लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण पर हंगामा, रिजिजू बोले— 'बेवकूफ और अंधभक्त शब्द असंसदीय'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 29 जुलाई को लोकसभा में उस समय जबरदस्त हंगामा मच गया जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान अपना संबोधन दे रहे थे। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में असंसदीय भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद सत्तापक्ष के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई।
मुख्य घटनाक्रम
राहुल गांधी एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान बोल रहे थे, जब उन्होंने अपने संबोधन में 'बेवकूफ' और 'अंधभक्त' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इसके तत्काल बाद सत्तापक्ष के सांसद उत्तेजित हो उठे और सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया। स्थिति काफी देर तक अनियंत्रित रही।
रिजिजू की प्रतिक्रिया
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'राहुल गांधी ने असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर सत्तापक्ष के सदस्य उत्तेजित हुए हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'आपको पता है कि असंसदीय शब्दों को लेकर नियम हमने नहीं बनाए हैं। नियमों के मुताबिक संसदीय मर्यादा में रहते हुए आपको बात करनी है तो हम आपकी बात सुन रहे हैं। बार-बार आपने असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया। हमने आपके भाषण को बाधित नहीं करना चाहा।'
रिजिजू ने राहुल गांधी से अनुरोध करते हुए कहा, 'आप नेता विपक्ष हैं। आप ऐसे परिस्थिति खराब न करें। स्पीकर साहब ने भी जिक्र किया है।' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान विपक्षी सदस्य प्रधानमंत्री की सीट के नज़दीक तक आ गए थे और उन्हें बोलने से रोकने का प्रयास किया गया था।
राजनाथ सिंह की माँग
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष से राहुल गांधी द्वारा प्रयुक्त असंसदीय शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने की औपचारिक माँग की। यह ऐसे समय में आया जब सदन में एंटी पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा जारी थी।
स्पीकर का हस्तक्षेप
लोकसभा अध्यक्ष ने स्थिति स्पष्ट करते हुए हस्तक्षेप किया और बाद में राहुल गांधी को पुनः सदन में अपनी बात रखने का अवसर प्रदान किया। गौरतलब है कि संसद के नियमों के अनुसार असंसदीय भाषा को कार्यवाही से हटाया जा सकता है।
आगे क्या
यह विवाद संसद के मानसून सत्र में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बढ़ते तनाव की एक और कड़ी है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के हंगामे से महत्वपूर्ण विधायी कार्य बाधित होता है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि लोकसभा अध्यक्ष संबंधित शब्दों को कार्यवाही से हटाने के संदर्भ में क्या निर्णय लेते हैं।