोटा सामान ही दूसरी जगह ले जाया जा रहा है। इसे कभी न कभी तो खाली करना ही होगा — जब खाली करने का आदेश है तो खाली तो करना ही होगा।'
उन्होंने यह भी बताया कि परिवार की इच्छा थी कि जब तक सदस्यता बनी रहे, तब तक आवास में रहने की अनुमति मिले, लेकिन सरकार ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया।
सरकार के फैसले पर सवाल
प्रभुनाथ यादव ने सरकार के इस कदम को एकतरफा बताते हुए कहा कि यदि आवास खाली कराने की नीति लागू करनी थी, तो अन्य नेताओं के बंगलों की भी समीक्षा होनी चाहिए थी। उन्होंने नाम लेते हुए कहा, 'अगर खाली ही कराना था तो जीतन राम मांझी का खाली कराते, नीतीश कुमार का खाली कराते, संजय झा हैं, देवेश चंद्र ठाकुर हैं, शहनवाज हुसैन हैं।' उनका इशारा था कि यह कार्रवाई चुनिंदा तरीके से की जा रही है।
39 नंबर बंगले पर प्रभुनाथ की आपत्ति
परिवार को वैकल्पिक आवास के रूप में 39 नंबर बंगला आवंटित किए जाने की चर्चा है, लेकिन प्रभुनाथ यादव ने साफ कहा कि वहाँ जाने का कोई इरादा नहीं है। उनके अनुसार, '39 नंबर बंगला भूतहा है, वहाँ कभी भी नहीं जाएंगे।' उन्होंने कहा कि जब मौजूदा बंगला खाली करना होगा, तो परिवार आसपास ही किसी किराये के मकान में चला जाएगा।
आगे क्या होगा
यह विवाद बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है, क्योंकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) इसे सत्तारूढ़ गठबंधन की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई के रूप में पेश कर रही है। गौरतलब है कि राबड़ी देवी दशकों से इस सरकारी आवास में रह रही हैं और यह मामला अब न्यायिक या प्रशासनिक समीक्षा की दिशा में जा सकता है।