राहुल गांधी लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं: भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने 8 अक्टूबर 2026 को रांची में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को लगातार बदनाम करने का आरोप लगाया। शाहदेव ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल गांधी की हालिया टिप्पणियों को असंवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई। इसी प्रेस वार्ता में उन्होंने वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
राहुल गांधी पर भाजपा का पलटवार
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राहुल गांधी यदि चुनाव आयोग से संबंधित किसी मुद्दे पर असहमति रखते हैं, तो उन्हें भीड़ के साथ पहुँचने के बजाय संवैधानिक प्रक्रिया के तहत प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से बात करनी चाहिए थी। उन्होंने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों को भी निराधार बताते हुए कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया ही दोषपूर्ण है, तो कांग्रेस के सांसदों और विधायकों को भी अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे भी उन्हीं चुनावों के ज़रिए निर्वाचित हुए हैं।
शाहदेव ने यह भी कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहाँ भी इसी चुनावी व्यवस्था के तहत चुनाव हुए हैं — ऐसे में सुविधानुसार आयोग पर सवाल उठाना दोहरे मानदंड को दर्शाता है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय सहित अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर राहुल गांधी की कथित टिप्पणियों को लेकर भी आपत्ति जताई और कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर प्रश्न उठाने से पहले संवैधानिक प्रक्रियाओं का सम्मान ज़रूरी है।
प्रदर्शन के दौरान व्यवहार पर सवाल
शाहदेव ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, परंतु प्रदर्शन के दौरान जो घटनाएँ सामने आईं, वे सभ्यता की सीमा में नहीं थीं। उन्होंने एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ राहुल गांधी के कथित व्यवहार को अनुचित करार दिया। साथ ही, प्रियंका गांधी के प्रदर्शन से जुड़े वीडियो का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेताओं पर अराजकता को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया।
नाना पाटेकर को भावभीनी श्रद्धांजलि
शाहदेव ने अभिनेता नाना पाटेकर के निधन को देश और फिल्म जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि साधारण परिवार से निकलकर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में सुपरस्टार का मुकाम हासिल करना अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि थी। पुलिस अधिकारी, माफिया डॉन, डाकुओं के सरदार, पंडित और साधु जैसे विविध किरदारों में नाना पाटेकर की अभिनय क्षमता उन्हें एक अत्यंत बहुमुखी कलाकार बनाती थी — जिनके नाम बेस्ट एक्टर, बेस्ट विलेन और बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के सम्मान जुड़े रहे।
रूपी सोरेन के संघर्ष को सलाम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन के निधन पर शाहदेव ने कहा कि राजनीतिक विचारधारा भले ही अलग हो, दुख की इस घड़ी में भाजपा परिवार हेमंत सोरेन के साथ खड़ा है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले एक वर्ष में हेमंत सोरेन के लिए यह व्यक्तिगत दृष्टि से अत्यंत कठिन समय रहा है — पहले उनके पिता शिबू सोरेन का निधन हुआ और अब माता का भी साथ छूट गया। शाहदेव ने कहा कि झारखंड आंदोलन के दौरान जब शिबू सोरेन परिवार से दूर संघर्षरत थे, तब रूपी सोरेन ने बच्चों के पालन-पोषण की पूरी ज़िम्मेदारी अकेले उठाई — बड़े नेताओं की ऐसी गुमनाम कड़ियों का योगदान अक्सर इतिहास में अनकहा रह जाता है।
यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर तनाव राष्ट्रीय स्तर पर गहरा हो रहा है। आने वाले दिनों में इस विवाद के और तीखा होने की संभावना है।