राहुल गांधी का आरोप: केंद्र सरकार किसानों के हितों का बलिदान कर रही है अमेरिका के दबाव में

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राहुल गांधी का आरोप: केंद्र सरकार किसानों के हितों का बलिदान कर रही है अमेरिका के दबाव में

सारांश

राहुल गांधी ने किसानों के मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वह अमेरिका के दबाव में उनके हितों का बलिदान करने को राजी है। उन्होंने कृषि नीति में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया है।

Key Takeaways

  • केंद्र सरकार अमेरिका के दबाव में किसानों के हितों का बलिदान कर सकती है।
  • कृषि को देश की नींव माना गया है।
  • छोटे किसानों को सुरक्षा प्रदान करने की आवश्यकता है।
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य और भंडारण अवसंरचना में सुधार की आवश्यकता है।
  • आगामी चुनावों में किसानों की आवाज को प्रमुखता दी जानी चाहिए।

वायनाड, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी ने गुरुवार को किसानों को भारत की आर्थिक और राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रखते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिका के दबाव में उनके हितों का बलिदान करने को तैयार है।

कन्नूर जिले के पेरावूर में आयोजित करशका संगमम की एक बड़ी जनसभा में, राहुल गांधी ने कृषि को भारत की नींव बताया और चेतावनी दी कि कोई भी व्यापार समझौता जो अत्यधिक मशीनीकृत अमेरिकी खेतों को भारतीय बाजारों तक पहुंच देगा, छोटे और सीमांत किसानों को विनाश की ओर ले जाएगा।

उन्होंने कहा कि यदि छोटे किसानों को विशाल मशीनीकृत खेतों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए मजबूर किया जाता है, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था कमजोर हो जाएगी।

सांसद राहुल गांधी ने कृषि नीति को सरकार की व्यापक राजनीतिक और वित्तीय प्राथमिकताओं से जोड़कर अपने हमले को और तीव्र किया।

राहुल गांधी ने वायनाड के पूर्व सांसद के रूप में बोलते हुए ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में मानव-पशु संघर्ष को आजीविका के लिए एक गंभीर मुद्दा बताया।

उन्होंने इसे एक जटिल चुनौती कहा, जिसके लिए समन्वित नीतिगत हस्तक्षेप, वैज्ञानिक योजना और प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।

चुनाव नजदीक होने के कारण, राहुल गांधी ने किसानों से संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे के घोषणापत्र को सीधे आकार देने की अपील की और वादा किया कि भावी सरकार एक दूरस्थ प्राधिकरण के बजाय एक सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करेगी।

उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने, कोल्ड चेन और भंडारण अवसंरचना का विस्तार करने और फसल खराब होने या बाजार में मंदी के समय त्वरित वित्तीय सहायता प्रदान करने जैसी प्रतिबद्धताओं का उल्लेख किया।

सम्मेलन को व्यापक राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बताते हुए, विपक्ष के नेता गांधी ने कहा कि आने वाले महीनों में यह तय होगा कि नीति बड़े व्यापारियों के पक्ष में होगी या उन लाखों छोटे किसानों के पक्ष में, जो देश की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बनाए रखते हैं।

Point of View

खासकर जब अमेरिका जैसे विदेशी दबावों का सामना करना पड़ता है।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

राहुल गांधी ने किसानों के मुद्दे पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिका के दबाव में किसानों के हितों का बलिदान करने को तैयार है।
कृषि नीति में क्या बदलाव की आवश्यकता है?
राहुल गांधी ने कहा कि कृषि नीति को छोटे किसानों के हितों की रक्षा करनी चाहिए, ताकि वे बड़े मशीनीकृत खेतों से प्रभावित न हों।
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